तत्पुरुष समास समास का सबसे सामान्य और प्रचलित प्रकार है, जिसमें दो शब्द मिलते हैं और दूसरा पद (उत्तर पद) प्रमुख होता है। 'राजपुत्र', 'गंगाजल', 'देशभक्त' जैसे अधिकांश सामान्य सामासिक शब्द इसी के अंतर्गत आते हैं। यह समास शब्दों के बीच विभिन्न प्रकार के संबंध स्थापित करता है।
✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 7–8 (परिचय) | कक्षा 8–9 (अभ्यास) | कक्षा 9–10 (उच्च स्तर प्रयोग)
1. तत्पुरुष समास का परिचय
जब भी दो शब्द मिलते हैं और उनमें से दूसरा शब्द मुख्य अर्थ देता है, पहला शब्द उसकी विशेषता बताता है, तो वह तत्पुरुष समास होता है। इसे ऐसे समझें: "राजा का पुत्र" में मुख्य व्यक्ति कौन है? पुत्र। राजा तो बस उसकी एक पहचान है। इसलिए 'राजपुत्र' में 'पुत्र' प्रधान है। यही तत्पुरुष समास का मूल सिद्धांत है। यह समास हमारी भाषा में इतना आम है कि हम दिन में दर्जनों बार इसके उदाहरण बोलते हैं, जैसे चायपत्ती, पाठशाला, घुड़सवार।
इस समास में शब्दों के बीच कारक (Case) का संबंध छिपा रहता है। मूल रूप से, यह पहले पद (विभक्ति सहित) और दूसरे पद के बीच संबंध दिखाता है। किसी के पास है, किसी से आया है, किसी के लिए है, किसी के द्वारा है – ऐसे अर्थ इस समास में निकलते हैं।
2. परिभाषा
परिभाषा: वह समास जिसमें दो पदों के मेल से बने समस्त पद का अर्थ उत्तर पद (दूसरा पद) पर ही निर्भर करता है अर्थात उत्तर पद प्रधान होता है और पूर्व पद (पहला पद) गौण होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। इसमें पूर्वपद किसी न किसी विभक्ति का बोध कराता है।
3. मुख्य बिंदु / पहचान
तत्पुरुष समास को पहचानने के लिए इन सरल नियमों को याद रखें:
- उत्तर पद (दूसरा शब्द) प्रधान: यह सबसे बड़ी पहचान है। बने शब्द का मुख्य अर्थ दूसरे शब्द से आता है। 'वनवास' में 'वास' (रहना) प्रधान है, वन उसकी जगह बता रहा है।
- पूर्वपद में विभक्ति का लोप: पहले शब्द के साथ जुड़ी विभक्ति (का, के, की, से, में, के लिए आदि) लुप्त हो जाती है। 'धर्म का ग्रंथ' → 'धर्मग्रंथ' (का लुप्त)।
- विग्रह में विभक्ति चिह्न मिलते हैं: जब आप तत्पुरुष समास का विग्रह करेंगे, तो उसमें कोई न कोई विभक्ति चिह्न (का, से, में, के लिए) अवश्य आएगा।
- सर्वाधिक प्रचलित समास: आपके पाठ्यक्रम में मिलने वाले 70-80% सामासिक शब्द तत्पुरुष समास के ही होते हैं। यह सबसे बड़ा समूह है।
4. तत्पुरुष समास के प्रमुख भेद
लुप्त विभक्ति (कारक चिह्न) के आधार पर तत्पुरुष समास के कई भेद बताए जाते हैं। यहाँ पाँच मुख्य भेदों को समझना ज़रूरी है:
| क्रम | भेद का नाम | लुप्त विभक्ति | उदाहरण | विग्रह |
|---|---|---|---|---|
| 1 | कर्म तत्पुरुष | को (द्वितीया कारक) | गोदावरी (गोद में लेने योग्य) | गोद को लेने योग्य |
| 2 | करण तत्पुरुष | से, द्वारा (तृतीया कारक) | यथाशक्ति, ध्यानाकर्षण | शक्ति से, ध्यान से आकर्षण |
| 3 | संप्रदान तत्पुरुष | के लिए (चतुर्थी कारक) | गोदान, जलांजलि | गाय के लिए दान, जल के लिए अंजलि |
| 4 | अपादान तत्पुरुष | से (अलग होना) (पंचमी कारक) | आपबीती, स्वर्गवास | अपने से बीती, स्वर्ग से वास (प्राप्ति) |
| 5 | संबंध तत्पुरुष | का, के, की (षष्ठी कारक) | राजपुत्र, गंगाजल | राजा का पुत्र, गंगा का जल |
| 6 | अधिकरण तत्पुरुष | में, पर (सप्तमी कारक) | आत्मविश्वास, देशनिकाला | आत्मा में विश्वास, देश से निकाला |
नोट: 'कर्मधारय समास' वास्तव में तत्पुरुष समास का ही एक विशेष प्रकार माना जाता है, जहाँ विशेषण और विशेष्य का संबंध होता है। इसे हम अगले टॉपिक में अलग से पढ़ेंगे।
5. उदाहरण
विभिन्न संदर्भों में तत्पुरुष समास के उदाहरण:
- संबंध तत्पुरुष: घुड़सवार (घोड़े का सवार), चौराहा (चार राहों का समूह), तुलसीदास (तुलसी के दास)।
- करण तत्पुरुष: हथकड़ी (हाथ से कड़ी), मुख से बोला (मौखिक)।
- अपादान तत्पुरुष: भयभीत (भय से भीत), जन्मांध (जन्म से अंध)।
- संप्रदान तत्पुरुष: गुरुदक्षिणा (गुरु के लिए दक्षिणा)।
- अधिकरण तत्पुरुष: शयनकक्ष (शयन के लिए कक्ष), जेलखाना (जेल के लिए खाना/स्थान)।
6. वाक्य में प्रयोग
तत्पुरुष समास से बने शब्द वाक्य में संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण की तरह प्रयुक्त होते हैं। इनका रूप लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदल सकता है। यह बदलाव हमेशा प्रधान पद (उत्तर पद) के अनुसार होता है, पूर्व पद के अनुसार नहीं।
उदाहरण: "सभी राजपुत्रों ने युद्ध कला सीखी।" यहाँ 'राजपुत्र' (समस्त पद) में बहुवचन और कर्ता कारक का चिह्न '-ों' लगा है, जो 'पुत्र' (उत्तर पद) के कारण लगा है, 'राजा' के कारण नहीं। इसी तरह, "उसने गंगाजल पिया।" यहाँ 'गंगाजल' एकवचन में है क्योंकि 'जल' एकवचन है।
7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ
तत्पुरुष और अव्ययीभाव में भ्रम सबसे आम है। इन बातों से सावधान रहें:
- तत्पुरुष vs अव्ययीभाव: तत्पुरुष में दूसरा पद प्रधान होता है और बना शब्द संज्ञा/विशेषण होता है। अव्ययीभाव में पहला पद प्रधान होता है और बना शब्द अव्यय (क्रिया विशेषण) होता है। 'प्रतिदिन' (अव्यय) vs 'प्रतिज्ञा' (संज्ञा)।
- कर्मधारय अलग है: 'नीलकमल' (नीला है जो कमल) कर्मधारय समास है। इसमें पहला पद विशेषण और दूसरा विशेष्य है। यह तत्पुरुष का ही एक प्रकार है, लेकिन परीक्षा में इसे अलग भेद के रूप में पूछा जाता है।
- हर दो शब्दों का जोड़ तत्पुरुष नहीं: 'माता-पिता' द्वंद्व समास है क्योंकि दोनों पद प्रधान हैं। 'पंचतंत्र' बहुव्रीहि समास है क्योंकि न तो 'पंच' प्रधान है, न 'तंत्र'।
- विग्रह करके देखें: सबसे सुरक्षित तरीका है विग्रह करना। अगर विग्रह में विभक्ति चिह्न आता है और दूसरा पद प्रधान लगता है, तो वह तत्पुरुष ही है।
8. परीक्षा उपयोगी तथ्य
- तत्पुरुष समास की परिभाषा में "उत्तर पद प्रधान" वाक्यांश अवश्य लिखें।
- समास के भेद पूछे जाने पर तत्पुरुष के उपभेद (कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध, अधिकरण) भी गिनाए जा सकते हैं।
- MCQ में अक्सर दिए गए शब्दों में से तत्पुरुष समास पहचानने को कहा जाता है। याद रखें, राजपुत्र, गंगाजल, देशभक्त, विद्यालय जैसे शब्द इसके स्पष्ट उदाहरण हैं।
- विग्रह करने वाले प्रश्नों में, यदि विग्रह में 'का', 'के', 'की', 'से', 'में', 'के लिए' आता है तो समास तत्पुरुष ही होगा।
9. 🎯 तत्पुरुष समास आधारित चुनौती
नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी समझ की जाँच करें।
1. "धर्मग्रंथ" शब्द का विग्रह कीजिए और बताइए कि यह तत्पुरुष समास का कौन-सा भेद है?
2. "आत्मविश्वास" और "आत्महत्या" – क्या ये दोनों एक ही प्रकार के तत्पुरुष समास हैं? तर्क सहित उत्तर दीजिए।
आत्मविश्वास: विग्रह - आत्मा में विश्वास। (लुप्त विभक्ति: 'में') → अधिकरण तत्पुरुष।
आत्महत्या: विग्रह - आत्मा की हत्या। (लुप्त विभक्ति: 'की') → संबंध तत्पुरुष।
3. "वनवास" शब्द में प्रधान पद कौन-सा है? और यह समास किस विभक्ति के लोप से बना है?
4. "गोदावरी" नदी का नाम किस समास का उदाहरण है? इसका विग्रह बताकर सिद्ध कीजिए।
5. "यथाशक्ति" और "शक्तिहीन" – इन दोनों में 'शक्ति' पद है। क्या दोनों तत्पुरुष समास हैं? यदि नहीं, तो क्यों?
यथाशक्ति: विग्रह - शक्ति के अनुसार। यह एक अव्यय (क्रिया विशेषण) है, इसलिए यह अव्ययीभाव समास है।
शक्तिहीन: विग्रह - शक्ति से हीन। यह एक विशेषण है, और इसमें 'से' विभक्ति लुप्त है, इसलिए यह तत्पुरुष समास (अपादान भेद) है।
6. क्या "चौराहा" शब्द तत्पुरुष समास है? इसका विग्रह करके और प्रधान पद बताकर उत्तर स्पष्ट कीजिए।
7. "जेलखाना" शब्द का सही विग्रह क्या होगा? और इस आधार पर यह तत्पुरुष का कौन-सा भेद है?
8. "भयभीत" और "भयानक" – इन दोनों शब्दों में समास का अंतर स्पष्ट कीजिए।
भयभीत: विग्रह - भय से भीत (डरा हुआ)। 'से' विभक्ति लुप्त → तत्पुरुष समास (अपादान भेद)।
भयानक: विग्रह - भय उत्पन्न करने वाला। यहाँ 'भय' और 'आनक' का संबंध अलग है। यह एक बहुव्रीहि समास का उदाहरण है, क्योंकि न तो 'भय' प्रधान है, न 'आनक'।
9. "मुख से बोला गया" के लिए एक सामासिक शब्द बनाइए और बताइए कि वह किस प्रकार का तत्पुरुष समास होगा?
10. आप अपने विद्यालय के आस-पास देखें। 'प्रधानाचार्य कक्ष', 'क्रीड़ास्थल', 'पुस्तकालय' – इनमें से किसी एक शब्द का विग्रह करके उसके तत्पुरुष भेद का नाम बताइए।
विग्रह: पुस्तकों का आलय (घर)। लुप्त विभक्ति: 'का'।
इसलिए, यह संबंध तत्पुरुष समास है।
10. सारांश
तत्पुरुष समास समास का सबसे व्यापक और महत्वपूर्ण भेद है, जिसकी मूल पहचान "उत्तर पद की प्रधानता" है। इसमें पूर्व पद और उत्तर पद के बीच किसी न किसी कारक संबंध (का, से, में, के लिए आदि) का बोध होता है, जो समास बनाते समय लुप्त हो जाता है। 'राजपुत्र', 'गंगाजल', 'विद्यालय', 'देशभक्त' जैसे असंख्य शब्द इसी के उदाहरण हैं। इसे अव्ययीभाव से अलग पहचानने के लिए यह देखें कि बना शब्द संज्ञा/विशेषण है या क्रिया विशेषण।
11. संबंधित विषय संकेत
तत्पुरुष समास के एक विशेष और महत्वपूर्ण प्रकार को अलग से समझें: कक्षा 8-9 • कर्मधारय समास (Karmadharaya Samas)
📝 तत्पुरुष समास - अभ्यास कार्यपत्रक
तत्पुरुष समास और उसके विभिन्न भेदों पर आधारित व्यापक अभ्यास प्रश्न।
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