समास हिंदी भाषा का एक महत्वपूर्ण व्याकरणिक साधन है जो दो या अधिक शब्दों को जोड़कर छोटा, सटीक और नया शब्द बनाता है। यह हमारी भाषा को संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने में मदद करता है। रोज़मर्रा की बातचीत में हम इसके हज़ारों उदाहरणों का उपयोग करते हैं।
✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 6–7 (परिचय) | कक्षा 8–9 (अभ्यास) | कक्षा 9–10 (उच्च स्तर प्रयोग)
1. समास का परिचय
कल्पना कीजिए कि आपको "वह घर जिसमें रसोई बनी हो" कहने की बजाय सिर्फ "रसोईघर" बोलना है। या "माता और पिता" कहने की जगह "माता-पिता" या "मातापिता" बोलना है। ऐसा करने से वाक्य छोटा हो जाता है, बोलने में आसानी होती है और शब्द में एक नया अर्थ भी आ जाता है। भाषा में इसी तरह के शब्दों के संक्षिप्त रूप बनाने की प्रक्रिया को ही समास कहते हैं। यह एक तरह का शब्द-योग है।
जब भी आप किसी लंबे वाक्यांश को छोटा करके एक ही शब्द में बदलना चाहते हैं, तो आप समास का ही उपयोग कर रहे होते हैं। चलिए, इसे एक खेल की तरह समझते हैं। "नीला है जो कमल" को सोचिए... इस पूरे वर्णन को एक शब्द में बदल दिया – "नीलकमल"। यही समास की ताकत है।
2. परिभाषा
परिभाषा: दो या दो से अधिक सार्थक शब्दों के परस्पर मेल से जब एक नया सार्थक शब्द बनता है और उन शब्दों के बीच के विभक्ति चिह्नों (का, के, की, में, से आदि) का लोप हो जाता है, तो उस प्रक्रिया को समास और बनने वाले नए शब्द को समस्त पद कहते हैं।
3. मुख्य बिंदु / पहचान
समास को पहचानने और समझने के लिए ये बातें याद रखें:
- दो या अधिक शब्द: समास हमेशा दो या उससे अधिक शब्दों के मेल से बनता है। जैसे: राजा + पुत्र = राजपुत्र।
- नया और सार्थक शब्द: मिलने के बाद बना शब्द पूरी तरह नया होता है और उसका अपना एक स्पष्ट अर्थ होता है। "राजपुत्र" का मतलब सिर्फ राजा का पुत्र ही है, कोई और नहीं।
- विभक्ति चिह्नों का लोप: यह सबसे बड़ी पहचान है। शब्दों को जोड़ते समय उनके बीच के 'का', 'के', 'की', 'और', 'में' जैसे शब्द हटा दिए जाते हैं। "राजा का पुत्र" से 'का' हटाकर बना "राजपुत्र"।
- पद-विच्छेद (विग्रह): किसी भी समस्त पद को वापस उसके मूल शब्दों में तोड़कर देखा जा सकता है। इस प्रक्रिया को 'विग्रह' कहते हैं। यह समास की पुष्टि करने का सबसे अच्छा तरीका है।
4. समास के मुख्य भेद
समास के कई प्रकार होते हैं, जो मूल शब्दों के आपसी संबंध पर निर्भर करते हैं। शुरुआत में हमें इनके नाम और मूल विचार से परिचित होना चाहिए। विस्तार से हर प्रकार हम अगले अध्यायों में पढ़ेंगे।
| क्रम | समास का भेद | संक्षिप्त संकेत / उदाहरण |
|---|---|---|
| 1 | अव्ययीभाव समास | पहला पद प्रधान, क्रिया विशेषण बनाता है। (जैसे: यथाशक्ति) |
| 2 | तत्पुरुष समास | दूसरा पद प्रधान, विभक्ति चिह्न लुप्त। (जैसे: राजपुत्र) |
| 3 | कर्मधारय समास | तत्पुरुष का ही एक विशेष प्रकार, विशेषण-विशेष्य का संबंध। (जैसे: नीलकमल) |
| 4 | द्वंद्व समास | दोनों पद प्रधान, 'और' का भाव। (जैसे: माता-पिता) |
| 5 | बहुव्रीहि समास | कोई भी पद प्रधान नहीं, नया अर्थ देने वाला। (जैसे: लंबोदर – लंबा है उदर जिसका) |
5. उदाहरण
समास को और स्पष्ट करने के लिए कुछ साधारण और आम उदाहरण देखते हैं:
- उदाहरण 1: गंगा का जल → गंगाजल ('का' चिह्न लुप्त)
- उदाहरण 2: तीन है जो लोक → त्रिलोक (वर्णनात्मक वाक्यांश एक शब्द में)
- उदाहरण 3: दिन और रात → दिनरात ('और' चिह्न लुप्त)
- उदाहरण 4: घर का मुखिया → गृहस्वामी (शब्द परिवर्तन सहित संक्षेप)
- उदाहरण 5: चार है जो अंग → चतुरंग (गिनती और नाम का मेल)
6. वाक्य में प्रयोग
समास से बने शब्द (समस्त पद) वाक्य में किसी एक शब्द की तरह ही काम करते हैं। इनका प्रयोग करते समय लिंग, वचन और काल वाक्य के अनुसार ही लगते हैं, न कि मूल शब्दों के अनुसार। "राजपुत्र" शब्द को ही लें। यह एक ही शब्द है, इसलिए वाक्य में इसका प्रयोग एकवचन या बहुवचन में किया जा सकता है।
वाक्य प्रयोग: "सभी राजपुत्रों को युद्ध कला सीखनी होती थी।" यहाँ 'राजपुत्र' (समस्त पद) में बहुवचन का प्रत्यय '-ों' लगा है, न कि 'पुत्रों' में।
7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ
शुरुआत में छात्र अक्सर इन बातों में भ्रमित होते हैं। इन पर ध्यान दें:
- समास और संधि में भ्रम: संधि दो ध्वनियों (वर्णों) का मेल है (जैसे: सदा + एव = सदैव), जबकि समास दो या अधिक पूरे शब्दों का मेल है (जैसे: राजा + पुत्र = राजपुत्र)। यह अंतर याद रखना ज़रूरी है।
- हर जुड़े शब्द को समास न समझें: "स्कूलबस" समास है क्योंकि 'स्कूल के लिए बस' का संक्षेप है। लेकिन "पढ़ाईलिखाई" सिर्फ दो क्रियाओं को जोड़ा गया है, यह समास के सभी नियमों पर पूरा नहीं उतरता। विग्रह करके देखें: किसी शब्द को समास मानने से पहले उसका विग्रह (पद-विच्छेद) करके देखें। अगर विग्रह करने पर एक सार्थक वाक्यांश बनता है और विभक्ति चिह्नों का लोप स्पष्ट दिखता है, तभी वह समास है।
8. परीक्षा उपयोगी तथ्य
- समास की परिभाषा लिखते समय "दो या दो से अधिक सार्थक शब्द", "नया सार्थक शब्द" और "विभक्ति चिह्नों का लोप" – इन तीन बिंदुओं को ज़रूर शामिल करें।
- समास से बने शब्द को "समस्त पद" कहते हैं। यह एक-शब्दीय उत्तर वाले प्रश्नों में अक्सर पूछा जाता है।
- समास के विपरीत प्रक्रिया (समस्त पद को तोड़ना) "विग्रह" या "पद-विच्छेद" कहलाती है।
- समास के प्रकारों के नाम याद रखें, अक्सर MCQ में पूछा जाता है कि "समास के कितने भेद हैं?" (मुख्यतः चार या पाँच)
9. 🎯 समास आधारित चुनौती
नीचे दिए गए प्रश्नों को ध्यान से पढ़िए और उत्तर सोचिए। ये प्रश्न सिर्फ रटने के नहीं, बल्कि समास की अवधारणा को समझने के लिए हैं।
1. "विद्यालय" शब्द का विग्रह करके बताइए कि क्या यह एक समस्त पद है? यदि हाँ, तो इसमें कौन-सा विभक्ति चिह्न लुप्त हुआ है?
2. क्या "पीतांबर" (पीले वस्त्र वाला) शब्द समास से बना है? यदि हाँ, तो इसका विग्रह क्या होगा?
3. "पुस्तकालय" और "पुस्तकें खरीदना" – इनमें से कौन-सा उदाहरण समास का है और क्यों?
4. "महाराजा" शब्द में कितने मूल शब्द मिले हैं? उन्हें अलग-अलग कीजिए और बताइए कि विभक्ति चिह्न क्या लुप्त हुआ?
5. "चौराहा" शब्द का निर्माण कैसे हुआ होगा? क्या आप इसका विग्रह कर सकते हैं?
6. समास और सामासिक शब्द में क्या अंतर है? स्पष्ट कीजिए।
7. "अनाथालय" शब्द का विग्रह कीजिए और बताइए कि इसका प्रयोग वाक्य में कैसे होगा?
8. "जलद" (बादल) और "जल देना" – इनमें अंतर स्पष्ट कीजिए।
9. क्या "सद्भावना" शब्द समास से बना है? कारण बताइए।
10. आप अपने आस-पास देखें, ऐसे तीन शब्द लिखिए जो समास के उदाहरण हों और उनका विग्रह भी कीजिए।
1. टेलीफोन (दूर की ध्वनि) → दूर की आवाज़/ध्वनि।
2. दोपहर → दो पहरों (प्रहरों) का मेल।
3. स्वागत कक्ष → स्वागत के लिए कक्ष।
10. सारांश
समास हिंदी भाषा को संक्षिप्त, समृद्ध और प्रवाहमय बनाने वाली एक अनूठी व्याकरणिक प्रक्रिया है। इसमें दो या दो से अधिक सार्थक शब्द आपस में मिलकर एक नया सार्थक शब्द बनाते हैं और उनके बीच के विभक्ति चिह्न लुप्त हो जाते हैं। "राजपुत्र", "गंगाजल", "नीलकमल" जैसे अनेक शब्द हमारी दैनिक भाषा में समास की ही देन हैं। इसे पहचानने का सबसे आसान तरीका किसी भी जुड़े हुए शब्द का विग्रह करके देखना है।
11. संबंधित विषय संकेत
समास के प्रकारों को विस्तार से समझने के लिए अगला चरण: कक्षा 7-8 • अव्ययीभाव समास (Avyayibhav Samas)
📝 समास की परिभाषा - अभ्यास कार्यपत्रक
समास की अवधारणा को पक्का करने के लिए विशेष अभ्यास प्रश्नों का संग्रह।
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