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संकेतवाचक विशेषण (Demonstrative Adjective) | Hindi Grammar | GPN

संकेतवाचक विशेषण (Demonstrative Adjective) वे शब्द हैं जो किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की ओर संकेत करते हैं। जब हम "यह किताब", "वह घर", "ऐसा आदमी" जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं, तो हम संकेतवाचक विशेषण का ही प्रयोग कर रहे होते हैं। यह विशेषण हमें यह बताता है कि हम किस विशेष चीज़ की ओर इशारा कर रहे हैं।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 6–7 (परिचय) | कक्षा 8–9 (अभ्यास) | कक्षा 10–11 (उच्च स्तर प्रयोग)


1️. संकेतवाचक विशेषण का परिचय

कल्पना कीजिए, आप किसी दुकान में गए हैं और दुकानदार से कहते हैं, "मुझे वह किताब दीजिए।" दुकानदार पूछेगा, "कौन सी किताब?" आप उंगली से इशारा करके कहेंगे, "यह किताब।" यहाँ "वह" और "यह" संकेतवाचक विशेषण हैं जो किताब की ओर संकेत कर रहे हैं। हम रोज़ाना कई बार संकेतवाचक विशेषणों का प्रयोग करते हैं - "यह लड़का", "वह इमारत", "ऐसे फूल"। ये सभी संकेतवाचक विशेषण हैं जो हमें स्पष्ट रूप से बताते हैं कि हम किस चीज़ की बात कर रहे हैं।

मान लीजिए आप अपने मित्र को अपने नए घर के बारे में बता रहे हैं, "यह मेरा नया घर है। वह बड़ा पेड़ मेरे घर के सामने है। ऐसा सुंदर बगीचा मैंने पहले कभी नहीं देखा।" यहाँ "यह", "वह" और "ऐसा" संकेतवाचक विशेषण हैं। "यह" निकट की वस्तु की ओर संकेत कर रहा है, "वह" दूर की वस्तु की ओर, और "ऐसा" किसी विशेष प्रकार की ओर। बिना इन विशेषणों के आपकी बात स्पष्ट नहीं हो पाती।

2. परिभाषा

परिभाषा: संकेतवाचक विशेषण वे शब्द होते हैं जो संज्ञा की ओर संकेत करते हैं या उसकी निश्चितता का बोध कराते हैं। ये हमें बताते हैं कि हम किस विशेष वस्तु, व्यक्ति या स्थान की बात कर रहे हैं - यह है या वह है, ऐसा है या वैसा है। संकेतवाचक विशेषण संज्ञा से पहले आकर उसकी ओर इशारा करते हैं।

3. मुख्य बिंदु / पहचान

संकेतवाचक विशेषण को पहचानने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। ये बातें परीक्षा में भी काम आएँगी:

  • संकेत या इशारा करना: संकेतवाचक विशेषण हमेशा किसी न किसी ओर संकेत या इशारा करते हैं
  • "कौन सा?" प्रश्न का उत्तर: संज्ञा से "कौन सा?" प्रश्न पूछने पर मिलने वाला उत्तर आमतौर पर संकेतवाचक विशेषण होता है
  • निकटता या दूरी बताना: यह निकट की वस्तु (यह, इस) या दूर की वस्तु (वह, उस) की ओर संकेत कर सकता है
  • प्रकार बताना: यह किसी विशेष प्रकार की ओर भी संकेत कर सकता है (ऐसा, वैसा, ऐसे, वैसे)
  • लिंग-वचन के अनुसार परिवर्तन: संकेतवाचक विशेषण संज्ञा के लिंग और वचन के अनुसार बदलते हैं

4. संकेतवाचक विशेषण के प्रकार

संकेतवाचक विशेषण को मुख्य रूप से दो प्रकारों में बाँटा जाता है - निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक:

क्रम प्रकार संक्षिप्त संकेत उदाहरण
1 निश्चयवाचक संकेतवाचक निश्चित रूप से संकेत करने वाले यह, वह, इस, उस
2 निकटवाचक निकट की वस्तु की ओर संकेत करने वाले यह लड़का, इस किताब
3 दूरवाचक दूर की वस्तु की ओर संकेत करने वाले वह घर, उस पेड़
4 अनिश्चयवाचक संकेतवाचक अनिश्चित रूप से संकेत करने वाले कोई, कुछ, किसी
5 प्रकारवाचक विशेष प्रकार की ओर संकेत करने वाले ऐसा, वैसा, ऐसे, वैसे

5. उदाहरण

संकेतवाचक विशेषण को बेहतर समझने के लिए कुछ सरल उदाहरण देखते हैं:

  • उदाहरण 1: यह किताब मेरी है। (यह = निकट की वस्तु की ओर संकेत)
  • उदाहरण 2: वह इमारत बहुत ऊँची है। (वह = दूर की वस्तु की ओर संकेत)
  • उदाहरण 3: ऐसा मौसम मैंने पहले कभी नहीं देखा। (ऐसा = विशेष प्रकार की ओर संकेत)
  • उदाहरण 4: कोई लड़का तुम्हारा इंतज़ार कर रहा है। (कोई = अनिश्चित संकेत)
  • उदाहरण 5: इस फूल की सुगंध बहुत अच्छी है। (इस = निकट की वस्तु की ओर संकेत)
  • उदाहरण 6: वैसा व्यवहार अच्छा नहीं है। (वैसा = विशेष प्रकार की ओर संकेत)

6. वाक्य में प्रयोग / प्रयोग की विधि

संकेतवाचक विशेषण का प्रयोग करते समय ध्यान रखना चाहिए कि यह संज्ञा से पहले आता है और संज्ञा के लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदलता है। जैसे "यह लड़का" (पुल्लिंग, एकवचन) लेकिन "ये लड़के" (पुल्लिंग, बहुवचन), "यह लड़की" (स्त्रीलिंग, एकवचन) लेकिन "ये लड़कियाँ" (स्त्रीलिंग, बहुवचन)। संकेतवाचक विशेषण वाक्य में विशेष्य (जिसकी ओर संकेत किया जा रहा है) के साथ मेल खाना चाहिए।

7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ

छात्र अक्सर संकेतवाचक विशेषण और सार्वनामिक विशेषण में भ्रमित हो जाते हैं क्योंकि दोनों के शब्द समान होते हैं। साथ ही संकेतवाचक विशेषण और संकेतवाचक सर्वनाम में अंतर समझना भी ज़रूरी है। परीक्षा में अक्सर इनमें भेद पूछा जाता है।

  • संकेतवाचक विशेषण vs सर्वनाम: "यह किताब मेरी है" में 'यह' विशेषण है (किताब की विशेषता), जबकि "यह मेरी किताब है" में 'यह' सर्वनाम है (किताब के स्थान पर)
  • निकट और दूर का भ्रम: "यह" का प्रयोग निकट के लिए और "वह" का प्रयोग दूर के लिए होता है, इसे उल्टा नहीं करना चाहिए
  • लिंग-वचन की गलती: "यह लड़कियाँ" गलत है, सही है "ये लड़कियाँ"। "वह किताबें" गलत है, सही है "वे किताबें"
  • "कोई" का प्रयोग: "कोई लड़का" (एकवचन) सही है, "कोई लड़के" (बहुवचन) गलत है

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • संकेतवाचक विशेषण को अंग्रेजी में Demonstrative Adjective कहते हैं
  • यह "कौन सा?" प्रश्न का उत्तर देता है
  • संकेतवाचक विशेषण के दो मुख्य प्रकार हैं - निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक
  • निश्चयवाचक के दो उपप्रकार हैं - निकटवाचक और दूरवाचक
  • संकेतवाचक विशेषण संज्ञा के लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदलता है
  • "यह", "वह", "ये", "वे" संकेतवाचक विशेषण के रूप हैं

9. 🎯 संकेतवाचक विशेषण आधारित चुनौती

नीचे दिए गए 10 प्रश्नों से जाँचिए कि आपने संकेतवाचक विशेषण की अवधारणा कितनी समझी है। ये सिर्फ अभ्यास के लिए नहीं बल्कि आपकी समझ की परख के लिए हैं:

1. "यह किताब" में 'यह' किस प्रकार का विशेषण है और यह क्या बता रहा है?

उत्तर: 'यह' संकेतवाचक विशेषण है और यह निकट की किताब की ओर संकेत कर रहा है। यह निश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण है, विशेष रूप से निकटवाचक।

2. संकेतवाचक विशेषण को पहचानने के लिए कौन सा प्रश्न पूछा जाता है?

उत्तर: संकेतवाचक विशेषण को पहचानने के लिए "कौन सा?" प्रश्न पूछा जाता है।

3. "वह पहाड़" और "यह पहाड़" में संकेतवाचक विशेषणों में क्या अंतर है?

उत्तर: "वह पहाड़" में 'वह' दूरवाचक संकेतवाचक विशेषण है (दूर के पहाड़ की ओर संकेत)। "यह पहाड़" में 'यह' निकटवाचक संकेतवाचक विशेषण है (निकट के पहाड़ की ओर संकेत)। दोनों निश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण हैं।

4. निश्चयवाचक और अनिश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण में क्या अंतर है? प्रत्येक का एक उदाहरण दें।

उत्तर: निश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण निश्चित रूप से संकेत करते हैं जबकि अनिश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण अनिश्चित रूप से संकेत करते हैं। उदाहरण: "यह लड़का" (निश्चयवाचक - निश्चित संकेत), "कोई लड़का" (अनिश्चयवाचक - अनिश्चित संकेत)

5. संकेतवाचक विशेषण के कितने प्रकार होते हैं? नाम बताएँ।

उत्तर: संकेतवाचक विशेषण के दो मुख्य प्रकार होते हैं: 1. निश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण 2. अनिश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण। निश्चयवाचक के दो उपप्रकार हैं: निकटवाचक और दूरवाचक। प्रकारवाचक भी एक प्रकार है।

6. "ऐसा व्यक्ति" में 'ऐसा' किस प्रकार का संकेतवाचक विशेषण है?

उत्तर: 'ऐसा' प्रकारवाचक संकेतवाचक विशेषण है क्योंकि यह विशेष प्रकार के व्यक्ति की ओर संकेत कर रहा है।

7. संकेतवाचक विशेषण लिंग और वचन के अनुसार कैसे बदलता है? उदाहरण सहित बताएँ।

उत्तर: संकेतवाचक विशेषण संज्ञा के लिंग और वचन के अनुसार बदलता है। उदाहरण: "यह लड़का" (पुल्लिंग, एकवचन), "ये लड़के" (पुल्लिंग, बहुवचन), "यह लड़की" (स्त्रीलिंग, एकवचन), "ये लड़कियाँ" (स्त्रीलिंग, बहुवचन)। इसी तरह "वह" बदलकर "वे" हो जाता है।

8. "कोई लड़का दरवाज़े पर है" में 'कोई' किस प्रकार का संकेतवाचक विशेषण है?

उत्तर: 'कोई' अनिश्चयवाचक संकेतवाचक विशेषण है क्योंकि यह अनिश्चित रूप से संकेत कर रहा है (यह निश्चित नहीं है कि कौन सा लड़का)।

9. संकेतवाचक विशेषण और संकेतवाचक सर्वनाम में क्या अंतर है? उदाहरण सहित बताएँ।

उत्तर: संकेतवाचक विशेषण संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताता है, जबकि संकेतवाचक सर्वनाम संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होता है। उदाहरण: "यह किताब अच्छी है" (यह = विशेषण, किताब की विशेषता), "यह अच्छी किताब है" (यह = सर्वनाम, किताब के स्थान पर)।

10. "इस फूल" और "उस फूल" में संकेतवाचक विशेषण क्या बता रहे हैं और इनमें क्या अंतर है?

उत्तर: "इस फूल" में 'इस' निकटवाचक संकेतवाचक विशेषण है (निकट के फूल की ओर संकेत)। "उस फूल" में 'उस' दूरवाचक संकेतवाचक विशेषण है (दूर के फूल की ओर संकेत)। दोनों निश्चयवाचक हैं लेकिन 'इस' निकटता बता रहा है जबकि 'उस' दूरी बता रहा है।

10. सारांश

संकेतवाचक विशेषण विशेषण का वह प्रकार है जो संज्ञा की ओर संकेत करता है या उसकी निश्चितता का बोध कराता है। यह "कौन सा?" प्रश्न का उत्तर देता है। संकेतवाचक विशेषण के दो मुख्य प्रकार हैं - निश्चयवाचक (निश्चित संकेत करने वाले) और अनिश्चयवाचक (अनिश्चित संकेत करने वाले)। निश्चयवाचक के दो उपप्रकार हैं - निकटवाचक (निकट की ओर संकेत) और दूरवाचक (दूर की ओर संकेत)। यह विशेषण संज्ञा के लिंग, वचन और कारक के अनुसार बदलता है और भाषा को स्पष्ट एवं निश्चित बनाने का काम करता है।

11. संबंधित विषय संकेत

आगे पढ़ें: सार्वनामिक/संबंधवाचक विशेषण - विशेषण का पाँचवाँ महत्वपूर्ण प्रकार जो संबंध या अपनत्व के बारे में बताता है।

📝 संकेतवाचक विशेषण वर्कशीट

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