Skip to main content

🔍
View in English
हिंदी में देखें
🔍 Search GuidedPathNoida


this padding is for avoiding search bar cut

गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective) | Hindi Grammar | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 18 JUNE 2026

क्या आप जानते हैं कि हमारी भाषा को सजीव, रंगीन और आकर्षक बनाने में सबसे बड़ा हाथ गुणवाचक विशेषणों का होता है? जब हम कहते हैं – “सुंदर बगिया”, “मीठा आम”, “बहादुर सिपाही” – तो ये शब्द बगिया, आम और सिपाही को सामान्य से हटकर खास बना देते हैं। हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, अवस्था आदि को व्यक्त करते हैं, गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective) कहलाते हैं। ये विशेषण हमारी भाषा को भावपूर्ण, चित्रात्मक और प्रभावी बनाते हैं – मानो वे शब्दों को रंग देते हों। इस पोस्ट में हम गुणवाचक विशेषण की परिभाषा, उसके प्रकार, उदाहरण, पहचान के नियम, वाक्यों में प्रयोग और अन्य विशेषणों से अंतर को विस्तार से समझेंगे। यह पोस्ट कक्षा 4‑5 के छात्रों के लिए बनाई गई है, लेकिन कोई भी इसे आसानी से समझ सकता है और अपनी भाषा को निखार सकता है।

✅ अनुशंसित: कक्षा 4-5 | CBSE एवं UP Board



1. गुणवाचक विशेषण – परिभाषा एवं परिचय

गुणवाचक विशेषण (Qualitative Adjective) वह विशेषण है जो किसी संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, स्वाद, गंध, अवस्था या किसी अन्य विशेषता को प्रकट करता है। ये विशेषण हमें बताते हैं कि कोई व्यक्ति, वस्तु या स्थान कैसा है।

गुणवाचक विशेषण की सरल परिभाषा: “संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, रंग, रूप, आकार, स्वाद, गंध, अवस्था आदि को प्रकट करने वाले विशेषणों को गुणवाचक विशेषण कहते हैं।”

उदाहरण –
  • गुण: अच्छा, बुरा, सुंदर, ईमानदार, मीठा, कड़वा, चतुर, मूर्ख
  • रंग: लाल, नीला, हरा, पीला, सफेद, काला, गुलाबी
  • रूप/आकार: बड़ा, छोटा, लंबा, गोल, चौकोर, मोटा, पतला
  • अवस्था/अन्य: गर्म, ठंडा, पुराना, नया, कोमल, कठोर

गुणवाचक विशेषण वाक्य को जीवंत और भावपूर्ण बनाता है – जैसे “आम मीठा है” बनाम “आम बहुत मीठा है” – दूसरा अधिक प्रभावी है।

2. गुणवाचक विशेषण के प्रकार – रंग, रूप, गुण, दोष

गुणवाचक विशेषण को उनके द्वारा व्यक्त की गई विशेषता के आधार पर 4 मुख्य श्रेणियों में बाँटा जा सकता है –

1. रंग बताने वाले विशेषण: लाल, नीला, हरा, पीला, सफेद, काला, गुलाबी, केसरिया
उदाहरण:लाल गुलाब बहुत सुंदर है।”

2. रूप/आकार बताने वाले विशेषण: बड़ा, छोटा, लंबा, गोल, चौकोर, मोटा, पतला, ऊँचा, नीचा
उदाहरण:बड़ा पेड़ छाँव देता है।”

3. गुण/स्वाद/गंध बताने वाले विशेषण: मीठा, कड़वा, खट्टा, नमकीन, सुगंधित, दुर्गंधयुक्त, ईमानदार, बहादुर, चतुर
उदाहरण:मीठा आम खाओ।”

4. अवस्था/दोष/अन्य बताने वाले विशेषण: गर्म, ठंडा, पुराना, नया, कोमल, कठोर, बीमार, स्वस्थ, सुखी, दुखी
उदाहरण:बीमार बच्चे को आराम चाहिए।”

3. गुणवाचक विशेषण – उदाहरण तालिका

नीचे दी गई तालिका में गुणवाचक विशेषणों को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है –

रंग रूप/आकार गुण/स्वाद/गंध अवस्था/अन्य
लालबड़ामीठागर्म
नीलाछोटाकड़वाठंडा
हरालंबासुगंधितपुराना
पीलागोलईमानदारनया
सफेदचौकोरबहादुरकोमल
कालामोटाचतुरकठोर
गुलाबीपतलाखट्टास्वस्थ
केसरियाऊँचानमकीनबीमार
ट्रिक – याद रखें:रंग, रूप, गुण, दोष – ये चारों गुणवाचक विशेषण के मुख्य भेद हैं। किसी भी विशेषण से ‘कैसा?’ प्रश्न पूछें – यदि उत्तर मिले, तो वह गुणवाचक है।”

4. गुणवाचक और अन्य विशेषणों में अंतर

गुणवाचक विशेषण को अन्य विशेषणों (संख्यावाचक, परिमाणवाचक, संकेतवाचक) से भ्रमित किया जा सकता है। आइए अंतर समझते हैं –

गुणवाचक विशेषण संख्यावाचक विशेषण परिमाणवाचक विशेषण
गुण/रंग/रूप बताता है – सुंदर, लाल, बड़ा संख्या/क्रम बताता है – एक, दो, पहला परिमाण/मात्रा बताता है – थोड़ा, बहुत
‘कैसा?’ – सुंदर फूल ‘कितने?’ – पाँच फूल ‘कितना?’ – थोड़ा दूध
ट्रिक – आसानी से पहचानें:गुणवाचककैसा? – गुण/रंग/रूप बताए; संख्यावाचककितने? – संख्या बताए; परिमाणवाचककितना? – मात्रा/परिमाण बताए।”

5. वाक्यों में गुणवाचक विशेषण का प्रयोग

गुणवाचक विशेषण का प्रयोग वाक्यों में संज्ञा के पहले या बाद दोनों जगह हो सकता है –

  • संज्ञा के पहले (विशेषणात्मक):सुंदर फूल खिले हैं।”
    लाल किताब मेज पर है।”
  • संज्ञा के बाद (विधेयात्मक): “फूल सुंदर हैं।”
    “किताब लाल है।”
  • तुलना के साथ: “राम श्याम से लंबा है।”
    “यह आम उस आम से मीठा है।”

गुणवाचक विशेषण का लिंग और वचन संज्ञा के अनुसार बदलता है – “अच्छा लड़का” (पुल्लिंग, एकवचन), “अच्छी लड़की” (स्त्रीलिंग, एकवचन), “अच्छे लड़के” (पुल्लिंग, बहुवचन)।



हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “सुंदर बगिया में फूल खिले हैं।” – इस वाक्य में गुणवाचक विशेषण क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘सुंदर’
व्याख्या: ‘सुंदर’ ने ‘बगिया’ का गुण/रूप बताया है – यह गुणवाचक विशेषण है।
उदाहरण 2
प्रश्न: “लाल गुलाब बहुत प्यारा है।” – इस वाक्य में गुणवाचक विशेषण कौन-से हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘लाल’ और ‘प्यारा’
व्याख्या: ‘लाल’ ने रंग बताया, ‘प्यारा’ ने गुण बताया – दोनों गुणवाचक विशेषण हैं।
उदाहरण 3
प्रश्न: “बड़ा पेड़ ठंडी छाँव देता है।” – इस वाक्य में गुणवाचक विशेषण बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: ‘बड़ा’ और ‘ठंडी’
व्याख्या: ‘बड़ा’ आकार बताता है, ‘ठंडी’ अवस्था/गुण बताती है – दोनों गुणवाचक विशेषण हैं।
उदाहरण 4
प्रश्न: “ईमानदार व्यक्ति सबका प्रिय होता है।” – इस वाक्य में ‘ईमानदार’ किस प्रकार का विशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: गुणवाचक विशेषण
व्याख्या: ‘ईमानदार’ ने ‘व्यक्ति’ का गुण बताया – यह गुणवाचक विशेषण है।
उदाहरण 5
प्रश्न: “मोटी किताब और पतली किताब” – इसमें कौन-से शब्द गुणवाचक विशेषण हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘मोटी’ और ‘पतली’
व्याख्या: दोनों ने ‘किताब’ के आकार/रूप की विशेषता बताई – ये गुणवाचक विशेषण हैं।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“नीली साड़ी बहुत सुंदर है।” – इस वाक्य में गुणवाचक विशेषण कौन-से हैं?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘नीली’ और ‘सुंदर’ – दोनों गुणवाचक विशेषण हैं।
प्रश्न 2
“मीठा आम खाओ” – इस वाक्य में ‘मीठा’ किस प्रकार का विशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: गुणवाचक विशेषण (स्वाद/गुण बताता है)
प्रश्न 3
निम्न में से कौन-सा गुणवाचक विशेषण है? (क) पाँच, (ख) लाल, (ग) थोड़ा
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) ‘लाल’ – यह रंग बताता है – गुणवाचक विशेषण है।
प्रश्न 4
“पुराना घर गिरने वाला है।” – इस वाक्य में ‘पुराना’ किस प्रकार का विशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: गुणवाचक विशेषण (अवस्था/समय बताता है)
प्रश्न 5
“चतुर लड़के ने पहेली हल की” – इस वाक्य में ‘चतुर’ किस संज्ञा की विशेषता बता रहा है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘चतुर’ ‘लड़के’ (संज्ञा) का गुण बता रहा है – यह गुणवाचक विशेषण है।

गुणवाचक विशेषण की समझ क्यों ज़रूरी है?

गुणवाचक विशेषण हिंदी भाषा को रंगीन, सजीव और प्रभावी बनाने का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। ये विशेषण हमें किसी भी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के बारे में विस्तृत और भावपूर्ण वर्णन करने की क्षमता देते हैं। इस पोस्ट में हमने  विशेषण परिभाषा और  गुणवाचक विशेषण के साथ इस भेद को स्पष्ट किया है – अब आप किसी भी वाक्य में गुणवाचक विशेषण को आसानी से पहचान सकते हैं।

अभ्यास से ही गुणवाचक विशेषण की पहचान और प्रयोग मज़बूत होता है। अपनी दैनिक बातचीत और लेखन में ध्यान दें – आप कितनी बार किसी का रंग, रूप, गुण या अवस्था बताते हैं – और उनके सही रूप (लिंग-वचन के अनुसार) का चयन करें। यही आपकी भाषा को शुद्ध, प्रभावी और प्रवाहपूर्ण बनाएगा।

📝 गुणवाचक विशेषण अभ्यास – कक्षा 4-5

इस इंटरैक्टिव वर्कशीट में 25 वाक्य दिए गए हैं – आपको प्रत्येक वाक्य में गुणवाचक विशेषणों को पहचानना है और बताना है कि वे किस संज्ञा की किस विशेषता (रंग, रूप, गुण, दोष, अवस्था) को बता रहे हैं। साथ ही, कुछ वाक्यों में उचित गुणवाचक विशेषण का चयन करना है। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी समझ को परखें।

📖 वर्कशीट खोलें »

उत्तर कुंजी सहित • CBSE एवं UP Board पाठ्यक्रम के अनुरूप



© 2025 Guided Path Noida | All Rights Reserved