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उपसर्ग की परिभाषा (Definition of Prefixes) | Hindi Grammar | GPN

उपसर्ग हिंदी व्याकरण का वह महत्वपूर्ण हिस्सा है जो शब्दों के अर्थ में बदलाव लाकर भाषा को समृद्ध बनाता है। रोज़मर्रा की बोलचाल में हम अनजाने में ही कई उपसर्गों का प्रयोग करते हैं, जैसे "अच्छा" से "बुरा" बनाने के लिए "अ-" उपसर्ग लगाना। यह विषय कक्षा 6-7 के छात्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह शब्द-निर्माण की नींव सिखाता है।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 6–7 (परिचय) | कक्षा 8–9 (विस्तार) | कक्षा 10–12 (उच्च स्तर प्रयोग)


1. उपसर्ग का परिचय

उपसर्ग को समझने का सबसे आसान तरीका है इसे "शब्दों के आगे लगने वाली कुंजी" मान लेना। जैसे किसी ताले को खोलने के लिए चाबी चाहिए, वैसे ही किसी शब्द के अर्थ को बदलने के लिए उपसर्ग चाहिए। हम रोज़ बोलते समय "सुख" के आगे "दुः" लगाकर "दुःख" बनाते हैं, या "ज्ञान" के आगे "अ" लगाकर "अज्ञान" - यह सब उपसर्गों की ही ताकत है।

कल्पना कीजिए आपके पास "पढ़ना" शब्द है। अब यदि आप इसके आगे "स्व" लगा दें तो "स्वपढ़" बन जाता है (अपने आप पढ़ना)। "पर" लगा दें तो "परपढ़" (दूसरों से पढ़ना)। यह छोटा सा परिवर्तन पूरे अर्थ को बदल देता है। उपसर्ग ठीक यही काम करते हैं - वे मूल शब्द के साथ जुड़कर नया अर्थ प्रदान करते हैं, जैसे मिट्टी के घड़े पर रंग करके उसे नया रूप देना।

2. परिभाषा

परिभाषा: उपसर्ग वे शब्दांश या अक्षर-समूह होते हैं जो किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन लाते हैं। ये स्वतंत्र रूप से प्रयोग में नहीं आते, बल्कि किसी शब्द के साथ जुड़कर ही अपना अर्थ देते हैं।

3. उपसर्ग की पहचान के मुख्य बिंदु

उपसर्ग को पहचानना सीखना ज़रूरी है क्योंकि परीक्षा में अक्सर "दिए गए शब्द में उपसर्ग अलग कीजिए" जैसे प्रश्न पूछे जाते हैं। नीचे दिए बिंदुओं से आप आसानी से उपसर्ग पहचान सकते हैं।

  • स्थान: उपसर्ग हमेशा मूल शब्द के आरंभ में (पहले) लगता है, कभी भी बीच में या अंत में नहीं।
  • स्वतंत्रता: उपसर्ग अकेले प्रयोग में नहीं आ सकते (जैसे "अ" या "सु" बिना किसी शब्द के अधूरे हैं)।
  • अर्थ परिवर्तन: उपसर्ग लगने पर मूल शब्द का अर्थ बदल जाता है, कभी-कभी उल्टा भी हो जाता है।
  • वर्तनी: उपसर्ग मूल शब्द के साथ मिलकर लिखा जाता है, अलग नहीं (जैसे "अ + सत्य = असत्य")।
  • संस्कृत मूल: अधिकतर उपसर्ग संस्कृत भाषा से लिए गए हैं और हिंदी में उसी रूप में प्रयुक्त होते हैं।

4. उपसर्ग के प्रकार (संक्षिप्त परिचय)

उपसर्गों को मुख्य रूप से उनके अर्थ और प्रयोग के आधार पर वर्गीकृत किया जा सकता है। नीचे दी गई तालिका में मुख्य प्रकारों का संक्षिप्त परिचय दिया गया है। विस्तृत अध्ययन अगले अध्याय "प्रमुख उपसर्ग" में किया जाएगा।

क्रम प्रकार संक्षिप्त संकेत
1 नकारात्मक उपसर्ग विपरीत अर्थ देने वाले (अ, नि, अन्)
2 सकारात्मक उपसर्ग अच्छा अर्थ देने वाले (सु, शुभ)
3 स्थान/दिशा बताने वाले प्र, परा, अप, सम् (संदर्भ बदलते हैं)
4 मात्रा/स्तर बताने वाले अति, सह, उप (मात्रा का बोध कराते हैं)

5. उपसर्ग के सरल उदाहरण

नीचे कुछ ऐसे उदाहरण दिए गए हैं जो उपसर्ग की अवधारणा को स्पष्ट करते हैं। ये उदाहरण कक्षा 6-7 के स्तर के अनुकूल हैं और परीक्षा में भी इसी तरह के उदाहरण पूछे जाते हैं।

  • उदाहरण 1: सु + जन = सुजन (अच्छा व्यक्ति) — यहाँ "सु" उपसर्ग ने "जन" का अर्थ सकारात्मक बना दिया।
  • उदाहरण 2: अ + विद्या = अविद्या (अज्ञान) — यहाँ "अ" उपसर्ग ने "विद्या" का उल्टा अर्थ बना दिया।
  • उदाहरण 3: प्र + काश = प्रकाश (फैलना/चमकना) — यहाँ "प्र" उपसर्ग ने "काश" में आगे बढ़ने का भाव जोड़ा।
  • उदाहरण 4: उप + नगर = उपनगर (शहर के पास का क्षेत्र) — यहाँ "उप" उपसर्ग ने निकटता का भाव दिया।
  • उदाहरण 5: नि + दय = निदय (क्रूर/दया रहित) — यहाँ "नि" उपसर्ग ने नकारात्मकता जोड़ी।

6. वाक्य में उपसर्ग का प्रयोग

उपसर्ग का सही प्रयोग जानना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत उपसर्ग लगाने पर शब्द का अर्थ ही बदल सकता है। उपसर्ग लगाते समय ध्यान रखें कि यह मूल शब्द के साथ इतना जुड़ जाए कि एक नया, सार्थक शब्द बन जाए।

प्रयोग विधि: उपसर्ग को मूल शब्द के साथ सीधे जोड़ दिया जाता है, बीच में कोई विभाजक चिह्न नहीं आता। जैसे "सम्" + "योग" = "संयोग" (ध्यान दें: 'म्' का 'ं' में परिवर्तन)। कुछ उपसर्ग मूल शब्द के पहले अक्षर के अनुसार अपना रूप बदल लेते हैं, जिसे सन्धि कहते हैं।

वाक्यों में प्रयोग:
1. राम सत्य बोलता है। (अ + सत्य = असत्य)
2. यह सुलेख बहुत सुंदर है। (सु + लेख = सुलेख)
3. प्रकृति में सब कुछ सुंदर है। (प्र + कृति = प्रकृति)
4. वह अतिवृष्टि से परेशान है। (अति + वृष्टि = अतिवृष्टि)
5. यह उपहार तुम्हारे लिए है। (उप + हार = उपहार)

7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ

कक्षा 6-7 के छात्र उपसर्ग सीखते समय अक्सर कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं जिससे परीक्षा में अंक कटते हैं। यहाँ वे मुख्य बिंदु दिए गए हैं जिन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

  • उपसर्ग vs प्रत्यय: सबसे बड़ा भ्रम उपसर्ग और प्रत्यय में होता है। याद रखें: उपसर्ग शब्द के आगे लगता है, प्रत्यय शब्द के पीछे लगता है।
  • स्वतंत्र शब्द नहीं: "अ" या "सु" जैसे उपसर्गों को अकेले शब्द नहीं माना जा सकता, भले ही वे छोटे हों।
  • वर्तनी की गलती: उपसर्ग को अलग लिखने की गलती (जैसे "सु लेख" की जगह "सुलेख" लिखना चाहिए)।
  • अर्थ भ्रम: एक ही उपसर्ग के अलग-अलग अर्थ हो सकते हैं। जैसे "अ" कभी नकारात्मकता देता है (असत्य), कभी विरोध का भाव (अधर्म)।
  • संधि की उपेक्षा: उपसर्ग लगाते समय संधि के नियमों पर ध्यान न देना, जैसे "सम् + चय = संचय" न कि "सम् चय" या "सम्चय" ।

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • MCQ हेतु: हिंदी में मुख्य रूप से 22-25 उपसर्ग माने जाते हैं जिनमें से 15-18 का प्रयोग सामान्य रूप से होता है।
  • रिक्त स्थान हेतु: "वह _____कारी व्यक्ति है" - यहाँ "सु" उपसर्ग उचित रहेगा क्योंकि यह सकारात्मकता दर्शाता है।
  • एक-शब्द उत्तर: उपसर्ग की परिभाषा पूछे जाने पर लिखें: "शब्द के पूर्व लगने वाला अर्थ-परिवर्तक शब्दांश।"
  • विशेष तथ्य: "सम्" उपसर्ग जब क, च, ट, त, प से शुरू होने वाले शब्दों से पहले आता है तो "सं" बन जाता है (संधि नियम)।
  • तुलना हेतु: अंग्रेजी के prefix (un-, dis-, pre-) और हिंदी के उपसर्ग समान कार्य करते हैं पर भिन्न हैं।

9. 🎯 उपसर्ग की परिभाषा - समझ की जाँच

नीचे दिए गए 10 प्रश्न उपसर्ग की आपकी समझ को परखेंगे। ये रटने के लिए नहीं, बल्कि सोचने के लिए हैं। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर देखने से पहले स्वयं सोचने का प्रयास करें।

1. क्या "अ" जैसा छोटा शब्दांश भी उपसर्ग हो सकता है? यदि हाँ, तो उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर: हाँ, "अ" एक उपसर्ग है क्योंकि यह शब्द के पहले लगकर अर्थ बदलता है, जैसे अ + सत्य = असत्य (सत्य का उल्टा)। उपसर्ग का आकार छोटा या बड़ा नहीं, बल्कि उसका कार्य महत्वपूर्ण है।

2. "स्कूल" शब्द में "उप" लगाकर "उपस्कूल" बनता है। क्या यह सही है? कारण सहित बताइए।

उत्तर: नहीं, यह सही नहीं है। "स्कूल" एक अंग्रेजी शब्द है और हिंदी उपसर्ग मुख्यतः संस्कृत/हिंदी मूल के शब्दों के साथ लगते हैं। "उपविद्यालय" सही शब्द होगा।

3. "प्रगति" शब्द में उपसर्ग और मूल शब्द अलग-अलग कीजिए।

उत्तर: उपसर्ग: प्र | मूल शब्द: गति
प्र + गति = प्रगति (आगे बढ़ना)

4. क्या "बेईमान" में "बे" उपसर्ग है? यदि हाँ, तो मूल शब्द क्या है?

उत्तर: हाँ, "बे" उपसर्ग है। मूल शब्द: ईमान
बे + ईमान = बेईमान (ईमान रहित)। ध्यान दें: "बे" फारसी/उर्दू मूल का उपसर्ग है जो हिंदी में भी प्रयुक्त होता है।

5. "अनुपस्थित" शब्द में कितने उपसर्ग हैं? उन्हें पहचानिए।

उत्तर: दो उपसर्ग हैं:
1. अनु (निकटता/अनुसरण का भाव)
2. अप (दूर/अभाव का भाव)
अनु + अप + स्थित = अनुपस्थित (सामने न होना)

6. "सुंदर" में "सु" उपसर्ग है या यह एक मूल शब्द है? तर्क सहित उत्तर दीजिए।

उत्तर: "सुंदर" में "सु" उपसर्ग है।
तर्क: सु + अंदर = सुंदर (अंदर से सुंदर/आकर्षक)। जब "सु" अलग हो जाए तो "अंदर" शब्द का अपना अर्थ है, पर "सुंदर" में यह सुंदरता का भाव देता है।

7. क्या कोई उपसर्ग दो अक्षरों से अधिक का भी हो सकता है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर: हाँ, कुछ उपसर्ग दो से अधिक अक्षरों के होते हैं। जैसे:
- "अधि" (अधिकार, अधिपति)
- "अभि" (अभिमान, अभियान)
- "परि" (परिक्रमा, परिधान)
उपसर्ग का आकार नहीं, कार्य महत्वपूर्ण है।

8. "लाल" शब्द में "अ" उपसर्ग लगाकर नया शब्द बनाइए। क्या यह सही होगा? क्यों?

उत्तर: अ + लाल = अलाल
"अलाल" कोई सार्थक हिंदी शब्द नहीं है, इसलिए यह उपसर्ग का सही प्रयोग नहीं है। उपसर्ग लगाने पर बना शब्द सार्थक होना चाहिए। "अलाल" का कोई अर्थ नहीं निकलता।

9. "विद्यालय" में उपसर्ग और मूल शब्द अलग कीजिए। क्या यहाँ उपसर्ग है?

उत्तर: हाँ, उपसर्ग है:
उपसर्ग: वि (विभिन्न/विशेष का भाव)
मूल शब्द: ध्यान (ध्यान का अपभ्रंश "ध्य") + आलय (स्थान)
वि + ध्यान + आलय = विद्यालय (ज्ञान का स्थान)
वास्तव में यह एक समास (तत्पुरुष समास) है, पर "वि" को उपसर्ग की तरह कार्य करते देखा जा सकता है।

10. उपसर्ग और प्रत्यय में मुख्य अंतर एक वाक्य में समझाइए।

उत्तर: उपसर्ग शब्द के आगे लगकर अर्थ बदलता है (जैसे सु + जन = सुजन), जबकि प्रत्यय शब्द के पीछे लगकर शब्द का प्रकार या रूप बदलता है (जैसे सुन्दर + ता = सुन्दरता में "ता" प्रत्यय है जो भाववाचक संज्ञा बना रहा है)।

10. सारांश

उपसर्ग हिंदी व्याकरण का वह मौलिक तत्व है जो शब्द-निर्माण की प्रक्रिया का आधार है। हमने सीखा कि उपसर्ग शब्द के पूर्व लगने वाले ऐसे शब्दांश हैं जो मूल शब्द के अर्थ में परिवर्तन लाते हैं। ये स्वतंत्र रूप से प्रयोग में नहीं आते, न ही इनका कोई स्वतंत्र अर्थ होता है। कक्षा 6-7 के स्तर के लिए उपसर्ग की पहचान करना, उनके प्रयोग से नए शब्द बनाना, और उपसर्ग-प्रत्यय में अंतर समझना सबसे महत्वपूर्ण बातें हैं।

11. संबंधित विषय संकेत

उपसर्ग की परिभाषा समझने के बाद अब आगे पढ़ें: प्रमुख उपसर्ग जहाँ हम विस्तार से सभी महत्वपूर्ण उपसर्गों, उनके अर्थों और प्रयोगों के बारे में अध्ययन करेंगे।

📝 उपसर्ग की परिभाषा - अभ्यास कार्यपत्रक

इस विषय से संबंधित वर्कशीट में आपको उपसर्ग पहचानने, अलग करने और नए शब्द बनाने के अभ्यास मिलेंगे।

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