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संज्ञा के वचन (Number of Noun) | Hindi Grammar | GPN

एक सेब, दो सेब, कई सेब... क्या आपने कभी सोचा है कि जब वस्तुएँ एक होती हैं या अनेक होती हैं, तो उनके नाम के साथ भी कुछ बदल जाता है? हिंदी में 'किताब' और 'किताबें' एक ही चीज़ के नाम हैं, पर संख्या के हिसाब से इनके रूप अलग-अलग हैं। संज्ञा के इसी "संख्या बोधक" रूप को वचन कहते हैं। यह व्याकरण की वह कैंची है जो शब्दों को एकवचन और बहुवचन के साँचे में काटती है, और वाक्यों को सटीक बनाती है।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 5–6 (आधारभूत नियम) | कक्षा 7–8 (अपवाद एवं जटिल रूप) | कक्षा 9–10 (साहित्यिक प्रयोग एवं द्विवचन)


1. संज्ञा के वचन (Number of Noun) का परिचय

आप अकेले हैं या आपके साथ और लोग हैं? भाषा में भी हर संज्ञा को यह बताना पड़ता है कि वह एक की बात कर रही है या एक से अधिक की। संज्ञा का वचन (Number of Noun) वह व्याकरणिक कोटि है जो संज्ञा की संख्या या गिनती का बोध कराती है। सरल शब्दों में, यह बताता है कि कोई संज्ञा एकवचन (Singular) है या बहुवचन (Plural)। यह लिंग की तरह ही एक मौलिक अवधारणा है जिसका प्रभाव क्रिया, सर्वनाम और विशेषण पर पड़ता है।

दैनिक जीवन में हम इसका स्वतः प्रयोग करते हैं। जब आप कहते हैं "मेरा दोस्त आया" तो यह एकवचन है। जब आप कहते हैं "मेरे दोस्त आए" तो यह बहुवचन है। ध्यान दें, केवल संज्ञा ('दोस्त' से 'दोस्तों') ही नहीं, बल्कि सर्वनाम ('मेरा' से 'मेरे') और क्रिया ('आया' से 'आए') भी बदल गए। यही वचन की शक्ति है – यह पूरे वाक्य को बदल देता है।

2. परिभाषा

परिभाषा: संज्ञा का वचन (Number of Noun) वह व्याकरणिक रूप है जो संज्ञा के एक या एक से अधिक होने का बोध कराता है। संज्ञा के जिस रूप से उसके एकवचन (Singular Number) या बहुवचन (Plural Number) होने का ज्ञान हो, उसे वचन कहते हैं।

3. वचन की पहचान के मुख्य बिंदु

किसी संज्ञा का वचन पहचानने के लिए इन बातों पर ध्यान दें:

  • संख्या का सूचक: यदि संज्ञा से एक वस्तु, व्यक्ति या स्थान का बोध हो, तो वह एकवचन है। यदि एक से अधिक का बोध हो, तो वह बहुवचन है।
  • शब्द के अंत में परिवर्तन: एकवचन से बहुवचन बनाते समय शब्द के अंत में प्रायः 'एँ', 'याँ', 'ओं', 'अ' जैसे रूप जुड़ते या बदलते हैं।
    • लड़का → लड़के, लड़कों
    • किताब → किताबें
    • घोड़ा → घोड़े
  • क्रिया से सहमति: वचन का सबसे स्पष्ट संकेत वाक्य की क्रिया से मिलता है।
    • एकवचन: "लड़का पढ़ता है।"
    • बहुवचन: "लड़के पढ़ते हैं।"
  • विशेषण व सर्वनाम से सहमति: इनके रूप भी वचन के अनुसार बदलते हैं।
    • एकवचन: "यह लाल गुलाब है।"
    • बहुवचन: "ये लाल गुलाब हैं।" (विशेषण 'लाल' नहीं बदला, पर 'गुलाब' से 'गुलाब' और क्रिया 'है' से 'हैं' बदल गए)।

4. वचन के प्रमुख प्रकार एवं नियम

हिंदी में संज्ञा के वचन के मुख्यतः दो प्रकार हैं। प्राचीन संस्कृत में 'द्विवचन' (दो के लिए) भी होता था, पर आधुनिक हिंदी में उसका प्रयोग बहुत कम है। नीचे दी गई तालिका में वचन के प्रकार और एकवचन से बहुवचन बनाने के कुछ सामान्य नियम दिए गए हैं।

क्रम वचन का प्रकार परिभाषा / विशेषता उदाहरण
1 एकवचन (Singular Number) जिस संज्ञा से केवल एक वस्तु, व्यक्ति या स्थान का बोध हो। लड़का, किताब, नदी, आम, विचार
2 बहुवचन (Plural Number) जिस संज्ञा से एक से अधिक वस्तुओं, व्यक्तियों या स्थानों का बोध हो। लड़के, किताबें, नदियाँ, आम, विचार (कुछ शब्द एकवचन-बहुवचन में समान)
3 द्विवचन (Dual Number)* वह रूप जो विशेष रूप से दो का बोध कराए। (प्रायः प्रयोग में नहीं) दोनों, युगल, जोड़ा, नेत्र (आँखें), कर (हाथ) – ये शब्द स्वयं दो का बोध कराते हैं।

एकवचन से बहुवचन बनाने के मुख्य नियम:

नियम क्रमांक एकवचन (शब्द का अंत) बहुवचन बनाने का तरीका उदाहरण (एकवचन → बहुवचन)
1 आ, ा 'आ' को 'ए' में बदलें लड़का → लड़के, घोड़ा → घोड़े
2 ई, ी 'ई' को 'इयाँ' या 'याँ' में बदलें नदी → नदियाँ, लड़की → लड़कियाँ, गली → गलियाँ
3 इया 'इया' को 'इयाँ' में बदलें चिड़िया → चिड़ियाँ, कुर्सी → कुर्सियाँ
4 अन्य (अ, इ, उ, ऊ) शब्द के अंत में 'एँ' जोड़ें किताब → किताबें, माता → माताएँ, बहन → बहनें
5 संबोधन या सम्मान सूचक शब्द के अंत में 'ओं', 'गण', 'जन' जोड़ें या 'आ' को 'ओं' में बदलें बच्चा → बच्चों, गुरु → गुरुजन, देवता → देवतागण
6 अपवाद / समान रूप बहुवचन में कोई परिवर्तन नहीं आम → आम, पानी → पानी, सामान → सामान, दूध → दूध

5. विस्तृत उदाहरण एवं अभ्यास

विभिन्न नियमों के अधिक उदाहरण और विशेष स्थितियाँ:

  • नियम 1 (आ → ए): बेटा → बेटे, तोता → तोते, राजा → राजे (कभी-कभी 'राजाओं' भी)।
  • नियम 2 (ई → इयाँ): चिड़ी → चिड़ियाँ, थाली → थालियाँ, गुड़िया → गुड़ियाँ।
  • नियम 4 (एँ जोड़ना):
    • स्त्रीलिंग: बहन → बहनें, माता → माताएँ, सखी → सखियाँ
    • पुल्लिंग: बादल → बादल, फूल → फूल, पेड़ → पेड़ (कुछ में कोई बदलाव नहीं)
  • वचन परिवर्तन न करने वाले शब्द (अगणनीय/द्रव्यवाचक):
    • द्रव्य: घी, चीनी, तेल, हवा, रेत
    • भाववाचक: प्यार, घृणा, ईमानदारी, बचपन
    • समूहवाचक: भीड़, सेना, झुंड, गुच्छा (ये स्वयं बहुवचन का बोध कराते हैं)
  • द्विवचन के अवशेष: 'आँखें', 'कान', 'हाथ', 'पैर' – ये शब्द स्वयं ही जोड़े (दो) का बोध कराते हैं, इसलिए इनके साथ 'दो' लगाने पर भी बहुवचन रूप वही रहता है। जैसे: "दो आँखें", "दो हाथ"।

6. वाक्य में प्रयोग की विधि (वचन की सहमति)

वचन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है वाक्य में सहमति (Agreement)। संज्ञा के वचन के अनुसार क्रिया, सर्वनाम, विशेषण आदि बदलने पड़ते हैं।

  • क्रिया के साथ सहमति (सबसे महत्वपूर्ण):
    • एकवचन: "बच्चा खेलता है।" "वह जाता है।"
    • बहुवचन: "बच्चे खेलते हैं।" "वे जाते हैं।"
  • सर्वनाम के साथ सहमति:
    • एकवचन: "यह मेरी किताब है।" "वह तुम्हारा दोस्त है।"
    • बहुवचन: "ये मेरी किताबें हैं।" "वे तुम्हारे दोस्त हैं।"
  • विशेषण के साथ सहमति (कुछ विशेषण बदलते हैं):
    • एकवचन: "यह लाल गाड़ी है।"
    • बहुवचन: "ये लाल गाड़ियाँ हैं।" (विशेषण 'लाल' नहीं बदला, पर कुछ विशेषण जैसे 'बड़ा' → 'बड़े' बदलते हैं।)
  • कई विषय (Compound Subject) होने पर: जब दो या अधिक एकवचन संज्ञाएँ मिलकर कर्ता बनती हैं, तो क्रिया बहुवचन में आती है।
    • "राम और श्याम पढ़ते हैं।"
    • "माता, पिता और बच्चे गए हैं।"

7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ

संज्ञा के वचन (Number of Noun) को लेकर छात्रों में आम भ्रम इस प्रकार हैं:

  • 'ओं' और 'एँ' का गलत प्रयोग: 'लड़कों' (पुल्लिंग बहुवचन, संबोधन/कर्म कारक) और 'लड़कियाँ' (स्त्रीलिंग बहुवचन) में भ्रम। याद रखें: स्त्रीलिंग बहुवचन में प्रायः 'एँ' (लड़कियाँ, किताबें) और पुल्लिंग बहुवचन में प्रायः 'ए' (लड़के, घोड़े) आता है। 'ओं' अक्सर संबोधन या कारक चिह्न के रूप में जुड़ता है।
  • द्रव्यवाचक संज्ञा का बहुवचन बनाना: 'दूधों', 'चावलों', 'हवाओं' (गिनती के अर्थ में) गलत है। इनका बहुवचन नहीं बनता। "तीन गिलास दूध" ठीक है, "तीन दूध" गलत।
  • क्रिया की सहमति भूल जाना: "लड़के खेलता है" गलत है। बहुवचन कर्ता के साथ बहुवचन क्रिया: "लड़के खेलते हैं।"
  • समूहवाचक संज्ञा के साथ क्रिया: 'भीड़', 'टीम', 'कक्षा' एक समूह का नाम हैं, पर इनके साथ क्रिया प्रायः एकवचन में आती है। "भीड़ जा रही है" (एकवचन), "भीड़ के लोग जा रहे हैं" (बहुवचन)।
  • 'आ' से अंत वाले सभी शब्दों का बहुवचन 'ए' नहीं: 'माता' का बहुवचन 'माताएँ' है, 'माते' नहीं। 'चिड़िया' का बहुवचन 'चिड़ियाँ' है। अपवाद याद रखें।

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • MCQ हेतु: "हिंदी में संज्ञा के कितने वचन माने जाते हैं?" उत्तर: दो (एकवचन व बहुवचन)। (द्विवचन प्रायः नहीं पूछा जाता)।
  • रिक्त स्थान हेतु: "'लड़का' शब्द ______ वचन है और 'लड़के' ______ वचन है।" (एकवचन, बहुवचन)
  • बहुवचन रूप बताने हेतु: "'नदी' का बहुवचन रूप लिखिए।" - नदियाँ
  • वाक्य शुद्धिकरण हेतु: "बच्चे खेलता है।" को शुद्ध कीजिए। - "बच्चे खेलते हैं।" या "बच्चा खेलता है।"
  • याद रखने योग्य: एकवचन से बहुवचन बनाने के मुख्य नियम: आ → ए, ई → इयाँ, अन्य के साथ एँ

🎯 संज्ञा के वचन पहचानो: चुनौती (10 प्रश्न)

नीचे दिए गए प्रश्नों में संज्ञाओं का वचन पहचानिए या सही रूप बताइए।

1. 'किताबें' शब्द का एकवचन रूप क्या है?

2. निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होता है? (क) दूध (ख) आँखें (ग) प्यार (घ) सामान

3. रिक्त स्थान भरें: "ये सभी ______ (लड़का/लड़के) मेहनती ______ (है/हैं)।"

4. कौन-सा बहुवचन रूप गलत है?
(क) बच्चा → बच्चे
(ख) माता → माताएँ
(ग) पानी → पानियाँ
(घ) चिड़िया → चिड़ियाँ

5. 'सेना' शब्द के साथ क्रिया एकवचन में आएगी या बहुवचन में? उदाहरण दीजिए।

6. सही क्रिया रूप चुनकर वाक्य पूरा करें: "तुम और मैं मिलकर यह काम ______ (कर सकता हूँ/कर सकते हैं)।"

7. 'गुरु' शब्द का सम्मान सूचक बहुवचन रूप क्या होगा?

8. निम्नलिखित में से किस शब्द का एकवचन और बहुवचन रूप समान है? (क) फूल (ख) बिल्ली (ग) मेज़ (घ) बच्चा

9. वाक्य शुद्ध कीजिए: "यहाँ बहुत सारे लोग इकट्ठा हुआ है।"

10. दिए गए शब्दों के सही बहुवचन रूप का मिलान कीजिए:
(i) बात (a) बातें
(ii) आदमी (b) आदमी
(iii) दरवाजा (c) दरवाजे
(iv) समाचार (d) समाचार

10. सारांश

संक्षेप में, संज्ञा के वचन (Number of Noun) हिंदी व्याकरण का वह आधारभूत स्तम्भ है जो भाषा को संख्यात्मक सटीकता प्रदान करता है। यह हमें यह बताने का साधन देता है कि हम एक के बारे में बात कर रहे हैं या अनेक के। एकवचन और बहुवचन के नियमों तथा अपवादों को समझना और उनके अनुसार क्रिया, सर्वनाम व विशेषण में सहमति स्थापित करना हिंदी भाषा की शुद्धता के लिए अत्यंत आवश्यक है। वचन की यह अवधारणा न केवल व्याकरणिक नियम है, बल्कि यह हमारी सोच को भी स्पष्ट और संरचित बनाती है। लिंग और वचन का संयुक्त ज्ञान ही हमें संज्ञा के सही रूप का प्रयोग करना सिखाता है।

11. संबंधित विषय संकेत

संज्ञा के लिंग और वचन को समझने के बाद, अब संज्ञा के उस पहलू को समझना ज़रूरी है जो वाक्य में उसके कार्य (Function) या संबंध (Relation) को दर्शाता है। यह पहलू ही संज्ञा को वाक्य में विभिन्न भूमिकाएँ निभाने में सक्षम बनाता है। आगे पढ़ें: संज्ञा के कारक (Case of Noun) - विस्तृत अध्ययन

📝 संज्ञा के वचन - अभ्यास वर्कशीट

वचन पहचानने, बहुवचन रूप बनाने और वाक्यों में सहमति स्थापित करने का अभ्यास करें। 35+ प्रश्नों का सेट।

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