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प्रचलित लोकोक्तियाँ – प्रश्नोत्तर, अभ्यास और उदाहरण सहित (Common Proverbs) | Hindi Grammar | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 31 JULY 2026

स्कूल की वार्षिक खेल-प्रतियोगिता में टीम चयन हो रहा था – एक छात्र बार-बार कह रहा था – "मुझे चुनो, मैं सबसे तेज़ हूँ!" – पर कोच ने कहा – "बेटा, गरजने वाले बरसते नहीं – जो असली तेज़ होते हैं, वे चुपचाप दौड़ते हैं और जीतते हैं।" एक और छात्र ने कहा – "सर, मैं तो हर बार जीतता हूँ – पर इस बार मैं हार गया – क्यों?" कोच ने मुस्कुराते हुए कहा – "जो जीते वही सिकंदर – पर आज तुम नहीं जीते – तो इसका मतलब यह नहीं कि तुम कमज़ोर हो – बस आज कोई और बेहतर था – यह लोकोक्ति है – 'जो जीते वही सिकंदर' – यानी सफलता ही सब कुछ नहीं, पर विजेता की पूजा होती है – जीवन में हार-जीत होती रहती है – महत्वपूर्ण है कि हम सीखें और आगे बढ़ें।" तब सभी को समझ आया – प्रचलित लोकोक्तियाँ वे लोकोक्तियाँ हैं – जो रोज़मर्रा की भाषा में सबसे अधिक प्रयुक्त होती हैं – और हर किसी को जाननी चाहिए – ये जीवन-सत्य, नीति, और अनुभव को संक्षिप्त, सरल और प्रभावशाली रूप में व्यक्त करती हैं – ये भाषा को ज्ञानवर्धक, प्रभावशाली और रोचक बनाती हैं। इस पोस्ट में हम कक्षा 7-9 के स्तर पर प्रचलित लोकोक्तियों की एक विस्तृत सूची – उनके अर्थ और वाक्य प्रयोग के साथ – समझेंगे – ताकि आप अपनी भाषा को ज्ञानवर्धक, प्रभावशाली और प्रवाहपूर्ण बना सकें और इन्हें आत्मविश्वास के साथ प्रयोग कर सकें।

✅ अनुशंसित: कक्षा 7-9 | CBSE एवं UP Board



1. प्रचलित लोकोक्तियाँ – भाषा और जीवन का दर्पण

प्रचलित लोकोक्तियाँ – वे लोकोक्तियाँ जो रोज़मर्रा की भाषा में सबसे अधिक प्रयुक्त होती हैं – और हर किसी को जाननी चाहिए – प्रचलित लोकोक्तियाँ कहलाती हैं। ये लोकोक्तियाँ भाषा को ज्ञानवर्धक, प्रभावशाली और रोचक बनाती हैं – और इन्हें सीखना कक्षा 7-9 के स्तर पर बहुत ज़रूरी है – क्योंकि इन्हीं से लेखन और बोलचाल दोनों निखरते हैं। प्रचलित लोकोक्तियों को जानने से आप किताबें, समाचार पत्र, और कहानियाँ बेहतर ढंग से समझ सकते हैं – और अपनी बात भी प्रभावशाली बना सकते हैं – क्योंकि एक लोकोक्ति पूरी बात को संक्षिप्त और गहरा बना देती है।

प्रचलित लोकोक्तियों की विशेषता –
  • ये सरल, यादगार और प्रभावी होती हैं
  • ये जीवन-सत्य, नीति, और अनुभव को संक्षेप में व्यक्त करती हैं
  • ये भाषा को सजीव बनाती हैं – “बहुत कोशिश की” की जगह “हाथ-पैर मारे” – कितना अच्छा लगता है!
  • ये पीढ़ियों से चली आ रही हैं – और समाज और संस्कृति को दर्शाती हैं

कक्षा 7-9 में लोकोक्तियों का विस्तृत अध्ययन होता है – क्योंकि इस स्तर पर लेखन कौशल पर ध्यान दिया जाता है – और लोकोक्तियाँ लेखन को ज्ञानवर्धक बनाने का सबसे अच्छा साधन हैं।

2. 25 प्रचलित लोकोक्तियाँ – अर्थ और वाक्य प्रयोग

यहाँ 25 प्रचलित लोकोक्तियों की सूची है – जो कक्षा 7-9 के स्तर पर बहुत उपयोगी हैं – इन्हें याद करें और वाक्यों में प्रयोग करें:

लोकोक्ति अर्थ वाक्य प्रयोग
अंधा क्या जाने बासंती रंग अज्ञानी व्यक्ति गुण की पहचान नहीं कर सकता “वह कला की कद्र नहीं करता – अंधा क्या जाने बासंती रंग!”
आम के आम गुठलियों के दाम एक साथ दोनों लाभ मिलना “इस सौदे में मुझे आम के आम गुठलियों के दाम मिल गए – कितना अच्छा!”
उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे दोषी दूसरे पर दोष लगाए “खुद नकल करके वह शिक्षक को बुरा कह रहा है – उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे!”
ईंट का जवाब पत्थर से बदले में कठोर प्रतिक्रिया देना “उसने गाली दी – तो मैंने ईंट का जवाब पत्थर से दिया – चुप हो गया!”
एक अनार सौ बीमार एक चीज़ के लिए बहुत से दावेदार “उस एक सीट के लिए बहुत लोग हैं – एक अनार सौ बीमार!”
एक हाथ से ताली नहीं बजती झगड़े में दोनों का हाथ होता है “वह सिर्फ राम को दोष देता है – पर एक हाथ से ताली नहीं बजती – दोनों गलत हैं।”
कबीरा खड़ा बाज़ार में माँगे सबकी खैर सबके भले की कामना करना “वह हर किसी की मदद करता है – कबीरा खड़ा बाज़ार में माँगे सबकी खैर – सच में अच्छा आदमी है।”
गधे के सिर पर सींग नहीं होते जिसमें गुण नहीं, उससे माँगना व्यर्थ “उससे मदद माँगना व्यर्थ है – गधे के सिर पर सींग नहीं होते – वह कुछ नहीं कर सकता।”
घर की मुर्गी दाल बराबर अपनों को उचित मूल्य न मिलना “अपने घर में किसी की कद्र नहीं – घर की मुर्गी दाल बराबर – बाहर के लोगों को तवज्जो मिलती है।”
जिसकी लाठी उसकी भैंस ताकतवर की बात माननी पड़ती है “बॉस जो कहे वही मानना पड़ता है – जिसकी लाठी उसकी भैंस – कोई सवाल नहीं कर सकता।”
झूठ के पाँव नहीं होते झूठ का पर्दाफाश हो जाता है “वह झूठ बोलता है – पर झूठ के पाँव नहीं होते – एक न एक दिन पकड़ा जाएगा।”
तेल तो मले पर हाथ न जले लाभ लें पर जोखिम न लें (असंभव) “वह बिना मेहनत के सफलता चाहता है – तेल तो मले पर हाथ न जले – ऐसा नहीं हो सकता।”
दूध का दूध पानी का पानी पूर्ण न्याय, सच और झूठ का अलगाव “कोर्ट ने सच्चाई सामने रखी – दूध का दूध पानी का पानी हो गया – न्याय मिला।”
दो मुँह और एक जीभ दोहरा चरित्र, एक ही बात दो तरह से कहना “उसके दो मुँह हैं – आज कुछ और कल कुछ और – यकीन नहीं होता।”
ना बोलूँ तो बैर, बोलूँ तो दुख दोनों ही स्थितियों में मुश्किल “उससे कुछ कहना भी मुश्किल है – ना बोलूँ तो बैर, बोलूँ तो दुख – सच में मुश्किल है।”
पेट भरा तो आँखें भरा जब सब मिल जाए तो संतोष हो जाता है “उसे सब कुछ मिल गया – पेट भरा तो आँखें भरा – अब शिकायत नहीं।”
बहती गंगा में हाथ धोना मौका मिलने पर लाभ उठाना “सरकारी योजना का लाभ उठाया – बहती गंगा में हाथ धोना – सही है।”
बिना भाले के युद्ध बिना तैयारी के काम करना “उसने बिना पढ़े परीक्षा दी – बिना भाले के युद्ध – फेल होना तय था।”
मन का बड़ा तो सबका बड़ा बड़ा दिल वाला ही सबका बड़ा होता है “वह बहुत दयालु है – मन का बड़ा तो सबका बड़ा – सब उसका सम्मान करते हैं।”
मिट्टी का बोझ नहीं उठाना ज़िम्मेदारी से बचना “वह हर काम से बचता है – मिट्टी का बोझ नहीं उठाना – यह अच्छा नहीं।”
मुँह में जबानी बिना सोचे-समझे बोलना “वह मुँह में जबानी बोलता है – कभी नहीं सोचता।”
रोते-रोते हँसी आना मिश्रित भावनाएँ, दुख में भी खुशी “उसकी कहानी सुनकर रोते-रोते हँसी आ गई – बड़ा अजीब अनुभव।”
लकड़ी का एक टुकड़ा बेकार, बेउपयोग “वह किसी काम का नहीं – लकड़ी का एक टुकड़ा – बस फालतू बैठा है।”
सबका साथ सबका विकास मिलकर काम करने से सबको फायदा “टीम ने मिलकर काम किया – सबका साथ सबका विकास – प्रोजेक्ट सफल हुआ।”
हाथ कंगन को आरसी क्या जब कोई बात स्पष्ट हो, तो साक्ष्य की ज़रूरत नहीं “वह चोर है – यह साफ़ दिख रहा है – हाथ कंगन को आरसी क्या – और क्या चाहिए!”

इन लोकोक्तियों को बार-बार पढ़ें, याद करें, और वाक्यों में प्रयोग करें – इससे आपकी हिंदी ज्ञानवर्धक, प्रभावशाली और रोचक बनेगी – और आपकी बात सुनने वालों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा।

3. लोकोक्तियों के विषय – नीति, कर्म, सफलता, और संघर्ष

लोकोक्तियाँ जीवन के हर पहलू को छूती हैं – आइए कुछ मुख्य विषयों को देखें:

विषय लोकोक्ति अर्थ
नीति / आचरण “जैसी करनी वैसी भरनी” कर्म का फल अवश्य मिलता है
सफलता / असफलता “जो जीते वही सिकंदर” सफलता ही सब कुछ नहीं, पर विजेता की पूजा
संघर्ष / प्रयास “तेल तो मले पर हाथ न जले” बिना मेहनत के लाभ असंभव
समाज / सहयोग “सबका साथ सबका विकास” एकता में बल
सत्य / झूठ “झूठ के पाँव नहीं होते” झूठ हमेशा पकड़ा जाता है

इस तरह लोकोक्तियों को विषयों में बाँटकर याद करना आसान हो जाता है – क्योंकि एक ही विषय की लोकोक्तियाँ एक साथ याद रहती हैं।

4. लोकोक्तियाँ याद रखने की ट्रिक्स

लोकोक्तियाँ याद रखने के लिए कुछ आसान और मज़ेदार ट्रिक्स – खासकर कक्षा 7-9 के लिए:

  • ट्रिक 1 – लोकोक्तियों को कहानी में जोड़ें: एक छोटी कहानी बनाएँ – जिसमें 10-15 लोकोक्तियाँ आएँ – “राम ने अंधा क्या जाने बासंती रंग – सोचकर अपनी कला नहीं दिखाई – पर बाद में आम के आम गुठलियों के दाम मिले – और उसने ईंट का जवाब पत्थर से दिया – आदि” – इससे सारी लोकोक्तियाँ एक साथ याद हो जाएंगी।
  • ट्रिक 2 – चित्र बनाएँ: “उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे” – एक चित्र बनाएँ – चोर और पुलिस – यह मज़ेदार है – और याद रहेगा।
  • ट्रिक 3 – शाब्दिक अर्थ सोचें: “अंधा क्या जाने बासंती रंग” – अंधा (अज्ञानी) और बासंती रंग (गुण) – यह अंतर याद रखें – और लोकोक्ति याद हो जाएगी।
  • ट्रिक 4 – रोज़ाना 5 लोकोक्तियाँ: हर दिन 5 नई लोकोक्तियाँ सीखें – और उनसे वाक्य बनाएँ – 30 दिन में 150 लोकोक्तियाँ याद हो जाएंगी।

5. लोकोक्तियों के सही प्रयोग – संदर्भ और सटीकता

लोकोक्तियों के सही प्रयोग के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  • संदर्भ (Context) – लोकोक्ति वाक्य के संदर्भ में फिट बैठनी चाहिए – “ईंट का जवाब पत्थर से” – कठोर प्रतिक्रिया के लिए – अगर सामान्य बात हो – तो यह नहीं लगेगी।
  • रूप (Form) – लोकोक्ति का रूप नहीं बदलना चाहिए – “उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे” – “उल्टा चोर पुलिस को डाँटे” नहीं – सही रूप याद रखें।
  • अर्थ (Meaning) – लोकोक्ति का लाक्षणिक अर्थ समझना चाहिए – “अंधा क्या जाने बासंती रंग” – सच में अंधा नहीं – यह अज्ञानी के लिए है – शाब्दिक मत लें।
  • सटीकता (Precision) – लोकोक्ति का प्रयोग ठीक उसी स्थिति में करें – “एक अनार सौ बीमार” – तब जब एक चीज़ के लिए बहुत दावेदार हों – अन्यथा मत लगाएँ।
महत्वपूर्ण – कक्षा 7-9 की परीक्षाओं में लोकोक्तियों का प्रयोग पर आधारित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं – जैसे – “दी गई लोकोक्ति का अर्थ बताएँ” या “लोकोक्ति का वाक्य में प्रयोग करें” – इसलिए अभ्यास बहुत ज़रूरी है।


हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “अंधा क्या जाने बासंती रंग” – इस लोकोक्ति का अर्थ क्या है? वाक्य बनाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “अज्ञानी व्यक्ति गुण की पहचान नहीं कर सकता” – “वह कला की कद्र नहीं करता – अंधा क्या जाने बासंती रंग!”
उदाहरण 2
प्रश्न: “उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे” – इस लोकोक्ति का अर्थ क्या है? वाक्य बनाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “दोषी दूसरे पर दोष लगाए” – “खुद नकल करके वह शिक्षक को बुरा कह रहा है – उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे!”
उदाहरण 3
प्रश्न: “एक अनार सौ बीमार” – इस लोकोक्ति का अर्थ बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “एक चीज़ के लिए बहुत से दावेदार” – “उस एक सीट के लिए बहुत लोग हैं – एक अनार सौ बीमार!”
उदाहरण 4
प्रश्न: “जिसकी लाठी उसकी भैंस” – इस लोकोक्ति का अर्थ क्या है? वाक्य बनाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “ताकतवर की बात माननी पड़ती है” – “बॉस जो कहे वही मानना पड़ता है – जिसकी लाठी उसकी भैंस – कोई सवाल नहीं कर सकता।”
उदाहरण 5
प्रश्न: “हाथ कंगन को आरसी क्या” – इस लोकोक्ति का अर्थ बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “स्पष्ट बात में साक्ष्य की ज़रूरत नहीं” – “वह चोर है – यह साफ़ दिख रहा है – हाथ कंगन को आरसी क्या – और क्या चाहिए!”

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“आम के आम गुठलियों के दाम” – इस लोकोक्ति का अर्थ क्या है? वाक्य बनाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “एक साथ दोनों लाभ मिलना” – “इस सौदे में मुझे आम के आम गुठलियों के दाम मिल गए – कितना अच्छा!”
प्रश्न 2
“घर की मुर्गी दाल बराबर” – इसका अर्थ क्या है? वाक्य बनाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “अपनों को उचित मूल्य न मिलना” – “अपने घर में किसी की कद्र नहीं – घर की मुर्गी दाल बराबर – बाहर के लोगों को तवज्जो मिलती है।”
प्रश्न 3
“बहती गंगा में हाथ धोना” – इस लोकोक्ति का अर्थ बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “मौका मिलने पर लाभ उठाना” – “सरकारी योजना का लाभ उठाया – बहती गंगा में हाथ धोना – सही है।”
प्रश्न 4
“मन का बड़ा तो सबका बड़ा” – इस लोकोक्ति का अर्थ क्या है? वाक्य बनाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “बड़ा दिल वाला ही सबका बड़ा होता है” – “वह बहुत दयालु है – मन का बड़ा तो सबका बड़ा – सब उसका सम्मान करते हैं।”
प्रश्न 5
लोकोक्ति का प्रयोग करते समय किन दो बातों का ध्यान रखना चाहिए? (एक वाक्य में)
उत्तर देखें
उत्तर: संदर्भ (Context) और अर्थ (Meaning) – दोनों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रचलित लोकोक्तियाँ – आपकी भाषा को ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली बनाने का साधन

प्रचलित लोकोक्तियाँ हिंदी भाषा और संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं – ये भाषा को ज्ञानवर्धक, प्रभावशाली और रोचक बनाती हैं – 'अंधा क्या जाने बासंती रंग' – अज्ञानता को दर्शाती है – 'आम के आम गुठलियों के दाम' – लाभ का वर्णन – और 'हाथ कंगन को आरसी क्या' – स्पष्टता का संदेश। इस पोस्ट में हमने  लोकोक्तियाँ और  प्रचलित मुहावरे की बुनियाद पर 25 प्रचलित लोकोक्तियों की विस्तृत सूची, अर्थ, वाक्य प्रयोग, और सही संदर्भ – को समझाया है – अब आप अपनी बातचीत और लेखन में इन लोकोक्तियों का प्रयोग करके अपनी भाषा को ज्ञानवर्धक, प्रभावशाली और यादगार बना सकते हैं – जो बोर्ड परीक्षा और जीवन दोनों में काम आएगा।

याद रखें – जितना अधिक आप लोकोक्तियों को पढ़ेंगे, समझेंगे और बोलचाल में प्रयोग करेंगे – उतनी ही अच्छी आपकी भाषा और जीवन-ज्ञान होगा। रोज़ाना 5 नई लोकोक्तियाँ सीखें – उनसे वाक्य बनाएँ – और अपने दोस्तों या परिवार के साथ बातचीत में प्रयोग करें – यह कौशल आपको जीवन भर काम आएगा – चाहे परीक्षा हो, साक्षात्कार हो, या दैनिक संवाद – हर जगह ज्ञानवर्धक और प्रभावशाली भाषा आपकी पहचान बनेगी।

📝 प्रचलित लोकोक्तियाँ अभ्यास – कक्षा 7-9

इस वर्कशीट में 25 प्रचलित लोकोक्तियों पर आधारित अभ्यास दिए गए हैं – जिनमें आपको लोकोक्तियों का अर्थ पहचानना है, रिक्त स्थानों में सही लोकोक्ति भरना है, दिए गए लोकोक्तियों से नए वाक्य बनाने हैं, और लोकोक्तियों के सही संदर्भ को पहचानना है – साथ ही लोकोक्तियों और मुहावरों के अंतर पर आधारित प्रश्न भी हैं। अंत में उत्तर कुंजी से अपनी जाँच कर सकते हैं।

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