तैयार रहें: यह वर्कशीट तत्पुरुष समास और उसके भेदों पर आधारित है। 50 प्रश्नों को 5 खंडों में बांटा गया है, जो आपकी पूरी समझ का मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक प्रश्न स्वयं हल करने का प्रयास करें।
तत्पुरुष समास: व्यापक अभ्यास (प्रश्न 1–50)
भाग 1: मूलभूत सिद्धांत (प्रश्न 1-10)
1. "तत्पुरुष समास" में किस पद की प्रधानता होती है?
उत्तर: तत्पुरुष समास में अंतिम (दूसरा) पद प्रधान होता है। पहला पद गौण होता है।
2. तत्पुरुष समास का नामकरण क्यों हुआ? संक्षेप में बताइए।
उत्तर: इसका नाम 'तत्पुरुष' इसलिए है क्योंकि इसमें अंतिम पद 'पुरुष' (प्रधान) होता है और पहला पद 'तत्' (वह, गौण) होता है। यहाँ 'तत्' गौण पद और 'पुरुष' प्रधान पद का प्रतीक है।
3. तत्पुरुष समास के विग्रह में पदों के बीच क्या जोड़ा जाता है?
उत्तर: विग्रह में पदों के बीच विभक्ति (कारक चिह्न) जोड़ा जाता है। जैसे - 'राजपुत्र' का विग्रह 'राजा का पुत्र' होगा, जहाँ 'का' (षष्ठी विभक्ति) जोड़ा गया।
4. तत्पुरुष समास के मुख्य कितने भेद माने जाते हैं? नाम बताइए।
उत्तर: मुख्य रूप से छह भेद माने जाते हैं, जो कारकों पर आधारित हैं: 1. कर्म तत्पुरुष, 2. करण तत्पुरुष, 3. संप्रदान तत्पुरुष, 4. अपादान तत्पुरुष, 5. संबंध तत्पुरुष, 6. अधिकरण तत्पुरुष।
5. "विद्यालय" (विद्या का आलय) शब्द किस प्रकार के तत्पुरुष समास का उदाहरण है?
उत्तर: यह संबंध तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष) का उदाहरण है, क्योंकि इसमें 'का' संबंध कारक का चिह्न लुप्त हुआ है।
6. कर्म तत्पुरुष समास की पहचान क्या है? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर: कर्म तत्पुरुष में द्वितीया विभक्ति (को) का लोप होता है और क्रिया का कर्म प्रधान होता है।
उदाहरण: ग्रंथपाठ (ग्रंथ को पाठ)।
उदाहरण: ग्रंथपाठ (ग्रंथ को पाठ)।
7. "कृपाणघात" (कृपाण से घात) शब्द में कौन-सा तत्पुरुष समास है?
उत्तर: करण तत्पुरुष (तृतीया तत्पुरुष), क्योंकि इसमें 'से' (करण कारक) का लोप हुआ है।
8. तत्पुरुष और अव्ययीभाव समास में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर: तत्पुरुष में अंतिम पद प्रधान होता है और विभक्ति चिह्नों का लोप होता है। अव्ययीभाव में पहला पद (अव्यय) प्रधान होता है और पूरा पद अव्यय बन जाता है।
9. "यथेष्ट" (जितना चाहिए) और "ग्रामवास" (गाँव में वास) - इनमें से कौन तत्पुरुष समास है? कारण सहित।
उत्तर: ग्रामवास तत्पुरुष समास है (गाँव में वास = अधिकरण तत्पुरुष)। 'यथेष्ट' अव्ययीभाव समास है (यथा + इष्ट = इच्छा के अनुसार)।
10. "देवदत्त" (देव द्वारा दत्त) शब्द में कौन-सा समास है? विग्रह सहित बताइए।
उत्तर: समास: करण तत्पुरुष (तृतीया तत्पुरुष)।
विग्रह: देव द्वारा दिया हुआ।
विग्रह: देव द्वारा दिया हुआ।
भाग 2: रिक्त स्थान पूर्ति (प्रश्न 11-20)
11. तत्पुरुष समास में प्रधान पद ______________ होता है।
उत्तर: अंतिम (दूसरा)।
12. "घुड़सवार" (घोड़े पर सवार) ______________ तत्पुरुष समास है।
उत्तर: अधिकरण (सप्तमी)।
13. जिस तत्पुरुष में 'ने' (प्रथमा) विभक्ति लुप्त हो, उसे ______________ तत्पुरुष कहते हैं।
उत्तर: कर्म (द्वितीया)। (नोट: 'ने' कर्ता कारक है, पर तत्पुरुष के भेद कर्म, करण आदि कारकों पर आधारित हैं। 'ने' का लोप वाला कोई अलग भेद नहीं है। यह प्रश्न भ्रमित करने वाला है, सही उत्तर 'कर्म' है क्योंकि कर्म कारक (को) का लोप होता है)।
14. "पितृभक्त" (पिता का भक्त) ______________ तत्पुरुष समास है।
उत्तर: संबंध (षष्ठी)।
15. "गंगाजल" में लुप्त विभक्ति चिह्न ______________ है।
उत्तर: का / की / के (षष्ठी)।
16. "भयभीत" (भय से भीत) ______________ तत्पुरुष समास है।
उत्तर: अपादान (पंचमी)।
17. तत्पुरुष समास का एक अन्य नाम ______________ समास भी है।
उत्तर: व्यधिकरण (क्योंकि दोनों पदों के विभक्ति चिह्न भिन्न-भिन्न होते हैं)।
18. "वनगमन" (वन को गमन) ______________ तत्पुरुष का उदाहरण है।
उत्तर: कर्म (द्वितीया)।
19. "दानशील" (दान के लिए शील) ______________ तत्पुरुष समास है।
उत्तर: संप्रदान (चतुर्थी)।
20. "कुशलता पूर्वक" का समस्त पद ______________ है, जो तत्पुरुष समास है।
उत्तर: सकुशल / कुशलपूर्वक। (नोट: 'पूर्वक' अव्यय जोड़ने से यह अव्ययीभाव जैसा भी लग सकता है, पर 'सकुशल' कर्मधारय या तत्पुरुष माना जा सकता है)।
भाग 3: बहुविकल्पीय प्रश्न (प्रश्न 21-30)
21. "ग्रामवास" (गाँव में वास) किस तत्पुरुष का उदाहरण है?
(क) कर्म तत्पुरुष
(ख) अधिकरण तत्पुरुष
(ग) संबंध तत्पुरुष
(घ) अपादान तत्पुरुष
(क) कर्म तत्पुरुष
(ख) अधिकरण तत्पुरुष
(ग) संबंध तत्पुरुष
(घ) अपादान तत्पुरुष
उत्तर: (ख) अधिकरण तत्पुरुष (सप्तमी तत्पुरुष)।
22. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द संप्रदान तत्पुरुष (चतुर्थी) का उदाहरण है?
(क) गुरुदक्षिणा (गुरु को दक्षिणा)
(ख) घुड़दौड़ (घोड़ों की दौड़)
(ग) आत्महत्या (आत्मा की हत्या)
(घ) राजभवन (राजा का भवन)
(क) गुरुदक्षिणा (गुरु को दक्षिणा)
(ख) घुड़दौड़ (घोड़ों की दौड़)
(ग) आत्महत्या (आत्मा की हत्या)
(घ) राजभवन (राजा का भवन)
उत्तर: (क) गुरुदक्षिणा (गुरु को दक्षिणा)।
23. "पाषाणहृदय" (पत्थर का हृदय) शब्द में समास है:
(क) द्विगु समास
(ख) कर्मधारय समास
(ग) संबंध तत्पुरुष
(घ) बहुव्रीहि समास
(क) द्विगु समास
(ख) कर्मधारय समास
(ग) संबंध तत्पुरुष
(घ) बहुव्रीहि समास
उत्तर: (ग) संबंध तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष)।
24. तत्पुरुष समास की सबसे सटीक पहचान क्या है?
(क) पहला पद संख्या वाचक है
(ख) अंतिम पद प्रधान है
(ग) दोनों पद प्रधान हैं
(घ) पहला पद अव्यय है
(क) पहला पद संख्या वाचक है
(ख) अंतिम पद प्रधान है
(ग) दोनों पद प्रधान हैं
(घ) पहला पद अव्यय है
उत्तर: (ख) अंतिम पद प्रधान है।
25. "धर्मग्रंथ" (धर्म का ग्रंथ) शब्द में लुप्त हुई विभक्ति है:
(क) को (द्वितीया)
(ख) से (तृतीया)
(ग) का (षष्ठी)
(घ) में (सप्तमी)
(क) को (द्वितीया)
(ख) से (तृतीया)
(ग) का (षष्ठी)
(घ) में (सप्तमी)
उत्तर: (ग) का (षष्ठी)।
26. निम्न में से कौन-सा शब्द करण तत्पुरुष (तृतीया) का उदाहरण नहीं है?
(क) शोकाकुल (शोक से आकुल)
(ख) भुजाबल (भुजा से बल)
(ग) हस्तलिखित (हस्त से लिखित)
(घ) गृहप्रवेश (गृह में प्रवेश)
(क) शोकाकुल (शोक से आकुल)
(ख) भुजाबल (भुजा से बल)
(ग) हस्तलिखित (हस्त से लिखित)
(घ) गृहप्रवेश (गृह में प्रवेश)
उत्तर: (घ) गृहप्रवेश। यह अधिकरण तत्पुरुष (सप्तमी) है।
27. "आजीवन" (जीवन भर) शब्द में समास है:
(क) तत्पुरुष
(ख) अव्ययीभाव
(ग) द्वंद्व
(घ) बहुव्रीहि
(क) तत्पुरुष
(ख) अव्ययीभाव
(ग) द्वंद्व
(घ) बहुव्रीहि
उत्तर: (ख) अव्ययीभाव। (पहला पद 'आ' अव्यय है)।
28. "रसोईघर" (रसोई के लिए घर) किस तत्पुरुष का उदाहरण है?
(क) संप्रदान तत्पुरुष
(ख) कर्म तत्पुरुष
(ग) संबंध तत्पुरुष
(घ) अपादान तत्पुरुष
(क) संप्रदान तत्पुरुष
(ख) कर्म तत्पुरुष
(ग) संबंध तत्पुरुष
(घ) अपादान तत्पुरुष
उत्तर: (क) संप्रदान तत्पुरुष (चतुर्थी - के लिए)।
29. तत्पुरुष समास का वह भेद जिसमें 'से' (अलग होने का भाव) लुप्त हो, कहलाता है:
(क) करण तत्पुरुष
(ख) अपादान तत्पुरुष
(ग) अधिकरण तत्पुरुष
(घ) कर्म तत्पुरुष
(क) करण तत्पुरुष
(ख) अपादान तत्पुरुष
(ग) अधिकरण तत्पुरुष
(घ) कर्म तत्पुरुष
उत्तर: (ख) अपादान तत्पुरुष (पंचमी तत्पुरुष)।
30. "मरणांतक" (मरण तक) शब्द में कौन-सा तत्पुरुष समास है?
(क) अवधि तत्पुरुष (सप्तमी का एक प्रकार)
(ख) संबंध तत्पुरुष
(ग) अपादान तत्पुरुष
(घ) करण तत्पुरुष
(क) अवधि तत्पुरुष (सप्तमी का एक प्रकार)
(ख) संबंध तत्पुरुष
(ग) अपादान तत्पुरुष
(घ) करण तत्पुरुष
उत्तर: (क) अवधि तत्पुरुष (सप्तमी - तक के अर्थ में)। इसे अधिकरण तत्पुरुष का ही एक प्रकार माना जा सकता है।
भाग 4: सत्य या असत्य (प्रश्न 31-40)
31. तत्पुरुष समास में पहला पद संज्ञा या विशेषण हो सकता है।
उत्तर: सत्य। जैसे - 'नीलकमल' (नील है जो कमल = कर्मधारय, जो तत्पुरुष का ही भेद है) में पहला पद विशेषण है।
32. "चौराहा" (चार राहों का समूह) तत्पुरुष समास है।
उत्तर: सत्य। यह द्विगु समास है, जो तत्पुरुष का ही एक उपभेद माना जाता है।
33. "कर्मधारय समास" को तत्पुरुष से अलग माना जाता है क्योंकि इसमें दोनों पद प्रधान होते हैं।
उत्तर: सत्य। कर्मधारय में विशेषण-विशेष्य का संबंध होता है और दोनों पद प्रधान होते हैं, इसीलिए इसे अलग श्रेणी में रखा जाता है।
34. "वनवास" (वन में वास) और "वनगमन" (वन को गमन) दोनों एक ही प्रकार के तत्पुरुष समास हैं।
उत्तर: असत्य। 'वनवास' अधिकरण तत्पुरुष (में) है, जबकि 'वनगमन' कर्म तत्पुरुष (को) है।
35. "राजदरबार" (राजा का दरबार) शब्द में 'का' (षष्ठी) विभक्ति लुप्त हुई है।
उत्तर: सत्य। यह संबंध तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष) है।
36. "भूखप्यास" (भूख और प्यास) तत्पुरुष समास का उदाहरण है।
उत्तर: असत्य। यह द्वंद्व समास है, क्योंकि इसमें 'और' का भाव है और दोनों पद प्रधान हैं।
37. "अग्निपरीक्षा" (अग्नि से परीक्षा) करण तत्पुरुष समास है।
उत्तर: सत्य। इसमें 'से' (करण कारक) लुप्त हुआ है।
38. तत्पुरुष समास के सभी भेदों में विग्रह करते समय 'का, की, के' ही जोड़ा जाता है।
उत्तर: असत्य। विभिन्न भेदों में अलग-अलग विभक्ति चिह्न जोड़े जाते हैं: को, से, के लिए, का, से (अलग होने पर), में, पर आदि।
39. "देशनिकाला" (देश से निकाला) अपादान तत्पुरुष समास है।
उत्तर: सत्य। इसमें 'से' (अपादान कारक - अलग होने का भाव) लुप्त हुआ है।
40. "कुंभकार" (कुंभ बनाने वाला) शब्द बहुव्रीहि समास है।
उत्तर: असत्य। यह उपपद तत्पुरुष है (तत्पुरुष का ही एक प्रकार)। विग्रह: कुंभ करता है जो।
भाग 5: व्यावहारिक अभ्यास (प्रश्न 41-50)
41. "जल में जन्म जिसका" (कमल) का समस्त पद लिखिए और समास बताइए।
उत्तर: समस्त पद: जलज / अंबुज।
समास: तत्पुरुष (संबंध तत्पुरुष - का/की)।
समास: तत्पुरुष (संबंध तत्पुरुष - का/की)।
42. "राजकुमार" शब्द का विग्रह करते हुए तत्पुरुष का भेद बताइए।
उत्तर: विग्रह: राजा का कुमार।
भेद: संबंध तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष)।
भेद: संबंध तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष)।
43. "दान के लिए उत्सुक" का समस्त पद बनाइए।
उत्तर: दानोत्सुक / दानेच्छु। (प्रचलित: दानशील, पर दानशील में शील = स्वभाव, थोड़ा भिन्न अर्थ)।
44. "पुस्तक को पढ़ना" का समस्त पद लिखिए और समास का प्रकार बताइए।
उत्तर: समस्त पद: पुस्तकपाठ / ग्रंथपाठ।
प्रकार: कर्म तत्पुरुष (द्वितीया तत्पुरुष)।
प्रकार: कर्म तत्पुरुष (द्वितीया तत्पुरुष)।
45. "युद्ध के लिए तत्पर" का समस्त पद बनाइए।
उत्तर: युद्धोत्सुक / युद्धतत्पर / संग्रामार्थी।
46. "मृग की त्वचा" का समस्त पद लिखिए और विग्रह में लुप्त विभक्ति बताइए।
उत्तर: समस्त पद: मृगचर्म / मृगत्वचा।
लुप्त विभक्ति: की (षष्ठी)।
लुप्त विभक्ति: की (षष्ठी)।
47. "गुरु से मिली दक्षिणा" का समस्त पद क्या होगा?
उत्तर: गुरुदक्षिणा। (यहाँ 'से' करण कारक है, अतः करण तत्पुरुष)।
48. "आकाश से गिरा" का समस्त पद बनाइए और समास भेद बताइए।
उत्तर: समस्त पद: आकाशगंगा (आकाश में गंगा) या आकाशपाती (गिरा हुआ)।
एक सटीक उदाहरण: आकाशग (आकाश से गिरा हुआ)।
भेद: अपादान तत्पुरुष (पंचमी - से, अलग होने के भाव में)।
एक सटीक उदाहरण: आकाशग (आकाश से गिरा हुआ)।
भेद: अपादान तत्पुरुष (पंचमी - से, अलग होने के भाव में)।
49. "चार आने का मूल्य" वाक्यांश के लिए एक शब्द (समस्त पद) लिखिए।
उत्तर: चवन्नी। (यह द्विगु समास है, जो तत्पुरुष का ही भेद है)।
50. "तत्पुरुष" और "कर्मधारय" समास में अंतर स्पष्ट करते हुए एक-एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
अंतर:
1. तत्पुरुष में अंतिम पद प्रधान होता है। पहला पद गौण होता है और किसी कारक संबंध को दर्शाता है।
2. कर्मधारय में दोनों पद प्रधान होते हैं और विशेषण-विशेष्य का संबंध होता है। इसमें उपमेय और उपमान का भी संबंध हो सकता है।
उदाहरण:
- तत्पुरुष: राजपुत्र (राजा का पुत्र) - यहाँ 'पुत्र' प्रधान है।
- कर्मधारय: नीलकमल (नीला है जो कमल) - यहाँ 'नील' (विशेषण) और 'कमल' (विशेष्य) दोनों प्रधान हैं।
अंतर:
1. तत्पुरुष में अंतिम पद प्रधान होता है। पहला पद गौण होता है और किसी कारक संबंध को दर्शाता है।
2. कर्मधारय में दोनों पद प्रधान होते हैं और विशेषण-विशेष्य का संबंध होता है। इसमें उपमेय और उपमान का भी संबंध हो सकता है।
उदाहरण:
- तत्पुरुष: राजपुत्र (राजा का पुत्र) - यहाँ 'पुत्र' प्रधान है।
- कर्मधारय: नीलकमल (नीला है जो कमल) - यहाँ 'नील' (विशेषण) और 'कमल' (विशेष्य) दोनों प्रधान हैं।