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वर्णिक छंद व अभ्यास प्रश्न (Varnik Chhand Practice Worksheet) | Hindi Grammar | GPN

प्रयास निर्देश: इस अभ्यास सेट में वर्णिक छंदों की गहन समझ के लिए 50 प्रश्न निर्धारित हैं। प्रत्येक खंड को क्रम से हल करें और उत्तरों की पुष्टि स्वयं करें। वर्षांक पूर्व परीक्षा प्रश्नों को इंगित करते हैं।


वर्णिक छंद - अभ्यास प्रश्न (1–50)

खंड 1: वर्णिक छंद की आधारभूत जानकारी

1. वर्णिक छंद की स्पष्ट परिभाषा प्रस्तुत कीजिए। (CBSE 2022)
उत्तर: जिन छंदों की रचना वर्णों की निश्चित संख्या और उनके विशिष्ट क्रम (गणों) के आधार पर की जाती है, उन्हें वर्णिक छंद कहते हैं।
2. वर्णिक छंद को "वर्णवृत्त" क्यों कहा जाता है? (UP Board 2021)
उत्तर: क्योंकि इनमें "वर्ण" के आधार पर "वृत्त" (छंद) का निर्माण होता है। वर्णों की संख्या और उनका क्रम निश्चित होता है।
3. वर्णिक छंद के दो प्रमुख उदाहरण दीजिए। (Bihar Board 2020)
उत्तर: दोहा (13-11 वर्ण), सोरठा (11-13 वर्ण), घनाक्षरी (31 वर्ण)।
4. वर्णिक छंद की मुख्य विशेषताएँ बताइए। (MP Board 2019)
उत्तर: 1. वर्ण संख्या निश्चित, 2. गणों का विशिष्ट क्रम, 3. यति का निश्चित स्थान, 4. संस्कृत छंदों से प्रभावित, 5. गंभीर भावों के लिए उपयुक्त।
5. "गण" किसे कहते हैं? वर्णिक छंद में इसका क्या महत्व है? (CBSE 2021)
उत्तर: तीन वर्णों के समूह को "गण" कहते हैं। वर्णिक छंद में गणों का विशिष्ट क्रम निर्धारित होता है जो छंद की पहचान है।
6. वर्णिक छंद संस्कृत साहित्य से कैसे प्रभावित हैं? (Rajasthan Board 2022)
उत्तर: वर्णिक छंद संस्कृत के वृत्तों से सीधे प्रभावित हैं। गणों की व्यवस्था, वर्ण गणना और यति सभी संस्कृत छंद शास्त्र से लिए गए हैं।
7. वर्णिक छंद में "लघु" और "गुरु" के प्रतीक क्या हैं? (UP Board 2020)
उत्तर: लघु के लिए "I" या "˘", गुरु के लिए "S" या "-" का प्रतीक प्रयोग किया जाता है।
8. वर्णिक छंद का प्रमुख उद्देश्य क्या है? (MP Board 2021)
उत्तर: वर्णिक छंद का उद्देश्य काव्य को गंभीर, प्रभावशाली और शास्त्रीय बनाना है। इनमें विचारपूर्ण एवं दार्शनिक भाव व्यक्त किए जाते हैं।
9. कौन-से रस के लिए वर्णिक छंद उपयुक्त माने जाते हैं? (CBSE 2020)
उत्तर: शांत रस, वीर रस, भक्ति रस और करुण रस के लिए वर्णिक छंद उपयुक्त माने जाते हैं।
10. वर्णिक छंद के प्रमुख प्रकार बताइए। (Bihar Board 2021)
उत्तर: समवृत्त (सभी चरण समान), अर्धसमवृत्त (विषम चरण समान, सम चरण समान), विषमवृत्त (सभी चरण भिन्न)।

खंड 2: गणों की पहचान एवं उनका प्रयोग

11. "यगण" का प्रतीक और वर्ण क्रम बताइए। (CBSE 2022)
उत्तर: यगण = ˘ - - (लघु, गुरु, गुरु)
12. "मगण" कैसा गण है? इसका प्रयोग कहाँ होता है? (UP Board 2021)
उत्तर: मगण = - - - (तीनों गुरु)। यह भारी और गंभीर भाव व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त होता है।
13. "तगण" की पहचान कैसे करेंगे? (MP Board 2020)
उत्तर: तगण = - - ˘ (गुरु, गुरु, लघु)
14. "रगण" का प्रतीक लिखिए और इसका एक उदाहरण दीजिए। (Rajasthan Board 2019)
उत्तर: रगण = - ˘ - (गुरु, लघु, गुरु)। उदाहरण: "राम" शब्द में रा(गुरु)-म(लघु)-अनुस्वार(गुरु)।
15. "जगण" किसे कहते हैं? (Bihar Board 2020)
उत्तर: जगण = ˘ - ˘ (लघु, गुरु, लघु)
16. "भगण" का वर्ण क्रम बताइए। (CBSE 2021)
उत्तर: भगण = - ˘ ˘ (गुरु, लघु, लघु)
17. "नगण" कैसा गण है? (UP Board 2019)
उत्तर: नगण = ˘ ˘ ˘ (तीनों लघु)
18. "सगण" का प्रतीक और विशेषता बताइए। (MP Board 2022)
उत्तर: सगण = ˘ ˘ - (लघु, लघु, गुरु)। यह हल्के और चपल भाव के लिए प्रयुक्त होता है।
19. गणों को याद रखने के लिए कौन-सा सूत्र प्रसिद्ध है? (CBSE 2019)
उत्तर: "यमाताराजभानसलगा" - य(यगण) मा(मगण) ता(तगण) रा(रगण) ज(जगण) भा(भगण) न(नगण) स(सगण) ल(लघु) गा(गुरु)।
20. "यमाता" से कौन-से गण याद आते हैं? (Rajasthan Board 2021)
उत्तर: य - यगण, मा - मगण, ता - तगण, रा - रगण, ज - जगण, भा - भगण, न - नगण, स - सगण।

खंड 3: विशिष्ट वर्णिक छंदों का विश्लेषण

21. "दोहा" छंद की संरचना बताइए। (CBSE 2022)
उत्तर: दो चरण: पहला चरण 13 वर्ण, दूसरा चरण 11 वर्ण। यति: पहले चरण में 6+7, दूसरे में 6+5। तुक: दूसरे और चौथे चरण में।
22. "सोरठा" और "दोहा" में क्या अंतर है? (UP Board 2021)
उत्तर: दोहा: 13-11 वर्ण, सोरठा: 11-13 वर्ण। दोहा के विषम चरण में तुक नहीं, सोरठा के सम चरण में तुक नहीं।
23. "घनाक्षरी" छंद क्या है? इसकी विशेषता बताइए। (MP Board 2020)
उत्तर: घनाक्षरी एक वर्णिक छंद है जिसमें 31 वर्ण होते हैं। यह गंभीर विषयों के लिए प्रयुक्त होता है।
24. "चौपाई" वर्णिक छंद है या मात्रिक? (Bihar Board 2021)
उत्तर: चौपाई मात्रिक छंद है (16 मात्राएँ), वर्णिक नहीं।
25. "कवित्त" छंद की विशेषताएँ लिखिए। (Rajasthan Board 2022)
उत्तर: कवित्त वर्णिक छंद है। इसमें 31 वर्ण होते हैं, गंभीर विषय के लिए उपयुक्त, रीतिकाल में प्रचलित।
26. "दोहा" का एक उदाहरण दीजिए। (CBSE 2021)
उत्तर: "कबीरा खड़ा बाजार में, सबकी माँगे खैर।
न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर॥"
27. "सोरठा" का उदाहरण प्रस्तुत कीजिए। (UP Board 2020)
उत्तर: "जहाँ दया तहाँ धर्म है, जहाँ लोभ तहाँ पाप।
जहाँ क्रोध तहाँ काल है, जहाँ क्षमा तहाँ आप॥"
28. वर्णिक छंद "सवैया" कितने प्रकार का होता है? (MP Board 2019)
उत्तर: सवैया दो प्रकार का होता है: 1. मात्रिक सवैया (22-26 मात्राएँ), 2. वर्णिक सवैया (निश्चित वर्ण और गण)।
29. "छप्पय" छंद क्या है? इसकी संरचना बताइए। (CBSE 2020)
उत्तर: छप्पय 6 चरणों का वर्णिक छंद है: 4 चरण दोहे के और 2 चरण रोले के। इसमें 42 वर्ण होते हैं।
30. वर्णिक छंदों में "यति" का क्या महत्व है? (Bihar Board 2022)
उत्तर: यति से छंद की लय नियंत्रित होती है, सांस लेने का स्थान मिलता है और भाव का विभाजन स्पष्ट होता है।
31. "दोहा" किस रस के लिए उपयुक्त है? (Rajasthan Board 2021)
उत्तर: दोहा नीति, भक्ति और शांत रस के लिए उपयुक्त है। इसमें सूक्तिपरक और उपदेशात्मक भाव व्यक्त किए जाते हैं।
32. किस वर्णिक छंद को "कवि समय" कहा जाता है? (UP Board 2019)
उत्तर: "घनाक्षरी" छंद को "कवि समय" कहा जाता है क्योंकि इसमें कवि को अपनी बात कहने के लिए पर्याप्त स्थान मिलता है।
33. वर्णिक छंद "हरिगीतिका" कितने वर्णों का होता है? (MP Board 2022)
उत्तर: हरिगीतिका मात्रिक छंद है (28 मात्राएँ), वर्णिक नहीं। यह गलत प्रश्न है।
34. रीतिकाल के कवियों ने किन वर्णिक छंदों का अधिक प्रयोग किया? (CBSE 2019)
उत्तर: रीतिकाल के कवियों ने कवित्त, सवैया, घनाक्षरी, छप्पय आदि वर्णिक छंदों का अधिक प्रयोग किया।
35. आधुनिक युग में वर्णिक छंदों का क्या स्थान है? (Bihar Board 2020)
उत्तर: आधुनिक युग में मुक्तछंद प्रचलित हैं, फिर भी गीत, ग़ज़ल और शास्त्रीय कविताओं में वर्णिक छंदों का प्रयोग होता है।

खंड 4: गण पहचान के व्यावहारिक प्रश्न

36. "राम" शब्द में कौन-सा गण है? (CBSE 2022)
उत्तर: रा(गुरु)-म(लघु) = केवल 2 वर्ण, पूरा गण नहीं। गण के लिए 3 वर्ण चाहिए।
37. "सीता" शब्द में कौन-सा गण बनता है? (UP Board 2021)
उत्तर: सी(गुरु)-ता(गुरु) = 2 वर्ण। पूरा गण नहीं। गण के लिए तीसरा वर्ण चाहिए।
38. "विद्यालय" के प्रथम तीन वर्णों में कौन-सा गण है? (MP Board 2020)
उत्तर: वि(लघु)-द्या(गुरु)-ल(लघु) = ˘ - ˘ = जगण
39. "शिक्षक" शब्द के प्रथम तीन वर्णों का गण बताइए। (Rajasthan Board 2021)
उत्तर: शि(लघु)-क्ष(लघु)-क(लघु) = ˘ ˘ ˘ = नगण
40. "प्रकाश" के प्रथम तीन वर्णों का गण निर्धारित कीजिए। (Bihar Board 2022)
उत्तर: प्र(लघु)-का(गुरु)-श(लघु) = ˘ - ˘ = जगण
41. "महात्मा" के प्रथम तीन वर्ण किस गण के हैं? (CBSE 2021)
उत्तर: म(लघु)-हा(गुरु)-त्(लघु) = ˘ - ˘ = जगण (ध्यान दें: त् में स्वर नहीं है, इसलिए लघु)
42. "गंगा" शब्द में कौन-सा गण है? (UP Board 2020)
उत्तर: ग(लघु)-ं(अनुस्वार-गुरु)-गा(गुरु) = ˘ - - = यगण
43. "हिमालय" के प्रथम तीन वर्णों का गण बताइए। (MP Board 2019)
उत्तर: हि(लघु)-मा(गुरु)-ल(लघु) = ˘ - ˘ = जगण
44. "सत्य" शब्द के वर्णों का गण क्या होगा? (Rajasthan Board 2020)
उत्तर: स(लघु)-त्य(गुरु) = केवल 2 वर्ण। तीसरा वर्ण चाहिए गण के लिए।
45. "अहिंसा" के प्रथम तीन वर्णों का गण निर्धारित कीजिए। (Bihar Board 2021)
उत्तर: अ(लघु)-हिं(गुरु)-सा(गुरु) = ˘ - - = यगण

खंड 5: संक्षिप्त उत्तर एवं व्यावहारिक प्रयोग

46. वर्णिक छंद सीखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण क्या है? (CBSE 2022)
उत्तर: 1. गणों को याद रखना, 2. वर्ण गणना का अभ्यास, 3. प्रसिद्ध छंदों का विश्लेषण, 4. स्वयं रचना का प्रयास।
47. कबीर के दोहे किस प्रकार के छंद में हैं? (UP Board 2021)
उत्तर: कबीर के दोहे "दोहा" छंद में हैं जो एक वर्णिक छंद है।
48. वर्णिक छंद रचना में सबसे कठिन क्या है? (MP Board 2020)
उत्तर: गणों के निश्चित क्रम में भावों को ढालना और वर्ण संख्या का सटीक पालन करना सबसे कठिन है।
49. आधुनिक शिक्षा में वर्णिक छंदों का क्या महत्व है? (Rajasthan Board 2022)
उत्तर: वर्णिक छंद भाषा की शुद्धता, लयबद्धता और शास्त्रीय ज्ञान का आधार हैं। ये छात्रों को भाषा के नियमों से परिचित कराते हैं।
50. वर्णिक छंद और मात्रिक छंद में से कौन अधिक कठिन है और क्यों? (Bihar Board 2021)
उत्तर: वर्णिक छंद अधिक कठिन है क्योंकि इसमें वर्ण संख्या के साथ-साथ गणों के विशिष्ट क्रम का भी पालन करना पड़ता है।


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