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प्रचलित लोकोक्तियाँ – प्रश्नोत्तर, अभ्यास और उदाहरण सहित (Common Proverbs) | Hindi Grammar | GPN

कक्षा 7 से 9 तक के विद्यार्थियों के लिए लोकोक्तियों का ज्ञान और गहरा हो जाता है। अब केवल अर्थ ही नहीं, बल्कि सही संदर्भ में प्रयोग और विभिन्न परीक्षाओं में पूछी जाने वाली प्रचलित लोकोक्तियों को समझना जरूरी है। ये 50 लोकोक्तियाँ न सिर्फ NCERT बल्कि लगभग सभी राज्य बोर्ड की पाठ्यपुस्तकों से संकलित की गई हैं। आइए, इन्हें 5 रोचक श्रेणियों में सीखते हैं।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 7–9 (प्रचलित लोकोक्तियाँ) | कक्षा 10–12 (उच्च स्तरीय प्रयोग)


1. प्रचलित लोकोक्तियाँ क्या हैं? (What are Popular Proverbs?)

'प्रचलित' का अर्थ है जो आम बोलचाल में इस्तेमाल होती हैं। कुछ लोकोक्तियाँ ऐसी हैं जो हर किताब में, हर बातचीत में बार-बार आती हैं। जैसे 'आम के आम गुठलियों के दाम', 'नाच न जाने आँगन टेढ़ा' - ये सभी प्रचलित लोकोक्तियाँ हैं। कक्षा 7-9 के विद्यार्थियों के लिए इनका गहन अध्ययन आवश्यक है क्योंकि ये अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछी जाती हैं।

लोकोक्तियाँ हमारे बड़ों के अनुभव का निचोड़ होती हैं। जब हम कहते हैं "चोर की दाढ़ी में तिनका", तो इसका मतलब सिर्फ इतना नहीं कि चोर डरा हुआ है, बल्कि यह कि अपराधी हमेशा संदेह में रहता है। प्रचलित लोकोक्तियाँ ऐसे ही गहरे अर्थ रखती हैं।

2. परिभाषा (Definition)

परिभाषा: प्रचलित लोकोक्तियाँ वे कहावतें होती हैं जो किसी भाषा या समाज में सर्वसाधारण द्वारा नियमित रूप से प्रयोग की जाती हैं। ये इतनी आम हो जाती हैं कि इनका मूल स्रोत भूलकर लोग इन्हें रोज़मर्रा की भाषा में शामिल कर लेते हैं। ये पूर्ण वाक्य होती हैं और इनमें जीवन का कोई न कोई सबक छिपा होता है।

3. प्रचलित लोकोक्तियों की पहचान (Key Features)

प्रचलित लोकोक्तियों की तीन खास पहचान हैं:

  • व्यापक प्रचलन: ये लोकोक्तियाँ देश के कोने-कोने में समान रूप से प्रयोग की जाती हैं।
  • पाठ्यपुस्तकों में शामिल: लगभग सभी बोर्ड की किताबों में ये लोकोक्तियाँ दी जाती हैं।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी: कई प्रतियोगी परीक्षाओं में इनसे जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।

4. लोकोक्ति और मुहावरे में अंतर (Difference)

कक्षा 7-9 के लिए यह अंतर और स्पष्ट होना जरूरी है:

क्रम मुहावरा (Idiom) लोकोक्ति (Proverb)
1 वाक्यांश होता है, पूरा वाक्य नहीं पूरा वाक्य होता है, स्वतंत्र
2 अकेला प्रयोग नहीं होता, वाक्य में जोड़ना पड़ता है अकेला प्रयोग हो सकता है, पूरा अर्थ देता है
3 उदाहरण: 'आँखों का तारा' (वाक्यांश) उदाहरण: 'आम के आम गुठलियों के दाम' (पूरा वाक्य)
4 केवल भाव व्यक्त करता है पूरी स्थिति पर टिप्पणी करता है, सीख देता है

5. 50 प्रचलित लोकोक्तियाँ (50 Popular Proverbs)

नीचे 5 श्रेणियों में 50 प्रचलित लोकोक्तियाँ दी गई हैं। प्रत्येक श्रेणी में 10 नई लोकोक्तियाँ हैं। लोकोक्ति का अर्थ और वाक्य प्रयोग देखने के लिए बटन पर क्लिक करें।

श्रेणी 1: बुद्धि और मूर्खता से जुड़ी लोकोक्तियाँ देखने के लिए नीचे का बटन दबाएं:

  • 1. अक्ल बड़ी या भैंस — बुद्धि का महत्व बल से अधिक है।
    प्रयोग: राम ने बलपूर्वक नहीं, बुद्धि से रावण को हराया - सच है, अक्ल बड़ी या भैंस।
  • 2. एक अनार सौ बीमार — एक वस्तु के लिए अनेक दावेदार।
    प्रयोग: सरकारी नौकरी के एक पद के लिए हजारों आवेदन - एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति है।
  • 3. कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली — बड़ी और छोटी चीज़ की तुलना व्यर्थ।
    प्रयोग: तुम अपनी तुलना सचिन से करते हो? कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली।
  • 4. गागर में सागर भरना — कम शब्दों में बहुत कुछ कह देना।
    प्रयोग: कवि ने अपनी चार पंक्तियों में गागर में सागर भर दिया।
  • 5. चींटी के पर लगना — अकड़ जाना, घमंड होना।
    प्रयोग: थोड़ी सी तरक्की पाते ही उसे चींटी के पर लग गए।
  • 6. जिसकी लाठी उसकी भैंस — बलवान का ही राज चलता है।
    प्रयोग: समाज में अक्सर जिसकी लाठी उसकी भैंस वाली बात होती है।
  • 7. ठिकाने लगाना — नष्ट करना या सही जगह पहुँचाना (संदर्भानुसार)।
    प्रयोग: पुलिस ने अपराधी को ठिकाने लगा दिया।
  • 8. दिमाग का दही होना — घबरा जाना, समझ न आना।
    प्रयोग: इतना मुश्किल सवाल देखकर तो मेरा दिमाग का दही हो गया।
  • 9. नकली सिक्का कब तक चलेगा — झूठ का साथ ज्यादा दिन नहीं चलता।
    प्रयोग: झूठ बोलकर तो कुछ दिन चलेगा, पर नकली सिक्का कब तक चलेगा।
  • 10. बुद्धि का भूखा — मूर्ख।
    प्रयोग: वह इतनी सी बात नहीं समझता, सच में बुद्धि का भूखा है।

 

श्रेणी 2: कर्म और परिणाम से जुड़ी लोकोक्तियाँ देखने के लिए नीचे का बटन दबाएं:

  • 11. कर भला तो हो भला — अच्छा कर्म करोगे तो अच्छा फल मिलेगा।
    प्रयोग: गरीबों की मदद करो, कर भला तो हो भला।
  • 12. करे कोई भरे कोई — गलती किसी की, सजा किसी और को।
    प्रयोग: बड़े भाई ने शरारत की और छोटे को डाँट पड़ी - करे कोई भरे कोई।
  • 13. गए काम से परे, हुए और बिगड़े — काम बिगड़ जाना।
    प्रयोग: उसकी सलाह मानकर तो गए काम से परे, हुए और बिगड़े।
  • 14. चूम लेना — बहुत पसंद करना (व्यंग्य में भी)।
    प्रयोग: इनाम पाकर तो वह उछल पड़ा, मानो आसमान चूम लिया।
  • 15. छोटे मुँह बड़ी बात — हैसियत से बढ़कर बात करना।
    प्रयोग: एक छात्र प्रिंसिपल को सुझाव दे रहा था - छोटे मुँह बड़ी बात।
  • 16. जैसा बोओगे वैसा काटोगे — जैसा कर्म वैसा फल।
    प्रयोग: अगर आज मेहनत नहीं करोगे तो कल पछताओगे - जैसा बोओगे वैसा काटोगे।
  • 17. तलवार का धनी — योद्धा, वीर।
    प्रयोग: महाराणा प्रताप सच्चे तलवार के धनी थे।
  • 18. दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है — जो ठगा गया हो, वह हर चीज से डरता है।
    प्रयोग: एक बार धोखा खाने के बाद अब वह हर किसी पर शक करता है - दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है।
  • 19. नाव पार लगाना — मुसीबत से उबारना।
    प्रयोग: गुरु ने अपने ज्ञान से शिष्य की नाव पार लगा दी।
  • 20. फूटी आँख न सुहाना — बिल्कुल पसंद न आना।
    प्रयोग: उसकी शरारतें मुझे फूटी आँख नहीं सुहातीं।

 

श्रेणी 3: व्यवहार और नीति से जुड़ी लोकोक्तियाँ देखने के लिए नीचे का बटन दबाएं:

  • 21. अपनी गिरह बाँधना — याद रखना, सबक लेना।
    प्रयोग: शिक्षक की बातें अपनी गिरह बाँध लो।
  • 22. आगे नाथ न पीछे पगहा — बंधन मुक्त, आजाद।
    प्रयोग: शादी से पहले वह आगे नाथ न पीछे पगहा था।
  • 23. ऊँट किस करवट बैठता है — क्या ठिकाना, पता नहीं क्या होगा।
    प्रयोग: अभी तो पता नहीं ऊँट किस करवट बैठता है।
  • 24. कान काटना — बहुत कीमती या बेहतरीन।
    प्रयोग: ताजमहल तो कान काटने वाली इमारत है।
  • 25. खाए अंगीर और दे उतरना — बिना मेहनत के फल चाहना।
    प्रयोग: बिना पढ़े पास होना चाहते हो? खाए अंगीर और दे उतरना चाहते हो।
  • 26. गले का हार होना — बहुत प्यारा।
    प्रयोग: बेटी तो माँ के गले का हार होती है।
  • 27. चाँदी काटना — बहुत तेज दौड़ना।
    प्रयोग: घोड़ा ऐसे दौड़ा मानो चाँदी काट रहा हो।
  • 28. छाती पर सवार होना — परेशान करना।
    प्रयोग: कर्ज उसकी छाती पर सवार हो गया था।
  • 29. टेढ़ी खीर होना — मुश्किल काम।
    प्रयोग: IIT में दाखिला लेना कोई टेढ़ी खीर नहीं है, मेहनत करो।
  • 30. दाँत काटी रोटी — पक्का दोस्त या दुश्मन (संदर्भानुसार)।
    प्रयोग: दोनों में दाँत काटी रोटी का रिश्ता है।

 

श्रेणी 4: संसार और जीवन से जुड़ी लोकोक्तियाँ देखने के लिए नीचे का बटन दबाएं:

  • 31. इस हाथ दे उस हाथ ले — तुरंत लेन-देन।
    प्रयोग: दुकानदार ने इस हाथ दे उस हाथ ले वाला सौदा किया।
  • 32. उठा लेना — हड़प लेना, चुरा लेना।
    प्रयोग: भीड़ का फायदा उठाकर चोर मेरा बैग उठा ले गया।
  • 33. कलेजा टूक-टूक होना — बहुत दुख होना।
    प्रयोग: बेटे को तड़पता देख माँ का कलेजा टूक-टूक हो गया।
  • 34. खाला जी का खलिहान — भरपूर वस्तु।
    प्रयोग: इस मॉल में तो खाला जी का खलिहान है, हर चीज उपलब्ध है।
  • 35. गुड़-गुड़ करना — मीठी-मीठी बातें करना, फुसलाना।
    प्रयोग: चाचा जी बच्चों को गुड़-गुड़ करके मनाते हैं।
  • 36. घाट-घाट का पानी पीना — अनुभवी होना, दुनिया देखना।
    प्रयोग: वह बहुत अनुभवी है, घाट-घाट का पानी पी चुका है।
  • 37. चक्कर में पड़ना — झमेले में पड़ना।
    प्रयोग: उसके झूठे वादों के चक्कर में मत पड़ो।
  • 38. छप्पर फाड़कर देना — अप्रत्याशित रूप से बहुत कुछ मिलना।
    प्रयोग: लॉटरी निकलने पर तो छप्पर फाड़कर पैसे मिले।
  • 39. जमीन पर पैर न रखना — बहुत घमंड होना।
    प्रयोग: सफलता पाते ही वह जमीन पर पैर नहीं रखता।
  • 40. झोली भरना — खूब कमाना, भरपूर पाना।
    प्रयोग: इस फिल्म से निर्देशक ने खूब झोली भरी।

 

श्रेणी 5: विशेष परिस्थितियों से जुड़ी लोकोक्तियाँ देखने के लिए नीचे का बटन दबाएं:

  • 41. अपनी खिचड़ी अलग पकाना — अलग हो जाना, अलग रहना।
    प्रयोग: पार्टी में उसने सबसे अपनी खिचड़ी अलग पकाई।
  • 42. आस्तीन का साँप होना — धोखेबाज होना।
    प्रयोग: उसका दोस्त ही आस्तीन का साँप निकला।
  • 43. ऊँट के मुँह में जीरा — आवश्यकता से बहुत कम।
    प्रयोग: हज़ार लोगों के लिए दो केक - ऊँट के मुँह में जीरा।
  • 44. कंगाली में आटा गीला होना — मुसीबत पर मुसीबत आना।
    प्रयोग: नौकरी गई, बीमार पड़ गए - कंगाली में आटा गीला होना।
  • 45. खोदा पहाड़ निकली चुहिया — बहुत प्रयास, कम परिणाम।
    प्रयोग: इतनी तैयारी के बाद सिर्फ 40% नंबर? खोदा पहाड़ निकली चुहिया।
  • 46. गड़े मुर्दे उखाड़ना — पुरानी बातें निकालना।
    प्रयोग: अब इन गड़े मुर्दों को मत उखाड़ो।
  • 47. चिराग तले अंधेरा — अपनों में ही बुराई।
    प्रयोग: पुलिस वाले के घर में ही चोरी - चिराग तले अंधेरा।
  • 48. जल में रहकर मगर से बैर — मुसीबत मोल लेना।
    प्रयोग: उसी कंपनी में काम करके मालिक से झगड़ा? जल में रहकर मगर से बैर।
  • 49. ठंडे पड़ जाना — शांत हो जाना।
    प्रयोग: पुलिस को देखते ही उपद्रवी ठंडे पड़ गए।
  • 50. डेढ़ इंच का आदमी — तुच्छ व्यक्ति।
    प्रयोग: वह डेढ़ इंच का आदमी है, उसकी बातों का बुरा मत मानो।

6. लोकोक्तियों का वाक्य प्रयोग (Usage in Sentences)

प्रचलित लोकोक्तियों का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि ये पूरे वाक्य हैं, इसलिए इन्हें उद्धरण चिह्नों (" ") में लिखना चाहिए। प्रायः इनके पहले 'कहावत है कि', 'ठीक ही कहा है कि', 'यह सच है कि' जैसे शब्द जोड़े जाते हैं।

  • सही प्रयोग: मेहनत का फल मीठा होता है, ठीक ही कहा है - "कर भला तो हो भला"
  • सही प्रयोग: उसकी हालत देखकर "दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है" वाली कहावत याद आ गई।

7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ (Common Mistakes)

प्रचलित लोकोक्तियों में अक्सर शब्दों और अर्थों को लेकर भ्रम हो जाता है।

  • भ्रम: 'आम के आम गुठलियों के दाम' को 'आम के आम और गुठली के दाम' कहना - गलत है।
  • भ्रम: 'नाच न जाने आँगन टेढ़ा' का अर्थ समझना - इसका मतलब यह नहीं कि आँगन सच में टेढ़ा है।
  • भ्रम: 'चोर की दाढ़ी में तिनका' का अर्थ - यह चोर के डरने से है, दाढ़ी में तिनका होने से नहीं।
  • भ्रम: लोकोक्ति और मुहावरे को एक समझ लेना - लोकोक्ति पूरा वाक्य है, मुहावरा वाक्यांश।

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य (Exam Points)

  • कक्षा 7-9 की परीक्षा में लोकोक्तियों पर आधारित 4-6 अंक के प्रश्न अवश्य आते हैं।
  • प्रश्न होता है: "निम्नलिखित लोकोक्तियों का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।"
  • अक्सर पूछी जाने वाली लोकोक्तियाँ: आम के आम गुठलियों के दाम, नाच न जाने आँगन टेढ़ा, ऊँट के मुँह में जीरा, आदि।
  • लोकोक्ति का अर्थ संक्षिप्त और सटीक लिखें। वाक्य प्रयोग में लोकोक्ति को उद्धरण चिह्नों में लिखना न भूलें।
  • NCERT किताबों के अलावा 'कहावत कोश' में दी गई लोकोक्तियाँ भी उपयोगी हैं।

9. 🎯 प्रचलित लोकोक्ति चुनौती (10 सवाल)

नीचे दी गई लोकोक्तियों का अर्थ लिखें और वाक्य में प्रयोग करें। पहले खुद सोचें, फिर उत्तर देखें।

1. 'अक्ल बड़ी या भैंस' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: बुद्धि का महत्व बल से अधिक है।
वाक्य प्रयोग: राम ने बलपूर्वक नहीं, बुद्धि से रावण को हराया - सच है, अक्ल बड़ी या भैंस।

2. 'एक अनार सौ बीमार' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: एक वस्तु के लिए अनेक दावेदार।
वाक्य प्रयोग: सरकारी नौकरी के एक पद के लिए हजारों आवेदन - एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति है।

3. 'गागर में सागर भरना' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: कम शब्दों में बहुत कुछ कह देना।
वाक्य प्रयोग: कवि ने अपनी चार पंक्तियों में गागर में सागर भर दिया।

4. 'चींटी के पर लगना' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: अकड़ जाना, घमंड होना।
वाक्य प्रयोग: थोड़ी सी तरक्की पाते ही उसे चींटी के पर लग गए।

5. 'दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: जो ठगा गया हो, वह हर चीज से डरता है।
वाक्य प्रयोग: एक बार धोखा खाने के बाद अब वह हर किसी पर शक करता है - दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीता है।

6. 'आगे नाथ न पीछे पगहा' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: बंधन मुक्त, आजाद।
वाक्य प्रयोग: शादी से पहले वह आगे नाथ न पीछे पगहा था।

7. 'ऊँट किस करवट बैठता है' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: पता नहीं क्या होगा।
वाक्य प्रयोग: अभी तो पता नहीं ऊँट किस करवट बैठता है।

8. 'खाए अंगीर और दे उतरना' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: बिना मेहनत के फल चाहना।
वाक्य प्रयोग: बिना पढ़े पास होना चाहते हो? खाए अंगीर और दे उतरना चाहते हो।

9. 'घाट-घाट का पानी पीना' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: अनुभवी होना, दुनिया देखना।
वाक्य प्रयोग: वह बहुत अनुभवी है, घाट-घाट का पानी पी चुका है।

10. 'जल में रहकर मगर से बैर' - अर्थ और वाक्य प्रयोग

अर्थ: मुसीबत मोल लेना।
वाक्य प्रयोग: उसी कंपनी में काम करके मालिक से झगड़ा? जल में रहकर मगर से बैर।

10. सारांश (Summary)

प्रचलित लोकोक्तियाँ हिंदी भाषा की अमूल्य धरोहर हैं। कक्षा 7-9 के विद्यार्थियों के लिए ये 50 लोकोक्तियाँ न सिर्फ परीक्षा में मदद करेंगी, बल्कि उनकी अभिव्यक्ति को भी समृद्ध बनाएँगी। लोकोक्तियों का सही अर्थ और प्रयोग ही उनकी पहचान है। याद रखें - ये पूर्ण वाक्य हैं और जीवन का सबक छिपाए हैं।

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