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अनौपचारिक पत्र लेखन – प्रारूप, नियम, उदाहरण और महत्वपूर्ण विषय (Informal Letter Writing) | Hindi Grammar | GPN

क्या आपने कभी अपने दोस्त को पत्र लिखा है या नाना-नानी के घर छुट्टियों में जाने के बाद उन्हें धन्यवाद देने वाला पत्र लिखा है? वही तो अनौपचारिक पत्र है! यह हमारे अपने लोगों - परिवार और दोस्तों - से बातचीत करने का एक पुराना, खूबसूरत और व्यक्तिगत तरीका है, जहाँ हम अपनी भावनाएँ और खबरें साझा करते हैं।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 6–7 (प्रारंभिक) | कक्षा 8 (प्रारूप सीखना) | कक्षा 9–10 (भाषा शैली सुधार)


1. अनौपचारिक पत्र: एक परिचय

अनौपचारिक पत्र वे पत्र होते हैं जो हम अपने निकट संबंधियों - जैसे माता-पिता, भाई-बहन, मित्रों, रिश्तेदारों - को लिखते हैं। इन पत्रों में भाषा सरल, बोलचाल की और व्यक्तिगत होती है। इनका उद्देश्य समाचार देना, भावनाएँ व्यक्त करना, बधाई देना, आमंत्रित करना या बस यह बताना होता है कि हम उनके बारे में सोच रहे हैं।

सोचिए जब आप गर्मियों की छुट्टियों में अपने चचेरे भाई के घर गए थे और वापस आकर आपने उन्हें एक पत्र लिखा कि आपको उनके साथ बिताया समय कितना अच्छा लगा। वह पत्र न तो किसी अधिकारी को था और न ही उसमें कोई औपचारिक भाषा थी। वह सिर्फ आपके और आपके चचेरे भाई के बीच की एक गर्मजोशी भरी बातचीत थी, जो कागज़ पर उतरी थी। यही अनौपचारिक पत्र का सार है।

2. परिभाषा

परिभाषा: अनौपचारिक पत्र (Informal Letter) वह लेखन है जो निजी संबंधों के बीच व्यक्तिगत समाचार, भावनाओं, अनुभवों या विचारों के आदान-प्रदान के लिए लिखा जाता है। इसमें भाषा सरल, मैत्रीपूर्ण और संवादात्मक होती है तथा एक निश्चित लेकिन लचीले प्रारूप का पालन किया जाता है।

3. अनौपचारिक पत्र की पहचान

आप एक पत्र को अनौपचारिक कैसे पहचानेंगे? निम्नलिखित बातें इसे औपचारिक पत्र से अलग करती हैं:

  • पत्र प्राप्तकर्ता: यह पत्र हमेशा किसी निजी व्यक्ति (जैसे- मित्र, परिवार का सदस्य) के नाम पर लिखा जाता है, किसी पद या संस्था के नाम पर नहीं।
  • भाषा की शैली: भाषा में आत्मीयता झलकती है। 'आप', 'तुम' या नाम लेकर संबोधन किया जाता है। मुहावरों और दैनिक बोलचाल के शब्दों का प्रयोग हो सकता है।
  • विषय वस्तु: इसमें निजी जीवन की बातें होती हैं - पढ़ाई, स्वास्थ्य, त्योहार, यात्रा के अनुभव, पारिवारिक खबरें आदि।
  • हस्ताक्षर: अंत में केवल नाम लिखा जाता है, पद या पता नहीं। कभी-कभी 'तुम्हारा मित्र', 'तुम्हारी बहन' जैसे संबंध सूचक शब्द भी लिखे जाते हैं।

4. अनौपचारिक पत्र का पूरा प्रारूप

अनौपचारिक पत्र लिखने का एक निश्चित क्रम और प्रारूप होता है। इन भागों को क्रम से लिखना जरूरी है:

क्रम भाग का नाम क्या लिखें? (उदाहरण सहित) स्थान/नियम
1 प्रेषक का पता
(Sender's Address)
जहाँ से पत्र भेज रहे हैं।
उदा.: 15, शिवाजी नगर, दिल्ली - 110092
पृष्ठ के दाएँ ओर शीर्ष पर।
2 तिथि
(Date)
पत्र लिखने की तारीख।
उदा.: 15 मार्च, 2024
प्रेषक के पते के ठीक नीचे दाएँ ओर।
3 संबोधन
(Salutation)
पत्र पाने वाले को संबोधित करना।
उदा.: प्रिय मित्र रोहन, / पूज्य दादाजी,
तिथि के बाद बाएँ ओर एक पंक्ति छोड़कर।
4 विषय
(Subject) - वैकल्पिक
पत्र का मुख्य उद्देश्य बताना।
उदा.: ग्रीष्मावकाश के विषय में।
संबोधन के ठीक नीचे बाएँ ओर।
5 पत्र का मुख्य भाग
(Body of the Letter)
पत्र की मुख्य सामग्री। यह 2-3 अनुच्छेदों में लिखी जाती है। विषय या संबोधन के बाद एक पंक्ति छोड़कर।
6 समापन/अभिवादन
(Complimentary Close)
पत्र समाप्त करने के शब्द।
उदा.: तुम्हारा मित्र, / तुम्हारी पुत्री, / भवदीय,
मुख्य भाग के बाद दाएँ ओर
7 हस्ताक्षर एवं नाम
(Signature & Name)
अपने हस्ताक्षर या नाम।
उदा.: सुरेश / प्रियंका
समापन के ठीक नीचे दाएँ ओर।

5. मुख्य भाग (Body) लिखने का तरीका

पत्र का मुख्य भाग सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसे आमतौर पर तीन अनुच्छेदों में लिखा जाता है:

पहला अनुच्छेद: शुरुआत करें और पत्र लिखने का कारण बताएँ।
उदाहरण: "तुम्हारा पत्र मिला। पढ़कर बहुत खुशी हुई। तुम कैसे हो? यहाँ सब कुशल हैं। मैंने सोचा कि तुम्हें अपनी परीक्षा के परिणाम के बारे में बताऊँ।"

दूसरा अनुच्छेद: मुख्य समाचार या जानकारी दें।
उदाहरण: "इस वर्ष मेरी परीक्षा बहुत अच्छी रही। मैंने कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। गणित और विज्ञान में मुझे पूर्ण अंक मिले हैं। स्कूल के प्रधानाचार्य ने मुझे सम्मानित भी किया।"

तीसरा अनुच्छेद: समापन की ओर बढ़ें और भविष्य की बात करें।
उदाहरण: "गर्मियों की छुट्टियों में तुम मेरे घर आना। हम साथ में पिकनिक पर जाएँगे। माता-पिता तुम्हें भी याद कर रहे हैं। शीघ्र अपने बारे में लिखना।"

6. एक अच्छा अनौपचारिक पत्र लिखने के चरण

परीक्षा में या वास्तव में पत्र लिखते समय इन चरणों का पालन करें:

  1. प्रारूप तैयार करें: पहले कागज पर हल्के से प्रेषक का पता, तिथि, संबोधन आदि लिखने की जगह बना लें।
  2. मन में योजना बनाएँ: सोच लें कि आपको क्या-क्या बताना है। मुख्य बिंदुओं को क्रम से लगाएँ।
  3. संबोधन लिखें: पाने वाले के साथ अपने संबंध के अनुसार संबोधन चुनें (प्रिय मित्र, पूज्य पिताजी, प्रिय बहन आदि)।
  4. मुख्य भाग लिखें: तीन अनुच्छेदों में विचार रखें। पहले में पत्र का कारण, दूसरे में मुख्य बात, तीसरे में समापन और भविष्य की बात।
  5. भाषा का ध्यान रखें: भाषा सरल, स्पष्ट और आत्मीय हो। बहुत लंबे वाक्य न लिखें।
  6. समापन और हस्ताक्षर: अंत में उचित समापन (जैसे 'तुम्हारा मित्र') और अपना नाम लिखें।
  7. पुनः पढ़ें: एक बार पूरा पत्र धीरे-धीरे पढ़ें। कहीं वर्तनी या व्याकरण की गलती तो नहीं है? संदेश स्पष्ट है?

7. सामान्य गलतियाँ और सावधानियाँ

अनौपचारिक पत्र लिखते समय छात्र अक्सर ये गलतियाँ करते हैं। इनसे बचें:

  • प्रारूप की गलती: पता, तिथि, संबोधन आदि को गलत स्थान पर लिख देना। याद रखें: प्रेषक का पता और तिथि दाएँ तरफ, बाकी सब कुछ (संबोधन, मुख्य भाग, समापन) बाएँ तरफ से शुरू होता है।
  • संबोधन में औपचारिकता: मित्र को 'मान्यवर' या 'श्रीमान' लिख देना। अनौपचारिक पत्र में 'प्रिय' या सीधा नाम ही लिखें।
  • मुख्य भाग को एक ही लंबे अनुच्छेद में लिखना: पूरी बात एक ही पैराग्राफ में लिखने से पत्र पढ़ने में कठिन और बेढंगा लगता है। हमेशा 2-3 अनुच्छेदों में बाँटकर लिखें।
  • समापन में पद लिखना: अंत में 'भवदीय' तो ठीक है, पर 'आपका आज्ञाकारी शिष्य' जैसे औपचारिक शब्द न लिखें। 'तुम्हारा मित्र', 'तुम्हारी बहन' आदि लिखें।
  • भाषा में अशिष्टता या अत्यधिक अनौपचारिकता: 'हे', 'अरे', 'यार' जैसे बहुत ही आम बोलचाल के शब्द न लिखें। भाषा सरल हो पर शिष्ट हो।

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • परीक्षा में अक्सर दिए गए संकेत बिंदुओं (Hints) के आधार पर अनौपचारिक पत्र लिखने को कहा जाता है। सभी बिंदुओं को पत्र में शामिल करना जरूरी है।
  • शब्द सीमा का ध्यान रखें (आमतौर पर 100-150 शब्द)। प्रारूप के लिए अलग से अंक निर्धारित होते हैं, इसलिए उसे सही लिखना जरूरी है।
  • विषय (Subject) लिखना अनिवार्य नहीं है, लेकिन यदि परीक्षा में विषय दिया गया है तो जरूर लिखें।
  • तिथि लिखने का एक ही तरीका पूरे पत्र में अपनाएँ। या तो "15 मार्च, 2024" लिखें या "15-03-2024"। दोनों मिलाकर न लिखें।
  • परीक्षा में साफ-सुथरी हस्तलिपि और उचित रिक्त स्थान छोड़ने पर भी अंक मिलते हैं। पत्र पढ़ने में आसान लगना चाहिए।

9. 🎯 अनौपचारिक पत्र लेखन की चुनौती

नीचे दी गई परिस्थितियों के अनुसार पूर्ण अनौपचारिक पत्र लिखने का अभ्यास करें। अपना उत्तर लिखने के बाद "उत्तर देखें" बटन दबाकर नमूना पत्र देख सकते हैं।

1. प्रश्न: अपने मित्र को पत्र लिखकर बताइए कि आपने हाल ही में अपने विद्यालय का वार्षिकोत्सव कैसे मनाया। संकेत: सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुख्य अतिथि, पुरस्कार वितरण, अपनी भूमिका।

नमूना पत्र:

25, गांधी नगर
भोपाल, मध्य प्रदेश - 462001
10 अप्रैल, 2024
प्रिय मित्र अर्जुन,

सप्रेम नमस्ते।

तुम्हारा पिछला पत्र मिला। पढ़कर खुशी हुई कि तुम्हारी परीक्षाएँ अच्छी रहीं। यहाँ हम सब ठीक हैं। मैं तुम्हें अपने विद्यालय के वार्षिकोत्सव के बारे में बताना चाहता हूँ, जो पिछले शनिवार को बहुत धूमधाम से मनाया गया।

इस बार का उत्सव 'सांस्कृतिक विरासत' थीम पर आधारित था। हमने राज्यों के लोकनृत्य, गीत और नाटक प्रस्तुत किए। मैंने राजस्थान के कालबेलिया नृत्य में भाग लिया था। हमारे मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर श्रीमान राघव सिंह जी थे, जिन्होंने कार्यक्रम की सराहना की। पुरस्कार वितरण समारोह में मुझे सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक प्रदर्शन के लिए प्रथम पुरस्कार मिला!

तुम भी अपने स्कूल के किसी आयोजन के बारे में जरूर लिखना। गर्मियों की छुट्टियों में तुम यहाँ आना, हम साथ में फिल्म देखने जाएँगे। माँ-पापा तुम्हें याद कर रहे हैं।

अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना। शीघ्र पत्र देना।

तुम्हारा मित्र,
राहुल

2. प्रश्न: अपने चाचा को पत्र लिखकर उन्हें धन्यवाद दीजिए क्योंकि उन्होंने आपको जन्मदिन पर एक सुंदर साइकिल उपहार में भेजी थी।

नमूना पत्र:

ए-12, सरस्वती विहार
इंदौर, मध्य प्रदेश - 452001
5 मार्च, 2024
पूज्य चाचा जी,

सादर प्रणाम।

आपका प्यार भरा पत्र और जन्मदिन की शुभकामनाएँ मिलीं। आपने मेरे लिए जो सुंदर लाल रंग की साइकिल भेजी है, उसके लिए मैं आपका हृदय से आभारी हूँ। यह उपहार मेरे लिए बहुत खास है।

साइकिल बिल्कुल नई और आधुनिक डिज़ाइन की है। इसकी घंटी की मधुर आवाज और हल्की चलने की क्षमता मुझे बहुत पसंद आई। मैं रोज सुबह इसे पार्क में ले जाता हूँ और अपने दोस्तों के साथ साइकिल दौड़ भी लगाता हूँ। इससे मेरा शारीरिक व्यायाम भी हो जाता है।

पिताजी और माताजी भी आपकी स्नेहभरी सोच के लिए आपका धन्यवाद करते हैं। हम सभी आपके स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हैं। कृपया चाची जी को मेरा प्रणाम कहिए और भाइयों को प्यार।

आपका आभारी,

आपका भतीजा,
विकास

3. प्रश्न: अपनी बहन को पत्र लिखिए जो दूसरे शहर में पढ़ती है, और उसे बताइए कि आपके परिवार में हाल ही में क्या-क्या नई घटनाएँ हुई हैं।

नमूना पत्र:

101, शांति निकेतन
उज्जैन, मध्य प्रदेश - 456001
20 फरवरी, 2024
प्रिय दीदी,

स्नेहिल नमस्ते।

तुम्हारा कल का फोन आया था, पर तुमसे बात नहीं हो पाई। सोचा तुम्हें पत्र लिखूँ और सारी खबरें दूँ। यहाँ सब लोग ठीक हैं और तुम्हारी बहुत याद आती है।

पहली बड़ी खबर तो यह है कि पापा का तबादला हो गया है और अब वे शहर के नए कार्यालय में जाते हैं। उनका ऑफिस घर के पास ही है, इसलिए वे अब जल्दी घर लौट आते हैं। दूसरी खुशखबर यह कि मम्मी ने कुकिंग क्लास ज्वाइन कर ली है और नए-नए पकवान बना रही हैं। उनका हाथ अब बहुत अच्छा हो गया है।

मेरी परीक्षाएँ अगले महीने हैं, इसलिए मैं पढ़ाई में व्यस्त हूँ। तुम भी अपनी पढ़ाई का ध्यान रखना और स्वस्थ रहना। जल्दी ही छुट्टियों में घर आ जाना। हम सब तुम्हारे आने का इंतज़ार कर रहे हैं।

तुम्हारी यादों के साथ,

तुम्हारा छोटा भाई,
अमित

4. प्रश्न: अपने मित्र को उसके जन्मदिन की बधाई देते हुए एक पत्र लिखिए और उसे अपने घर पार्टी में आमंत्रित कीजिए।

नमूना पत्र:

45, सूर्य नगर
जबलपुर, मध्य प्रदेश - 482001
1 दिसंबर, 2024
प्रिय मित्र राज,

मधुर नमस्ते।

आज ही पता चला कि अगले सप्ताह तुम्हारा जन्मदिन है। इस शुभ अवसर पर मैं तुम्हें हार्दिक बधाई और ढेर सारी शुभकामनाएँ देता हूँ। भगवान तुम्हें दीर्घायु, स्वास्थ्य और सफलता प्रदान करें।

मैं तुम्हें विशेष रूप से अपने घर आमंत्रित करना चाहता हूँ। हम 10 दिसंबर, रविवार की शाम 5 बजे एक छोटी सी पार्टी का आयोजन कर रहे हैं। मेरे कुछ और मित्र भी आ रहे हैं। हम केक काटेंगे, गाने सुनेंगे और साथ में मस्ती करेंगे।

कृपया इस पार्टी में जरूर आना। तुम्हारे बिना पार्टी अधूरी रहेगी। अपने आने की पुष्टि मुझे फोन करके या संदेश देकर कर देना। तुम्हारे आने की प्रतीक्षा रहेगी।

पुनः जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई!

तुम्हारा प्रिय मित्र,
अनिल

5. प्रश्न: अपने मित्र को पत्र लिखकर बताइए कि आपने ग्रीष्मावकाश में किसी पर्यटन स्थल की यात्रा कैसे की और उसका अनुभव कैसा रहा।

नमूना पत्र:

78, लक्ष्मी बाग
ग्वालियर, मध्य प्रदेश - 474001
20 जून, 2024
प्रिय साथी मोहित,

सप्रेम अभिवादन।

काफी दिनों से तुम्हारा कोई समाचार नहीं मिला। आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होंगे। मैं अभी-अभी अपनी गर्मियों की छुट्टियों से लौटा हूँ और तुम्हें अपनी यात्रा के बारे में बताने के लिए उत्सुक हूँ।

इस बार हम परिवार के साथ शिमला घूमने गए थे। वहाँ का मौसम बहुत सुहावना था। हमने मॉल रोड पर घूमा, जाखू मंदिर में दर्शन किए और कुफरी में बर्फ भी देखी। सबसे यादगार अनुभव तो टॉय ट्रेन का था, जो पहाड़ियों के बीच से गुजरती है और नज़ारे बहुत खूबसूरत दिखाती है।

तुमने भी कहीं यात्रा की होगी? अपने अनुभव जरूर बताना। छुट्टियाँ खत्म होने वाली हैं और स्कूल फिर से शुरू हो जाएगा। आशा है हम जल्द मिलेंगे। तब तक अपना ख्याल रखना।

तुम्हारे जवाब की प्रतीक्षा में,

तुम्हारा मित्र,
नीरज

10. सारांश

अनौपचारिक पत्र लिखना एक सरल और मनोरंजक कार्य है जो हमें अपने प्रियजनों से जुड़े रहने में मदद करता है। एक सही प्रारूप (पता, तिथि, संबोधन, मुख्य भाग, समापन, हस्ताक्षर), सरल और आत्मीय भाषा, और तार्किक क्रम में लिखे गए 2-3 अनुच्छेदों के साथ आप एक प्रभावी अनौपचारिक पत्र लिख सकते हैं। याद रखें, यह एक दोस्ताना बातचीत है जो कागज पर हो रही है।

11. संबंधित विषय

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