सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 31 JULY 2026
कक्षा ५ में एक नया छात्र आया – उसका नाम अर्जुन था – पहले दिन उसे सामने आकर अपना परिचय देना था – वह बोला – "मुझे बहुत डर लग रहा है – मुझे कुछ सूझ नहीं रहा।" मैंने कहा – "अर्जुन, अगर तुम कहो – 'मेरे मुँह में राम-राम हो गया' – तो कितना अच्छा लगेगा!" वह हैरान होकर बोला – "सर, मुँह में राम-राम कैसे हो जाता है?" मैंने समझाया – "यह कोई सच्ची बात नहीं – यह तो मुहावरा है – इसका मतलब है – इतना डर जाना कि कुछ सूझ न पाए – बस 'राम-राम' करते रहो।" तब उसे समझ आया – मुहावरे वे विशेष वाक्यांश होते हैं – जिनका शाब्दिक अर्थ नहीं – बल्कि लाक्षणिक अर्थ होता है – ये भाषा को प्रभावशाली, रोचक और सजीव बनाते हैं – जैसे – 'परीक्षा देखते ही राम के मुँह में राम-राम हो गया' – इसका मतलब – राम बहुत डर गया – सच में उसके मुँह में भगवान नहीं आए! इस पोस्ट में हम कक्षा 5-6 के स्तर पर मुहावरों की अवधारणा, उनके अर्थ, प्रयोग, और 25+ मुहावरों की सूची – को सरल उदाहरणों और अभ्यास के साथ समझेंगे – ताकि आपकी भाषा प्रवाहपूर्ण, प्रभावशाली और मनोरंजक बने।
✅ अनुशंसित: कक्षा 5-6 | CBSE एवं UP Board
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- 1. मुहावरा क्या है? – परिभाषा और बुनियादी समझ
- 2. मुहावरे क्यों ज़रूरी हैं? – भाषा में प्रभाव और रुचि
- 3. मुहावरे की पहचान – शाब्दिक और लाक्षणिक अर्थ
- 4. रोज़मर्रा के 25 मुहावरे – अर्थ और वाक्य प्रयोग
- 5. मुहावरे याद रखने की ट्रिक्स और सामान्य गलतियाँ
- 6. मुहावरों का अभ्यास – पहचान और प्रयोग
- 7. हल सहित उदाहरण (5)
- 8. अभ्यास प्रश्न (5)
- 📝 वर्कशीट: मुहावरे
1. मुहावरा क्या है? – परिभाषा और बुनियादी समझ
मुहावरा (Idiom) – एक विशेष वाक्यांश या मुहावरेदार अभिव्यक्ति – जिसका शाब्दिक अर्थ (शब्दों का सीधा अर्थ) नहीं – बल्कि लाक्षणिक अर्थ (अलग अर्थ) होता है – मुहावरा कहलाता है। मुहावरे भाषा को प्रभावशाली, रोचक और सजीव बनाते हैं – ये किसी भी बात को संक्षिप्त और प्रभावी ढंग से कहने का साधन हैं। उदाहरण – "मुँह में राम-राम हो जाना" – इसका शाब्दिक अर्थ नहीं "मुँह में भगवान राम आ जाना" – बल्कि इसका लाक्षणिक अर्थ है – "बहुत डर जाना" या "कुछ सूझ न पाना"।
उदाहरण –
- “मुँह में राम-राम हो जाना” = बहुत डर जाना
- “आँखों का तारा होना” = बहुत प्यारा होना
- “चाँद पर थूकना” = बड़ों का अपमान करना
- “उल्टी गंगा बहाना” = अनुचित तरीका अपनाना
मुहावरे कैसे बनते हैं? – ये अक्सर लोक-भाषा, रोज़मर्रा की बातचीत, और लोक-जीवन से लिए जाते हैं – ये संस्कृति और समाज को दर्शाते हैं – और इन्हें सीखने से न केवल भाषा अच्छी होती है – बल्कि साहित्य और लोक-जीवन की समझ भी बढ़ती है। कक्षा 5-6 में मुहावरों का परिचय बहुत ज़रूरी है – क्योंकि यहीं से बच्चे भाषा के रोचक और प्रभावी पहलू को समझने लगते हैं।
2. मुहावरे क्यों ज़रूरी हैं? – भाषा में प्रभाव और रुचि
मुहावरे भाषा को साधारण से असाधारण बना देते हैं – आइए देखें कि ये क्यों ज़रूरी हैं:
- भाषा को प्रभावशाली बनाना – “वह बहुत डर गया” – साधारण – “उसके मुँह में राम-राम हो गया” – मुहावरे से प्रभाव बढ़ा।
- संक्षिप्तता – एक मुहावरा पूरी बात को संक्षिप्त में कह देता है – “बहुत डर जाना” की जगह “राम-राम हो जाना” – छोटा और प्रभावी।
- रुचि और आकर्षण – मुहावरों से भरी भाषा सुनने में अच्छी लगती है – बोरिंग नहीं लगती।
- संस्कृति का दर्पण – मुहावरे समाज और संस्कृति को दर्शाते हैं – “चाँद पर थूकना” – बड़ों का अपमान – यह भारतीय संस्कृति में बड़ों के प्रति सम्मान दिखाता है।
3. मुहावरे की पहचान – शाब्दिक और लाक्षणिक अर्थ
मुहावरे को पहचानने का सबसे आसान तरीका – शाब्दिक अर्थ और लाक्षणिक अर्थ का अंतर समझना:
| शब्द/मुहावरा | शाब्दिक अर्थ (सीधा अर्थ) | लाक्षणिक अर्थ (मुहावरेदार अर्थ) |
|---|---|---|
| मुँह में राम-राम हो जाना | मुँह में भगवान राम आ जाना | बहुत डर जाना, कुछ सूझ न पाना |
| आँखों का तारा होना | आँखों का सितारा होना | बहुत प्यारा होना |
| चाँद पर थूकना | चाँद पर थूक मारना | बड़ों का अपमान करना |
| उल्टी गंगा बहाना | गंगा उल्टी बहाना | अनुचित तरीका अपनाना |
4. रोज़मर्रा के 25 मुहावरे – अर्थ और वाक्य प्रयोग
यहाँ 25 सबसे आम मुहावरों की सूची है – जो कक्षा 5-6 के स्तर पर बहुत उपयोगी हैं – इन्हें याद करें और वाक्यों में प्रयोग करें:
| मुहावरा | अर्थ (लाक्षणिक) | वाक्य प्रयोग |
|---|---|---|
| मुँह में राम-राम हो जाना | बहुत डर जाना, कुछ सूझ न पाना | “प्रिंसिपल को देखकर राम के मुँह में राम-राम हो गया।” |
| आँखों का तारा होना | बहुत प्यारा होना | “सीता अपनी दादी की आँखों की तारा है।” |
| चाँद पर थूकना | बड़ों का अपमान करना | “बच्चों को बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए – यह चाँद पर थूकने जैसा है।” |
| उल्टी गंगा बहाना | अनुचित तरीका अपनाना | “उसने परीक्षा में उल्टी गंगा बहाई – नकल करते हुए पकड़ा गया।” |
| हाथ-पैर मारना | बहुत कोशिश करना | “मैंने हाथ-पैर मारकर यह काम पूरा किया।” |
| आँखें बिछाना | बहुत प्रतीक्षा करना | “माँ ने अपनी आँखें बिछा रखी थीं।” |
| नाक में दम करना | बहुत परेशान करना | “शोर ने सबकी नाक में दम कर दिया।” |
| कान पर जूँ न रेंगना | कोई असर न होना | “उसकी बातों का मुझ पर कोई असर नहीं – कान पर जूँ नहीं रेंगती।” |
| पानी-पानी हो जाना | बहुत शर्मिंदा होना | “गलती होने पर वह पानी-पानी हो गया।” |
| चिराग़ तले अंधेरा | अपने घर में कोई कमी | “वह दूसरों को पढ़ाता है – पर उसके बेटे को पढ़ाई नहीं – चिराग़ तले अंधेरा।” |
| अपनी खिचड़ी अलग पकाना | अलग रहना, अपनी अलग सोच रखना | “वह सबसे अलग रहता है – अपनी खिचड़ी अलग पकाता है।” |
| दाल में काला होना | किसी काम में गड़बड़ी होना | “इस मामले में कुछ दाल में काला है।” |
| नौ-दो-ग्यारह होना | भाग जाना | “पुलिस को देखकर चोर नौ-दो-ग्यारह हो गए।” |
| गड़े मुर्दे उखाड़ना | पुरानी बातें निकालना | “उसने गड़े मुर्दे उखाड़कर सबको बताया।” |
| आँच न आने देना | किसी को कोई कष्ट न होने देना | “माँ ने कभी बच्चों पर आँच नहीं आने दी।” |
| टस से मस न होना | कोई प्रभाव न होना | “उसकी बातों से वह टस से मस नहीं हुआ।” |
| अंग-अंग ढीला होना | बहुत थक जाना | “पूरे दिन काम करके उसके अंग-अंग ढीले हो गए।” |
| दिन में तारे दिखना | बहुत दुखी होना | “अपनी माँ को बीमार देखकर उसे दिन में तारे दिखने लगे।” |
| तिल का ताड़ बनाना | छोटी बात को बड़ा बनाना | “वह तिल का ताड़ बनाने में माहिर है।” |
| पेट में चूहे दौड़ना | बहुत ज़ोर की भूख लगना | “शाम तक तो मेरे पेट में चूहे दौड़ने लगे।” |
| हाथ-मुँह धो बैठना | हार मान लेना | “एक बार हार के बाद उसने हाथ-मुँह धो बैठा।” |
| कमर कसना | तैयार होना | “परीक्षा के लिए उसने कमर कस ली।” |
| हवा में उड़ना | बहुत खुश होना | “पास होने पर वह हवा में उड़ रहा था।” |
| मुट्ठी में करना | वश में करना | “उसने पूरी कक्षा को अपनी मुट्ठी में कर लिया।” |
| सिर आँखों पर बिठाना | बहुत सम्मान देना | “अपने गुरु को उसने सिर आँखों पर बिठाया।” |
इन मुहावरों को बार-बार पढ़ें, याद करें, और वाक्यों में प्रयोग करें – इससे आपकी हिंदी प्रवाहपूर्ण, प्रभावशाली और रोचक बनेगी।
5. मुहावरे याद रखने की ट्रिक्स और सामान्य गलतियाँ
मुहावरे याद रखने के लिए कुछ आसान ट्रिक्स:
- ट्रिक 1 – वाक्यों में प्रयोग करें: जब भी कोई नया मुहावरा सीखें – उससे 2-3 वाक्य बनाएँ – इससे याद रहेगा।
- ट्रिक 2 – मुहावरे का शाब्दिक अर्थ सोचें: “मुँह में राम-राम” – यह अजीब लगता है – इसलिए याद रहता है – क्योंकि आप सोचते हैं – यह तो अजीब है! – और फिर याद कर लेते हैं।
- ट्रिक 3 – चित्र बनाएँ: “चाँद पर थूकना” – एक चित्र बनाएँ – चाँद और थूक – यह मज़ेदार है – और याद रहेगा।
- ट्रिक 4 – कहानी बनाएँ: मुहावरों को एक छोटी कहानी में जोड़ें – जैसे “राम डर गया – उसके मुँह में राम-राम हो गया – फिर वह नौ-दो-ग्यारह हो गया” – इससे सारे मुहावरे एक साथ याद हो जाएंगे।
सामान्य गलतियाँ –
- गलती – मुहावरे का गलत अर्थ समझना: “नाक में दम करना” – इसका मतलब 'साँस रोकना' नहीं – बल्कि 'बहुत परेशान करना' – ध्यान रखें।
- गलती – मुहावरे को शाब्दिक रूप में प्रयोग करना: “मुँह में राम-राम हो जाना” – सच में मुँह में राम नहीं आते – यह लाक्षणिक है – इसे शाब्दिक मत लें।
- गलती – मुहावरे का रूप बदलना: “नाक में दम करना” – इसे “नाक में दम होना” मत कहें – सही रूप याद रखें।
6. मुहावरों का अभ्यास – पहचान और प्रयोग
मुहावरों को अच्छी तरह से समझने और याद करने के लिए:
- रोज़ाना 5 मुहावरे याद करें: हर दिन 5 नए मुहावरे सीखें – और उनसे वाक्य बनाएँ – 25 दिन में 125 मुहावरे याद हो जाएंगे।
- बातचीत में प्रयोग करें: जब भी मौका मिले – मुहावरे का प्रयोग करें – जितना बोलेंगे – उतना याद रहेगा।
- किताबों और समाचार पत्रों में मुहावरे खोजें: पढ़ते समय मुहावरे ढूँढ़ें – और उनका अर्थ समझें – यह बहुत मज़ेदार है।
- मुहावरों की सूची बनाएँ: ऊपर दी गई सूची की तरह – अपनी खुद की सूची बनाएँ – और उसे बार-बार पढ़ें।
हल सहित उदाहरण (5)
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अभ्यास प्रश्न (5)
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- हिंदी व्याकरण हब – संज्ञा से मुहावरे तक – सम्पूर्ण हिंदी व्याकरण
- वर्कशीट मास्टर हब – हर अध्याय पर इंटरैक्टिव अभ्यास – उत्तर कुंजी सहित
- English Grammar Hub – Complete English grammar with practice worksheets
- गणित हब – गणित को सरल, रुचिकर और चरणबद्ध सीखें
- GPN नॉलेज हब – परीक्षा रणनीतियाँ, समय प्रबंधन और करियर मार्गदर्शन
मुहावरे – भाषा को सजीव और प्रभावशाली बनाने की कला
मुहावरे हिंदी भाषा की जान हैं – ये भाषा को सजीव, प्रभावशाली और रोचक बनाते हैं – 'मुँह में राम-राम हो जाना' – साधारण 'डरना' से कहीं अधिक प्रभावी – 'आँखों का तारा होना' – 'प्यारा' से कहीं अधिक गहरा। इस पोस्ट में हमने मुहावरे और प्रचलित मुहावरे की बुनियाद पर मुहावरों की पूरी अवधारणा, 25 प्रचलित मुहावरों की सूची, अर्थ, वाक्य प्रयोग, और पहचान – को विस्तार से समझाया है – अब आप अपनी बातचीत और लेखन में मुहावरों का प्रयोग करके अपनी भाषा को प्रभावशाली, रोचक और यादगार बना सकते हैं।
याद रखें – जितना अधिक आप मुहावरों को पढ़ेंगे, समझेंगे और बोलचाल में प्रयोग करेंगे – उतनी ही अच्छी आपकी भाषा होगी। रोज़ाना 5 नए मुहावरे सीखें – उनसे वाक्य बनाएँ – और अपने दोस्तों या परिवार के साथ बातचीत में प्रयोग करें – यह कौशल आपको जीवन भर काम आएगा – चाहे परीक्षा हो, साक्षात्कार हो, या दैनिक संवाद – हर जगह प्रभावशाली और रोचक भाषा आपकी पहचान बनेगी।
📝 मुहावरे अभ्यास – कक्षा 5-6
इस वर्कशीट में 20 मुहावरों पर आधारित अभ्यास दिए गए हैं – जिनमें आपको मुहावरों का अर्थ पहचानना है, रिक्त स्थानों में सही मुहावरा भरना है, और दिए गए मुहावरों से नए वाक्य बनाने हैं – साथ ही शाब्दिक और लाक्षणिक अर्थ में अंतर करने के प्रश्न भी हैं। अंत में उत्तर कुंजी से अपनी जाँच कर सकते हैं।
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