सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 18 JUNE 2026
क्या आप जानते हैं कि एक छोटा-सा शब्द "मेरा" पूरे वाक्य का स्वामी बन सकता है? जब हम कहते हैं – “मेरा घर”, “तुम्हारा बैग”, “उसका फोन” – तो ये शब्द बता देते हैं कि वस्तु किसकी है, किससे संबंधित है। ये बिना नाम लिए ही स्वामित्व और संबंध स्थापित कर देते हैं। हिंदी व्याकरण में ऐसे विशेषण जो संज्ञा या सर्वनाम का संबंध या अधिकार (स्वामित्व) प्रकट करते हैं, संबंधवाचक विशेषण (Possessive Adjective) कहलाते हैं। ये विशेषण बताते हैं कि कोई वस्तु/व्यक्ति किसका है – “मेरी किताब”, “तुम्हारा घर”, “उसका बैग”, “हमारा स्कूल”। इस पोस्ट में हम संबंधवाचक विशेषण की परिभाषा, उनके रूप, उदाहरण, पहचान के नियम, वाक्यों में प्रयोग, और संबंधवाचक सर्वनाम से अंतर को विस्तार से समझेंगे। यह पोस्ट कक्षा 6‑7 के छात्रों के लिए बनाई गई है, लेकिन कोई भी इसे आसानी से समझ सकता है।
✅ अनुशंसित: कक्षा 6-7 | CBSE एवं UP Board
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1. संबंधवाचक विशेषण – परिभाषा एवं परिचय
संबंधवाचक विशेषण (Possessive Adjective) वह विशेषण है जो संज्ञा या सर्वनाम का संबंध या अधिकार (स्वामित्व) प्रकट करता है। ये विशेषण बताते हैं कि कोई वस्तु/व्यक्ति किसका है – “मेरी किताब”, “तुम्हारा घर”, “उसका बैग”।
उदाहरण –
- एकवचन – पुल्लिंग: “मेरा भाई”, “तुम्हारा कमरा”, “उसका बगीचा”
- एकवचन – स्त्रीलिंग: “मेरी बहन”, “तुम्हारी किताब”, “उसकी साड़ी”
- बहुवचन: “मेरे भाई”, “तुम्हारे कमरे”, “हमारे मित्र”
संबंधवाचक विशेषण संज्ञा से पहले आता है और उसके साथ लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार अपना रूप बदलता है – “मेरा भाई” (पुल्लिंग), “मेरी बहन” (स्त्रीलिंग), “मेरे भाई” (बहुवचन)।
2. संबंधवाचक विशेषण के रूप – पुरुष, लिंग, वचन के अनुसार
संबंधवाचक विशेषण तीनों पुरुषों (उत्तम, मध्यम, अन्य) में आते हैं और लिंग तथा वचन के अनुसार बदलते हैं –
“मेरा घर”, “मेरी किताब”, “मेरे मित्र”
“हमारा स्कूल”, “हमारी कक्षा”, “हमारे शिक्षक”
2. मध्यम पुरुष (श्रोता): तेरा/तेरी/तेरे, तुम्हारा/तुम्हारी/तुम्हारे, आपका/आपकी/आपके
“तुम्हारा बैग”, “तुम्हारी पेंसिल”, “तुम्हारे दोस्त”
“आपका फोन”, “आपकी गाड़ी”, “आपके बच्चे”
3. अन्य पुरुष (अन्य): उसका/उसकी/उसके, उनका/उनकी/उनके
“उसका घर”, “उसकी बहन”, “उसके भाई”
“उनका काम”, “उनकी इच्छा”, “उनके विचार”
ट्रिक – याद रखें: “मेरा – अपना, तेरा – सुनने वाला, उसका – दूसरा; लिंग के अनुसार ‘आ’ → ‘ई’ (मेरा/मेरी), वचन के अनुसार ‘आ’ → ‘ए’ (मेरा/मेरे) – यही संबंधवाचक विशेषणों का क्रम।”
3. संबंधवाचक विशेषण – उदाहरण तालिका
नीचे दी गई तालिका में संबंधवाचक विशेषणों को पुरुष, लिंग और वचन के अनुसार वर्गीकृत किया गया है –
| पुरुष | एकवचन (पुल्लिंग) | एकवचन (स्त्रीलिंग) | बहुवचन | उदाहरण |
|---|---|---|---|---|
| उत्तम | मेरा | मेरी | मेरे | "मेरा भाई, मेरी बहन, मेरे माता-पिता" |
| उत्तम (बहु.) | हमारा | हमारी | हमारे | "हमारा घर, हमारी कार, हमारे मित्र" |
| मध्यम | तुम्हारा | तुम्हारी | तुम्हारे | "तुम्हारा बैग, तुम्हारी कलम, तुम्हारे कागज़" |
| मध्यम (सम्मान) | आपका | आपकी | आपके | "आपका काम, आपकी सलाह, आपके विचार" |
| अन्य | उसका | उसकी | उसके | "उसका भाई, उसकी बहन, उसके मित्र" |
| अन्य (बहु.) | उनका | उनकी | उनके | "उनका घर, उनकी किताब, उनके बच्चे" |
4. संबंधवाचक विशेषण और संबंधवाचक सर्वनाम में अंतर
संबंधवाचक विशेषण और संबंधवाचक सर्वनाम – दोनों के शब्द एक जैसे हैं (‘मेरा’, ‘तेरा’, ‘उसका’ आदि), पर उनका कार्य अलग है। आइए अंतर समझते हैं –
| संबंधवाचक विशेषण | संबंधवाचक सर्वनाम |
|---|---|
| संज्ञा के साथ आता है – उसका संबंध/अधिकार बताता है। “मेरी किताब मेज पर है।” |
संज्ञा के स्थान पर आता है – संज्ञा का काम करता है। “मेरी मेज पर है।” (यहाँ ‘मेरी’ = मेरी किताब) |
| इसका प्रयोग विशेषण के रूप में होता है – संज्ञा की पहचान कराता है। | इसका प्रयोग सर्वनाम के रूप में होता है – संज्ञा की जगह लेता है। |
| वाक्य में संज्ञा मौजूद होती है – “मेरी किताब” (किताब मौजूद) | वाक्य में संज्ञा नहीं होती – “मेरी” (यहाँ ‘मेरी’ किताब का काम कर रहा है) |
5. वाक्यों में संबंधवाचक विशेषण का प्रयोग
संबंधवाचक विशेषण का प्रयोग संज्ञा के ठीक पहले होता है और वह लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार बदलता है –
- उत्तम पुरुष:
“मेरा भाई आया है।” (पुल्लिंग)
“मेरी बहन आई है।” (स्त्रीलिंग)
“मेरे माता-पिता आए हैं।” (बहुवचन) - मध्यम पुरुष (सम्मान):
“आपका काम पूरा हो गया।” (पुल्लिंग)
“आपकी मदद चाहिए।” (स्त्रीलिंग)
“आपके विचार महत्वपूर्ण हैं।” (बहुवचन) - अन्य पुरुष:
“उसका बगीचा सुंदर है।” (पुल्लिंग)
“उसकी साड़ी पुरानी है।” (स्त्रीलिंग)
“उसके मित्र आए।” (बहुवचन)
महत्वपूर्ण: संबंधवाचक विशेषण संज्ञा की लिंग और वचन के अनुसार बदलता है – “मेरा घर” (घर – पुल्लिंग), “मेरी कार” (कार – स्त्रीलिंग), “मेरे घर” (बहुवचन)।
हल सहित उदाहरण (5)
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व्याख्या: ‘मेरी’ ने ‘किताब’ के साथ संबंध/अधिकार दिखाया – किताब मेरी है – यह संबंधवाचक विशेषण है।
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व्याख्या: ‘तुम्हारा’ ने ‘घर’ के साथ संबंध/अधिकार दिखाया – घर तुम्हारा है – यह संबंधवाचक विशेषण है।
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व्याख्या: ‘उनके’ ने ‘विचार’ का स्वामित्व बताया – विचार उनके हैं – यह अन्य पुरुष, बहुवचन संबंधवाचक विशेषण है।
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व्याख्या: ‘हमारी’ ने ‘कक्षा’ के साथ संबंध/अधिकार दिखाया – कक्षा हमारी है – यह संबंधवाचक विशेषण है।
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व्याख्या: ‘उसकी’ (स्त्रीलिंग – बहन), ‘उसके’ (बहुवचन – भाई) – दोनों ने ‘उस’ (अन्य पुरुष) के साथ संबंध/अधिकार दिखाया।
अभ्यास प्रश्न (5)
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संबंधवाचक विशेषण की समझ क्यों ज़रूरी है?
संबंधवाचक विशेषण हमारी भाषा को स्वामित्व-आधारित, स्पष्ट और पहचान-योग्य बनाता है। इनके बिना हम यह नहीं बता सकते कि कोई वस्तु किसकी है – “किताब” बनाम “मेरी किताब” – अंतर स्पष्ट है। ये विशेषण संबंधों, स्वामित्व, और पहचान को स्थापित करते हैं – चाहे वह पारिवारिक हो (“मेरी माँ”), शैक्षिक हो (“हमारा स्कूल”), या व्यक्तिगत हो (“तुम्हारा फोन”)। इस पोस्ट में हमने विशेषण परिभाषा और संकेतवाचक विशेषण के साथ संबंधवाचक विशेषण के अंतर को भी स्पष्ट किया है – अब आप किसी भी वाक्य में संबंधवाचक विशेषण को आसानी से पहचान सकते हैं और उनका सही प्रयोग कर सकते हैं।
अभ्यास से ही संबंधवाचक विशेषण की पहचान और प्रयोग मज़बूत होता है। अपनी दैनिक बातचीत और लेखन में ध्यान दें – आप कितनी बार ‘मेरा’, ‘तुम्हारा’, ‘उसका’, ‘हमारा’ आदि का प्रयोग करते हैं – और देखें कि वे किस संज्ञा के साथ आ रहे हैं (विशेषण) या अकेले (सर्वनाम)। लिंग और वचन के अनुसार ‘मेरा/मेरी/मेरे’ का सही चयन करें – यही आपकी भाषा को शुद्ध, सटीक और प्रभावी बनाएगा।
📝 संबंधवाचक विशेषण अभ्यास – कक्षा 6-7
इस इंटरैक्टिव वर्कशीट में 25 वाक्य दिए गए हैं – आपको प्रत्येक वाक्य में संबंधवाचक विशेषणों को पहचानना है और बताना है कि वे किस पुरुष, लिंग और वचन में हैं। साथ ही, कुछ वाक्यों में संबंधवाचक विशेषण और सर्वनाम में अंतर करना है, और गलत रूप (जैसे – ‘मेरा’ के स्थान पर ‘मेरी’ या ‘मेरे’) को शुद्ध करना है। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी समझ को परखें।
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