अभ्यास प्रारंभ: इस पृष्ठ पर कर्मधारय समास से संबंधित 50 विविध प्रश्न हैं। यह समास अपनी विशेष संरचना के लिए जाना जाता है। सभी प्रश्नों को ध्यानपूर्वक हल करें और अवधारणा को सुदृढ़ करें।
कर्मधारय समास: गहन अभ्यास (प्रश्न 1–50)
भाग 1: मूलभूत जानकारी (प्रश्न 1-10)
1. "कर्मधारय समास" की सबसे प्रमुख विशेषता क्या है?
उत्तर: इसमें विशेषण और विशेष्य का संबंध होता है और दोनों पद प्रधान होते हैं। पूर्वपद विशेषण तथा उत्तरपद विशेष्य होता है।
2. कर्मधारय समास का नामकरण क्यों हुआ? संक्षेप में समझाइए।
उत्तर: 'कर्मधारय' शब्द 'कर्म' (विशेष्य) और 'धारय' (धारण करने वाला) से मिलकर बना है। अर्थात्, वह समास जिसमें विशेषण (विशेषता धारण करने वाला) विशेष्य (कर्म) के साथ मिलता है।
3. कर्मधारय समास में पदों के बीच कौन-सा संबंध विद्यमान रहता है?
उत्तर: विशेषण-विशेष्य संबंध या उपमान-उपमेय संबंध। जैसे - नीलकमल (नील विशेषण, कमल विशेष्य)।
4. कर्मधारय समास को कई बार तत्पुरुष का ही भेद क्यों माना जाता है?
उत्तर: क्योंकि तकनीकी रूप से इसमें भी अंतिम पद प्रधान होता है और विभक्ति चिह्न ('है जो' के रूप में) लुप्त होता है। परंतु, इसकी प्रकृति विशेषणात्मक होने के कारण इसे अलग श्रेणी में रखा गया है।
5. कर्मधारय समास के विग्रह में पदों के बीच कौन-सा शब्द जोड़ा जाता है?
उत्तर: विग्रह में "है जो" या "के समान" (उपमा वाले में) जोड़ा जाता है। जैसे - नीलकमल = नील है जो कमल। सिंहपुरुष = सिंह के समान पुरुष।
6. "पीताम्बर" (पीला वस्त्र) शब्द में कौन-सा समास है? विग्रह सहित बताइए।
उत्तर: समास: कर्मधारय समास।
विग्रह: पीला है जो अम्बर (वस्त्र)।
विग्रह: पीला है जो अम्बर (वस्त्र)।
7. कर्मधारय समास के दो मुख्य प्रकार कौन-से हैं?
उत्तर: (1) विशेषण-विशेष्य कर्मधारय: जैसे - महात्मा (महान है जो आत्मा)। (2) उपमान-उपमेय कर्मधारय: जैसे - घनश्याम (घन के समान श्याम)।
8. "महादेव" (महान देव) शब्द किस प्रकार के कर्मधारय समास का उदाहरण है?
उत्तर: विशेषण-विशेष्य कर्मधारय समास। (महान है जो देव)।
9. कर्मधारय समास और तत्पुरुष समास में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: तत्पुरुष में पूर्वपद गौण और उत्तरपद प्रधान होता है तथा कारक संबंध होता है (जैसे - राजपुत्र में 'का' संबंध)। कर्मधारय में दोनों पद प्रधान होते हैं और विशेषण-विशेष्य संबंध होता है (जैसे - नीलकमल में 'है जो' संबंध)।
10. "चंद्रमुख" (चंद्र के समान मुख) शब्द का विग्रह कीजिए और समास प्रकार बताइए।
उत्तर: विग्रह: चंद्र के समान मुख।
समास प्रकार: उपमान-उपमेय कर्मधारय समास।
समास प्रकार: उपमान-उपमेय कर्मधारय समास।
भाग 2: रिक्त स्थानों की पूर्ति (प्रश्न 11-20)
11. कर्मधारय समास में पूर्वपद सदैव ______________ होता है।
उत्तर: विशेषण (गुणवाचक)।
12. "सजल" (जल सहित) शब्द में ______________ समास है।
उत्तर: कर्मधारय।
13. उपमान-उपमेय कर्मधारय में विग्रह करते समय ______________ शब्द जोड़ा जाता है।
उत्तर: "के समान"।
14. "कमलनयन" (कमल के समान नयन) ______________ प्रकार का कर्मधारय है।
उत्तर: उपमान-उपमेय।
15. कर्मधारय समास का एक पर्यायवाची शब्द ______________ भी है।
उत्तर: विशेषण-विशेष्य समास।
16. "नरसिंह" (नर और सिंह का समास) ______________ समास है, कर्मधारय नहीं।
उत्तर: द्वंद्व।
17. "श्वेतांबर" (सफ़ेद वस्त्र) में विग्रह होगा - ______________ है जो अम्बर।
उत्तर: श्वेत (सफ़ेद)।
18. "दशानन" (दस मुख वाला) शब्द ______________ समास भी कहलाता है।
उत्तर: बहुव्रीहि। (नोट: यह संख्या + अंग वाला शब्द है, विशेषण-विशेष्य संबंध है, इसलिए कर्मधारय भी माना जा सकता है, पर यह मुख्यतः बहुव्रीहि है)।
19. कर्मधारय समास में यदि पूर्वपद संज्ञा है, तो वह ______________ का काम करता है।
उत्तर: विशेषण (उपमान के रूप में)। जैसे - 'चंद्रमुख' में 'चंद्र' संज्ञा है, पर विशेषण का काम कर रहा है।
20. "सुलोचन" (सुंदर नेत्र वाली) शब्द ______________ समास का उदाहरण है।
उत्तर: कर्मधारय। (सुंदर हैं लोचन जिसके)।
भाग 3: सही विकल्प चुनिए (प्रश्न 21-30)
21. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द कर्मधारय समास का उदाहरण है?
(क) राजपुत्र
(ख) पीताम्बर
(ग) माता-पिता
(घ) यथाशक्ति
(क) राजपुत्र
(ख) पीताम्बर
(ग) माता-पिता
(घ) यथाशक्ति
उत्तर: (ख) पीताम्बर (पीला है जो अम्बर)।
22. "महाशय" (महान शय/स्वभाव वाला) शब्द में समास है:
(क) तत्पुरुष
(ख) द्विगु
(ग) कर्मधारय
(घ) अव्ययीभाव
(क) तत्पुरुष
(ख) द्विगु
(ग) कर्मधारय
(घ) अव्ययीभाव
उत्तर: (ग) कर्मधारय (महान है शय जिसका)।
23. कर्मधारय समास की सबसे सही परिभाषा कौन-सी है?
(क) जिसमें पहला पद प्रधान हो
(ख) जिसमें विशेषण और विशेष्य का संबंध हो
(ग) जिसमें दोनों पद संख्यावाचक हों
(घ) जिसमें पहला पद अव्यय हो
(क) जिसमें पहला पद प्रधान हो
(ख) जिसमें विशेषण और विशेष्य का संबंध हो
(ग) जिसमें दोनों पद संख्यावाचक हों
(घ) जिसमें पहला पद अव्यय हो
उत्तर: (ख) जिसमें विशेषण और विशेष्य का संबंध हो।
24. "सुकुमार" (कोमल शरीर वाला) शब्द का विग्रह क्या होगा?
(क) सुंदर कुमार
(ख) सु (अच्छा) है कुमार जो
(ग) सु (अच्छा) कुमार का
(घ) कुमार के लिए सु
(क) सुंदर कुमार
(ख) सु (अच्छा) है कुमार जो
(ग) सु (अच्छा) कुमार का
(घ) कुमार के लिए सु
उत्तर: (ख) सु (अच्छा/कोमल) है कुमार (शरीर) जिसका।
25. निम्न में से कौन-सा शब्द उपमान-उपमेय कर्मधारय का उदाहरण है?
(क) नीलकंठ
(ख) महात्मा
(ग) घनश्याम
(घ) देवदत्त
(क) नीलकंठ
(ख) महात्मा
(ग) घनश्याम
(घ) देवदत्त
उत्तर: (ग) घनश्याम (घन के समान श्याम)।
26. "शिरोमणि" (शिर का मणि) शब्द में समास है:
(क) कर्मधारय
(ख) तत्पुरुष
(ग) द्वंद्व
(घ) बहुव्रीहि
(क) कर्मधारय
(ख) तत्पुरुष
(ग) द्वंद्व
(घ) बहुव्रीहि
उत्तर: (ख) तत्पुरुष (षष्ठी तत्पुरुष)। यहाँ विशेषण-विशेष्य संबंध नहीं है, अपितु संबंध कारक ('का') का लोप है।
27. कर्मधारय समास के विग्रह में प्रायः कौन-सा शब्द प्रयुक्त होता है?
(क) और
(ख) है जो
(ग) का, की, के
(घ) में, पर
(क) और
(ख) है जो
(ग) का, की, के
(घ) में, पर
उत्तर: (ख) है जो।
28. "अज्ञान" (नहीं है ज्ञान) शब्द में समास है:
(क) तत्पुरुष
(ख) कर्मधारय
(ग) अव्ययीभाव
(घ) बहुव्रीहि
(क) तत्पुरुष
(ख) कर्मधारय
(ग) अव्ययीभाव
(घ) बहुव्रीहि
उत्तर: (ख) कर्मधारय। (विशेषण-विशेष्य संबंध: नहीं है जो ज्ञान = अज्ञान)।
29. "सप्तर्षि" (सात ऋषि) शब्द में कौन-सा समास है?
(क) द्विगु (तत्पुरुष का भेद)
(ख) कर्मधारय
(ग) द्वंद्व
(घ) अव्ययीभाव
(क) द्विगु (तत्पुरुष का भेद)
(ख) कर्मधारय
(ग) द्वंद्व
(घ) अव्ययीभाव
उत्तर: (क) द्विगु। यह संख्यावाचक विशेषण और विशेष्य का संबंध है, इसलिए कर्मधारय का ही एक प्रकार माना जा सकता है, पर इसे द्विगु समास की श्रेणी में रखा जाता है।
30. निम्न में से कौन-सा युग्म कर्मधारय समास का नहीं है?
(क) कृष्णसर्प - काला साँप
(ख) गजानन - हाथी के समान आनन
(ग) राजमार्ग - राजा का मार्ग
(घ) सुन्दरमुख - सुंदर मुख वाला
(क) कृष्णसर्प - काला साँप
(ख) गजानन - हाथी के समान आनन
(ग) राजमार्ग - राजा का मार्ग
(घ) सुन्दरमुख - सुंदर मुख वाला
उत्तर: (ग) राजमार्ग। यह तत्पुरुष समास है (राजा के लिए मार्ग या राजा का मार्ग)।
भाग 4: सत्य या असत्य (प्रश्न 31-40)
31. कर्मधारय समास में पहला पद संख्यावाचक विशेषण भी हो सकता है।
उत्तर: सत्य। जैसे - 'त्रिभुवन' (तीन हैं भुवन जो)।
32. "दशमुख" (दस मुख वाला) शब्द केवल बहुव्रीहि समास है, कर्मधारय नहीं।
उत्तर: असत्य। इसमें विशेषण (दस) और विशेष्य (मुख) का संबंध है, इसलिए इसे कर्मधारय भी माना जा सकता है। यह द्विगु समास (तत्पुरुष का भेद) भी है। पर यह बहुव्रीहि भी हो सकता है यदि तीसरा अर्थ निकले (रावण)।
33. "स्वर्णकार" (स्वर्ण का कारी) शब्द कर्मधारय समास है।
उत्तर: असत्य। यह तत्पुरुष समास है (संबंध तत्पुरुष - का)। यहाँ 'स्वर्ण' विशेषण नहीं, संज्ञा है और कारक संबंध है।
34. "नीलोत्पल" (नीला कमल) और "नीलकंठ" (नीला गला) दोनों कर्मधारय समास हैं।
उत्तर: सत्य। दोनों में 'नील' विशेषण है।
35. कर्मधारय समास में विग्रह करते समय पदों का क्रम बदल सकता है।
उत्तर: सत्य। जैसे - नीलकमल = कमल है जो नील। विग्रह में 'है जो' लगाने पर क्रम बदल जाता है।
36. "यथाशक्ति" (शक्ति के अनुसार) कर्मधारय समास का उदाहरण है।
उत्तर: असत्य। यह अव्ययीभाव समास है (पहला पद 'यथा' अव्यय है)।
37. "लंबोदर" (लंबा पेट वाला) कर्मधारय और बहुव्रीहि दोनों समास के लक्षण रखता है।
उत्तर: सत्य। विशेषण-विशेष्य संबंध (कर्मधारय) है, और यह किसी तीसरे का वाचक (गणेश) है (बहुव्रीहि)।
38. "कुमुदिनी" (कुमुदों का समूह) शब्द कर्मधारय समास है।
उत्तर: असत्य। यह तत्पुरुष समास है (षष्ठी तत्पुरुष - कुमुदों का समूह)। 'इनी' प्रत्यय है।
39. कर्मधारय समास में उत्तरपद सदैव संज्ञा होता है।
उत्तर: सत्य। विशेष्य सदैव संज्ञा ही होता है।
40. "अहिंसा" (हिंसा न करना) शब्द कर्मधारय समास है।
उत्तर: सत्य। 'अ' निषेधात्मक विशेषण और 'हिंसा' विशेष्य है (नहीं है जो हिंसा = अहिंसा)।
भाग 5: विग्रह एवं रचना (प्रश्न 41-50)
41. "कमल के समान नेत्र" का समस्त पद लिखिए और समास का नाम बताइए।
उत्तर: समस्त पद: कमलनयन।
समास: उपमान-उपमेय कर्मधारय।
समास: उपमान-उपमेय कर्मधारय।
42. "महान है आत्मा जिसकी" का समस्त पद बनाइए।
उत्तर: महात्मा।
43. "दुर्जन" शब्द का विग्रह कीजिए और बताइए कि यह कर्मधारय क्यों है?
उत्तर: विग्रह: दुष्ट है जो जन।
कारण: इसमें 'दुष्ट' (विशेषण) और 'जन' (विशेष्य) का संबंध है, और विग्रह में 'है जो' आता है।
कारण: इसमें 'दुष्ट' (विशेषण) और 'जन' (विशेष्य) का संबंध है, और विग्रह में 'है जो' आता है।
44. "सुन्दर है वाणी जिसकी" के लिए एक शब्द लिखिए।
उत्तर: सुवाणी / सुरीली वाणी (सटीक समस्त पद: 'सुवागी' भी हो सकता है, पर प्रचलित 'मधुरभाषिणी' आदि हैं)।
45. "गज के समान गमन" का समस्त पद लिखिए।
उत्तर: गजगमन। (यह उपमान-उपमेय कर्मधारय है)।
46. "शुभ्रवसना" (श्वेत वस्त्र धारण करने वाली) का विग्रह कीजिए।
उत्तर: शुभ्र (श्वेत) हैं वसन (वस्त्र) जिसके।
47. "तीन लोकों का समूह" का समस्त पद बनाइए और समास का प्रकार बताइए।
उत्तर: समस्त पद: त्रिलोक / त्रिभुवन।
प्रकार: द्विगु समास (जो कर्मधारय का ही एक प्रकार है)।
प्रकार: द्विगु समास (जो कर्मधारय का ही एक प्रकार है)।
48. "नवरत्न" शब्द का विग्रह करते हुए समास भेद लिखिए।
उत्तर: विग्रह: नव (नौ) रत्न।
भेद: द्विगु समास (संख्यावाचक विशेषण + विशेष्य)।
भेद: द्विगु समास (संख्यावाचक विशेषण + विशेष्य)।
49. "प्रियवचन" (प्रिय वचन बोलने वाला) शब्द कर्मधारय है या तत्पुरुष? तर्क सहित बताइए।
उत्तर: यह कर्मधारय समास है।
तर्क: इसमें 'प्रिय' विशेषण है और 'वचन' विशेष्य है। विग्रह होगा: प्रिय हैं वचन जिसके। यह विशेषण-विशेष्य संबंध दर्शाता है, कारक संबंध नहीं।
तर्क: इसमें 'प्रिय' विशेषण है और 'वचन' विशेष्य है। विग्रह होगा: प्रिय हैं वचन जिसके। यह विशेषण-विशेष्य संबंध दर्शाता है, कारक संबंध नहीं।
50. "सत्पुरुष" (अच्छा व्यक्ति) और "सद्भाव" (अच्छा भाव) - इन दोनों में समास की दृष्टि से क्या अंतर है?
उत्तर:
सत्पुरुष: कर्मधारय समास। विग्रह: सत् (अच्छा) है जो पुरुष।
सद्भाव: कर्मधारय समास। विग्रह: सत् (अच्छा) है जो भाव।
अंतर: दोनों ही कर्मधारय हैं। अंतर केवल अर्थ में है - एक व्यक्ति को, दूसरा भाव को दर्शाता है। समास की दृष्टि से दोनों एक ही प्रकार के हैं।
सत्पुरुष: कर्मधारय समास। विग्रह: सत् (अच्छा) है जो पुरुष।
सद्भाव: कर्मधारय समास। विग्रह: सत् (अच्छा) है जो भाव।
अंतर: दोनों ही कर्मधारय हैं। अंतर केवल अर्थ में है - एक व्यक्ति को, दूसरा भाव को दर्शाता है। समास की दृष्टि से दोनों एक ही प्रकार के हैं।