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अव्ययीभाव समास – परिभाषा, पहचान, नियम और उदाहरण (Avyayibhav Samas – Indeclinable Compound) | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 30 JUNE 2026

एक दिन मेरे छात्र ने मुझसे पूछा – "सर, 'प्रतिदिन' का क्या अर्थ है? क्या यह 'प्रति' और 'दिन' से बना है?" मैंने कहा – "हाँ, 'प्रति' का अर्थ है 'हर' और 'दिन' – यानी 'हर दिन' – पर ध्यान दो, यहाँ 'प्रति' एक अव्यय है – यह कभी नहीं बदलता – और पूरा शब्द 'प्रतिदिन' एक क्रियाविशेषण बन गया है – यह बताता है कि काम कब होता है – 'प्रतिदिन व्यायाम करो' – यहाँ 'प्रतिदिन' ने क्रिया 'करो' की विशेषता बताई। यही तो अव्ययीभाव समास (Indeclinable Compound) का जादू है – जिसमें पहला पद हमेशा अव्यय होता है और पूरा समास अव्यय (अपरिवर्तनीय) बन जाता है – जैसे 'प्रतिदिन', 'अनुकूल', 'उपहार', 'यथाशक्ति'। अव्ययीभाव समास हिंदी व्याकरण का एक बहुत महत्वपूर्ण प्रकार है – क्योंकि इसमें पहला पद ही प्रधान होता है और पूरा शब्द क्रिया-विशेषण या अव्यय के रूप में प्रयुक्त होता है। इस पोस्ट में हम अव्ययीभाव समास को विस्तार से समझेंगे – उसकी परिभाषा, पहचान के नियम, सामान्य अव्यय, उदाहरण, विग्रह, और वाक्यों में प्रयोग – ताकि आप किसी भी अव्ययीभाव समास को पहचान सकें और उसका सही उपयोग कर सकें। यह पोस्ट कक्षा 7‑8 के छात्रों के लिए बनाई गई है, लेकिन कोई भी इसे आसानी से समझ सकता है।

✅ अनुशंसित: कक्षा 7-8 | CBSE एवं UP Board



1. अव्ययीभाव समास – परिभाषा एवं परिचय

अव्ययीभाव समास (Indeclinable Compound) वह समास है जिसमें पहला पद अव्यय (अपरिवर्तनीय) होता है – और पूरा समास भी अव्यय बन जाता है – यानी वह लिंग, वचन, कारक आदि के अनुसार नहीं बदलता। 'अव्ययीभाव' का अर्थ है – 'अव्यय का भाव' – यानी जिस समास में अव्यय का भाव प्रधान हो।

अव्ययीभाव समास की सरल परिभाषा: “जिस समास का पहला पद अव्यय हो और पूरा समास भी अव्यय बन जाए, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।”

उदाहरण –
  • प्रति” + “दिन” = “प्रतिदिन” – (हर दिन – क्रियाविशेषण)
  • अनु” + “कूल” = “अनुकूल” – (अनुकूल – अव्यय – 'साथ' या 'अच्छा')
  • उप” + “हार” = “उपहार” – (उपहार – अव्यय – 'भेंट')
  • यथा” + “शक्ति” = “यथाशक्ति” – (जितनी शक्ति – अव्यय)

अव्ययीभाव समास में पहला पद (अव्यय) प्रधान होता है – अर्थात विग्रह करने पर अव्यय ही मुख्य होता है – 'प्रतिदिन' = 'प्रति + दिन' – अर्थ 'हर दिन' – 'प्रति' (हर) मुख्य है।

2. अव्ययीभाव समास की विशेषताएँ

अव्ययीभाव समास की कुछ प्रमुख विशेषताएँ हैं –

  • पहला पद सदैव अव्यय होता है:प्रति + दिन = प्रतिदिन” – 'प्रति' अव्यय है – यह कभी नहीं बदलता।
  • पूरा समास अव्यय बन जाता है: “प्रतिदिन” – इसका लिंग, वचन, कारक नहीं बदलता – 'प्रतिदिन' हमेशा 'प्रतिदिन' ही रहता है।
  • अर्थ में 'प्रति', 'अनु', 'उप', 'यथा' आदि का भाव प्रधान होता है: “यथाशक्ति” = 'जितनी शक्ति' – यहाँ 'यथा' (जितना) प्रधान है।
  • प्रायः क्रियाविशेषण बनते हैं: “प्रतिदिन” (कब? – हर दिन), “सुबह” (कब? – सुबह के समय) – पर 'सुबह' अव्यय नहीं है – पर 'आमरण' (मरण तक) – यह क्रियाविशेषण है।
  • विग्रह करने पर अव्यय + संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण आदि आते हैं: “प्रतिदिन” – 'प्रति' (अव्यय) + 'दिन' (संज्ञा) – यह विग्रह है।
विशेषता उदाहरण
पहला पद अव्ययप्रति, अनु, उप, यथा, आ, नि, सु, दुस्, अभि, परि, उत्, दुर्, सम्, वि, अ, निर्, आदि
पूरा समास अव्ययप्रतिदिन – लिंग/वचन/कारक से अप्रभावित
प्रायः क्रियाविशेषणप्रतिदिन, यथाशक्ति, आमरण, सदा, अनुकूल
विग्रह में अव्यय प्रधानप्रति + दिन = प्रतिदिन – 'प्रति' मुख्य अर्थ

3. सामान्य अव्यय जो अव्ययीभाव समास बनाते हैं

अव्ययीभाव समास बनाने वाले प्रमुख अव्यय और उनसे बने शब्द –

अव्यय अर्थ मूल शब्द समास शब्द अर्थ
प्रतिहर / प्रत्येकदिनप्रतिदिनहर दिन
प्रतिहर / प्रत्येकवर्षप्रतिवर्षहर साल
प्रतिहर / प्रत्येकपक्षप्रतिपक्षहर पक्ष
अनुसाथ / अनुसारकूलअनुकूलअनुकूल
अनुसाथ / अनुसारसारअनुसारअनुसार
उपपास / समीपहारउपहारभेंट
उपपास / समीपयोगउपयोगप्रयोग
यथाजितना / अनुसारशक्तियथाशक्तिजितनी शक्ति
यथाजितना / अनुसारसंभवयथासंभवजितना संभव हो
तक / सीमामरणआमरणमरण तक
निनिषेध / बिनारोगनिरोगबिना रोग के
सुअच्छा / सुंदरकर्मसुकर्मअच्छा कर्म
दुस्बुरा / कठिनकर्मदुष्कर्मबुरा कर्म
अभिसामना / उपरमानअभिमानघमंड
परिचारों ओरपूर्णपरिपूर्णभरपूर
उत्ऊपर / अच्छापात्रउत्पात्रअयोग्य
दुर्बुरा / कठिनआचारदुराचारबुरा आचरण
सम्अच्छा / साथमानसम्मानआदर
विविशेष / अलगनाशविनाशनष्ट होना
नहीं / अभावभावअभावकमी
निर्बिना / नहींरोगनिरोगबिना बीमारी
ट्रिक – याद रखें:प्रति, अनु, उप, यथा, आ, नि, सु, दुस्, अभि, परि, उत्, दुर्, सम्, वि, अ, निर् – ये सोलह प्रमुख अव्यय – इनसे बने शब्द अव्ययीभाव समास हैं। 'प्रतिदिन', 'अनुकूल', 'उपहार', 'यथाशक्ति' – ये सभी इसी के उदाहरण।”

4. अव्ययीभाव समास – उदाहरण तालिका

अव्ययीभाव समास के कुछ अधिक उदाहरण –

समास शब्द विग्रह अर्थ
प्रतिदिनप्रति + दिनहर दिन
प्रतिवर्षप्रति + वर्षहर साल
अनुकूलअनु + कूलअनुकूल
अनुसारअनु + सारअनुसार
उपहारउप + हारभेंट
उपयोगउप + योगप्रयोग
यथाशक्तियथा + शक्तिजितनी शक्ति
यथासंभवयथा + संभवजितना संभव हो
आमरणआ + मरणमरण तक
निरोगनि + रोगबिना बीमारी
सुकर्मसु + कर्मअच्छा काम
दुष्कर्मदुस् + कर्मबुरा काम
अभिमानअभि + मानघमंड
परिपूर्णपरि + पूर्णभरपूर
उत्पात्रउत् + पात्रअयोग्य
दुराचारदुर् + आचारबुरा आचरण
सम्मानसम् + मानआदर
विनाशवि + नाशनष्ट होना
अभावअ + भावकमी
ध्यान दें –
  • अव्ययीभाव समास में पहला पद ही प्रधान होता है – विग्रह में वही मुख्य अर्थ देता है – 'प्रतिदिन' – 'प्रति' (हर) प्रधान है।
  • ये समास प्रायः अव्यय होते हैं – 'प्रतिदिन' – इसका लिंग/वचन नहीं बदलता – 'प्रतिदिन' हमेशा 'प्रतिदिन' ही रहता है।
  • अधिकतर क्रियाविशेषण बनते हैं – 'प्रतिदिन' (कब?), 'यथाशक्ति' (कैसे?), 'आमरण' (कब तक?) – पर कुछ विशेषण या संज्ञा भी बन सकते हैं – 'अनुकूल' (विशेषण), 'उपहार' (संज्ञा)।

5. अव्ययीभाव और अन्य समासों में अंतर

अव्ययीभाव समास को तत्पुरुष और कर्मधारय से भ्रमित किया जा सकता है – आइए अंतर समझते हैं –

अव्ययीभाव समास तत्पुरुष समास कर्मधारय समास
पहला पद अव्यय – “प्रतिदिन” दूसरा पद प्रधान – “राजपुत्र पहला पद विशेषण – “नीलकमल
पूरा समास अव्यय – “प्रतिदिन” पूरा समास संज्ञा – “राजपुत्र” पूरा समास संज्ञा – “नीलकमल”
विग्रह में अव्यय प्रधान – “प्रति + दिन” विग्रह में दूसरा पद प्रधान – “राजा + पुत्र” विग्रह में विशेषण-विशेष्य – “नील + कमल”
उदाहरण – प्रतिदिन, अनुसार, उपहार उदाहरण – राजपुत्र, गंगाजल उदाहरण – नीलकमल, महाराजा
ट्रिक – याद रखें:अव्ययीभाव – पहला अव्यय (प्रतिदिन); तत्पुरुष – दूसरा प्रधान (राजपुत्र); कर्मधारय – पहला विशेषण (नीलकमल)। यदि पहला पद अव्यय हो – तो अव्ययीभाव समास है।”

6. वाक्यों में अव्ययीभाव समास का प्रयोग

अव्ययीभाव समास युक्त शब्दों का सही अर्थ समझना और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करना आवश्यक है –

  • प्रतिदिन (प्रति + दिन):प्रतिदिन योग करना चाहिए।” – (हर दिन – क्रियाविशेषण)
  • अनुकूल (अनु + कूल): “उसका व्यवहार अनुकूल है।” – (अनुकूल – विशेषण)
  • उपहार (उप + हार): “उसने उसे उपहार दिया।” – (भेंट – संज्ञा)
  • यथाशक्ति (यथा + शक्ति):यथाशक्ति सहायता करो।” – (जितनी शक्ति – क्रियाविशेषण)
  • आमरण (आ + मरण):आमरण इसी देश में रहूँगा।” – (मरण तक – क्रियाविशेषण)
  • निरोग (नि + रोग): “स्वस्थ रहो, निरोग रहो।” – (बिना बीमारी – विशेषण)


हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “प्रतिदिन” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: प्रतिदिन = प्रति + दिन – अव्ययीभाव समास
व्याख्या: ‘प्रति’ अव्यय है – ‘प्रति’ + ‘दिन’ = ‘प्रतिदिन’ – पूरा समास अव्यय है – ‘प्रतिदिन’ (हर दिन) – यह अव्ययीभाव समास है।
उदाहरण 2
प्रश्न: “अनुकूल” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: अनुकूल = अनु + कूल – अव्ययीभाव समास
व्याख्या: ‘अनु’ अव्यय है – ‘अनु’ + ‘कूल’ = ‘अनुकूल’ – अव्ययीभाव समास है – यह विशेषण बना है।
उदाहरण 3
प्रश्न: “उपहार” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: उपहार = उप + हार – अव्ययीभाव समास
व्याख्या: ‘उप’ अव्यय है – ‘उप’ + ‘हार’ = ‘उपहार’ – यह संज्ञा है – पर अव्ययीभाव समास है।
उदाहरण 4
प्रश्न: “यथाशक्ति” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: यथाशक्ति = यथा + शक्ति – अव्ययीभाव समास
व्याख्या: ‘यथा’ अव्यय है – ‘यथा’ + ‘शक्ति’ = ‘यथाशक्ति’ – अव्ययीभाव समास है – यह क्रियाविशेषण बना है।
उदाहरण 5
प्रश्न: “आमरण” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: आमरण = आ + मरण – अव्ययीभाव समास
व्याख्या: ‘आ’ अव्यय है – ‘आ’ + ‘मरण’ = ‘आमरण’ – अव्ययीभाव समास है – यह क्रियाविशेषण बना है (मरण तक)।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“प्रतिवर्ष” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: प्रतिवर्ष = प्रति + वर्ष – अव्ययीभाव समास
प्रश्न 2
“अनुसार” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: अनुसार = अनु + सार – अव्ययीभाव समास
प्रश्न 3
“उपयोग” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: उपयोग = उप + योग – अव्ययीभाव समास
प्रश्न 4
“निरोग” – इस शब्द का विग्रह करें और समास का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: निरोग = नि + रोग – अव्ययीभाव समास
प्रश्न 5
“अव्ययीभाव समास” की मुख्य विशेषता क्या है? (एक वाक्य में)
उत्तर देखें
उत्तर: पहला पद अव्यय होता है और पूरा समास अव्यय बन जाता है।

अव्ययीभाव समास की समझ क्यों ज़रूरी है?

अव्ययीभाव समास हिंदी भाषा को संक्षिप्त और प्रवाहपूर्ण बनाता है – 'हर दिन' की जगह 'प्रतिदिन' कहना अधिक आसान है। यह समास अव्यय बनता है – इसलिए यह लिंग, वचन, कारक से अप्रभावित रहता है – जिससे भाषा में स्थिरता आती है। इस पोस्ट में हमने  समास परिभाषा और  अव्यय के साथ अव्ययीभाव समास को विस्तार से समझाया है – अब आप किसी भी अव्ययीभाव समास युक्त शब्द का विग्रह कर सकते हैं और उसका प्रकार बता सकते हैं।

अभ्यास से ही अव्ययीभाव समास की पहचान मज़बूत होती है। अपनी दैनिक भाषा में अव्ययीभाव समास युक्त शब्दों पर ध्यान दें – 'प्रतिदिन', 'अनुकूल', 'उपहार', 'यथाशक्ति', 'निरोग' – इनका विग्रह करें और देखें कि पहला पद कौन-सा अव्यय है। यही आपकी हिंदी को शुद्ध, सटीक और प्रभावी बनाएगा।

📝 अव्ययीभाव समास अभ्यास – कक्षा 7-8

इस इंटरैक्टिव वर्कशीट में 30 शब्द दिए गए हैं – आपको प्रत्येक शब्द का विग्रह करना है और बताना है कि वह अव्ययीभाव समास है या नहीं। साथ ही, अव्ययीभाव समास वाले शब्दों में पहले पद (अव्यय) और दूसरे पद को अलग-अलग करना है। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी समझ को परखें।

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