क्रिया के दो मुख्य प्रकारों में से यह पहला महत्वपूर्ण भेद है। सकर्मक और अकर्मक क्रिया का अंतर समझना वाक्य की संरचना को गहराई से जानने जैसा है। यह समझाता है कि क्यों कुछ वाक्यों में "क्या" या "किसे" का जवाब मिलता है और कुछ में नहीं। इस भेद को जानने से वाक्य बनाना और समझना बहुत आसान हो जाता है।
✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 4–5 (परिचय) | कक्षा 5–6 (अभ्यास) | कक्षा 6–7 (उच्च स्तर प्रयोग)
1. सकर्मक एवं अकर्मक क्रिया का परिचय
कल्पना कीजिए आप किसी को "खाना" दे रहे हैं या सिर्फ "हँस" रहे हैं। पहली क्रिया "देना" का सीधा सम्बन्ध "खाना" नामक वस्तु से है। दूसरी क्रिया "हँसना" का कोई विशेष वस्तु से सम्बन्ध नहीं - आप बस हँस रहे हैं। यही मूल अंतर है सकर्मक (कर्म के साथ) और अकर्मक (बिना कर्म के) क्रिया में। सरल शब्दों में, जो क्रिया अपना प्रभाव किसी दूसरी वस्तु (कर्म) पर डाले, वह सकर्मक और जो न डाले, वह अकर्मक होती है।
रोज़मर्रा में हम बिना जाने ही इन दोनों का प्रयोग करते हैं। जब आप कहते हैं "मैं पुस्तक पढ़ता हूँ" तो 'पढ़ना' क्रिया का असर 'पुस्तक' पर पड़ रहा है, इसलिए यह सकर्मक है। जब आप कहते हैं "बच्चा सोता है" तो 'सोना' क्रिया का असर सीधे बच्चे पर ही है, कोई दूसरी वस्तु शामिल नहीं, इसलिए यह अकर्मक है।
2. परिभाषा
सकर्मक क्रिया की परिभाषा: जिस क्रिया का कर्म (फल/वस्तु) के साथ सीधा सम्बन्ध हो, जो अपना प्रभाव किसी कर्म पर डाले, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।
अकर्मक क्रिया की परिभाषा: जिस क्रिया का किसी कर्म के साथ सीधा सम्बन्ध न हो, जो कर्ता तक ही सीमित रहे और किसी दूसरी वस्तु पर अपना प्रभाव न डाले, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।
3. मुख्य बिंदु / पहचान
सकर्मक और अकर्मक क्रिया की पहचान के लिए ये आसान तरीके अपनाएँ:
- 'क्या' या 'किसे' पूछें: क्रिया के बाद "क्या?" या "किसे?" प्रश्न पूछें। अगर प्रश्न का सार्थक उत्तर मिले तो क्रिया सकर्मक है। जैसे: "राम ने सेब खाया।" (क्या खाया? - सेब → सकर्मक)। "वह हँसता है।" (क्या हँसता? - उत्तर नहीं → अकर्मक)।
- कर्म की उपस्थिति: सकर्मक क्रिया वाले वाक्य में हमेशा एक कर्म होता है (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष)। अकर्मक क्रिया के वाक्य में कर्म नहीं होता।
- 'ने' विभक्ति का संकेत: भूतकाल में सकर्मक क्रिया के कर्ता के साथ प्रायः 'ने' विभक्ति लगती है। जैसे: "राम ने पत्र लिखा।" (सकर्मक)। अकर्मक में ऐसा नहीं होता: "राम सोया।"
- क्रिया का स्वभाव: कुछ क्रियाएँ स्वभाव से ही सकर्मक (जैसे: बनाना, पढ़ना, देना) या अकर्मक (जैसे: आना, जाना, रोना) होती हैं।
4. भेद / प्रकार
क्रिया के इस मुख्य भेद को निम्नलिखित तालिका के माध्यम से स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है:
| क्रम | भेद / प्रकार | मुख्य विशेषता | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| 1 | सकर्मक क्रिया | कर्म (वस्तु) की आवश्यकता होती है। क्रिया का फल कर्म पर पड़ता है। | खाना बनाना, पत्र लिखना, गेंद फेंकना |
| 2 | अकर्मक क्रिया | कर्म की आवश्यकता नहीं होती। क्रिया का फल कर्ता तक ही सीमित रहता है। | हँसना, सोना, उड़ना, चलना |
5. उदाहरण
नीचे दोनों प्रकार की क्रियाओं के स्पष्ट उदाहरण दिए गए हैं:
- सकर्मक क्रिया के उदाहरण:
- मोहन दूध पीता है। (क्या पीता है? - दूध)
- सीता गाना गाती है। (क्या गाती है? - गाना)
- उसने चिट्ठी लिखी। (क्या लिखी? - चिट्ठी)
- माली पौधों को सींचता है। (किसे सींचता है? - पौधों को)
- अकर्मक क्रिया के उदाहरण:
- पक्षी उड़ते हैं। (क्या उड़ते? - कोई उत्तर नहीं)
- बच्चा रोता है।
- फूल खिले।
- वह आया।
6. वाक्य में प्रयोग / प्रयोग की विधि
सकर्मक क्रिया का प्रयोग करते समय यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि कर्म स्पष्ट रूप से वाक्य में उपस्थित हो या संदर्भ से जाना जा सके। अकर्मक क्रिया के साथ कर्म नहीं आता, लेकिन कभी-कभी अकर्मक क्रिया के बाद 'से' आदि विभक्तियों का प्रयोग हो सकता है, पर वह कर्म नहीं होता।
जैसे:
- सकर्मक: "शेफ खाना बनाता है।" (कर्म: खाना)
- अकर्मक: "वह ज़ोर से हँसा।" ('ज़ोर से' कर्म नहीं, रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।)
7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ
इस टॉपिक में सबसे बड़ा भ्रम यह होता है कि बच्चे कर्म और कर्ता में अंतर नहीं समझ पाते, या फिर 'क्या' पूछने का तरीका ठीक से नहीं अपनाते।
- भ्रम 1: अकर्मक क्रिया के बाद आने वाले शब्द को कर्म समझ लेना। जैसे: "वह दिल्ली जाता है।" यहाँ 'दिल्ली' कर्म नहीं, अपितु 'जाना' क्रिया का स्थानवाचक पूरक है। "क्या जाता है?" पूछने पर उत्तर नहीं मिलता, इसलिए 'जाना' अकर्मक है।
- भ्रम 2: यह सोचना कि हर वाक्य में 'ने' आएगा ही। 'ने' विभक्ति सिर्फ भूतकाल में सकर्मक क्रिया के कर्ता के साथ आती है, हमेशा नहीं।
- सावधानी: परीक्षा में अक्सर एक ही क्रिया को सकर्मक और अकर्मक दोनों रूपों में प्रयोग करके दिखाया जाता है। जैसे: "वह पढ़ता है।" (अकर्मक) और "वह पुस्तक पढ़ता है।" (सकर्मक)। संदर्भ देखकर पहचान करें।
8. परीक्षा उपयोगी तथ्य
- सकर्मक क्रिया को अंग्रेजी में Transitive Verb और अकर्मक को Intransitive Verb कहते हैं।
- कुछ क्रियाएँ द्विकर्मक भी होती हैं (दो कर्म लेती हैं), जैसे: "उसने मुझे एक किताब दी।" ('मुझे' और 'किताब' दो कर्म)।
- परीक्षा में अक्सर वाक्य देकर क्रिया का प्रकार पूछा जाता है। "क्या/किसे" वाली ट्रिक सबसे तेज़ काम आती है।
- अकर्मक क्रियाओं से बने वाक्यों को सकर्मक नहीं बनाया जा सकता, लेकिन सकर्मक क्रियाओं से बने वाक्यों में कर्म हटाकर कभी-कभी अकर्मक रूप बन जाता है।
9. 🎯 सकर्मक-अकर्मक क्रिया आधारित चुनौती
नीचे दिए गए 10 प्रश्नों से जाँचिए कि आपने इस महत्वपूर्ण भेद को कितनी अच्छी तरह समझा है।
1. "माँ ने बच्चे को कहानी सुनाई।" इस वाक्य में क्रिया का प्रकार बताइए।
2. क्या "उड़ना" क्रिया सदैव अकर्मक होती है? यदि नहीं, तो उदाहरण दीजिए।
3. "वह दौड़ता है।" और "वह दौड़ जीतता है।" - इन दोनों वाक्यों में 'दौड़ना' क्रिया के प्रकार अलग-अलग बताइए।
4. "चिड़िया आकाश में उड़ रही है।" वाक्य में क्रिया पहचानकर उसका प्रकार बताइए।
5. क्रिया "सुनना" को एक सकर्मक और एक अकर्मक वाक्य में प्रयोग कीजिए।
सकर्मक: मैं समाचार सुनता हूँ। (क्या सुनता? - समाचार)
अकर्मक: उसके कान सुनते नहीं हैं। (क्या सुनते? - कोई विशेष वस्तु नहीं)
6. क्या निम्नलिखित वाक्य सही है? "राम ने सोया।" यदि गलत है, तो क्यों?
7. "बढ़ई लकड़ी चीरता है।" वाक्य में क्रिया का प्रकार और कर्म बताइए।
8. अकर्मक क्रिया की सबसे बड़ी पहचान क्या है?
9. नीचे दिए वाक्यों में से अकर्मक क्रिया वाला वाक्य चुनिए:
क) वह रोटी खा रहा है।
ख) फूल महक रहे हैं।
ग) उसने पानी पिया।
घ) मैंने तुम्हें बुलाया।
10. क्या एक ही क्रिया सकर्मक और अकर्मक दोनों हो सकती है? यदि हाँ, तो 'टूटना' क्रिया से उदाहरण दीजिए।
अकर्मक: "काँच का गिलास टूट गया।" (खुद हुआ, कर्म नहीं)
सकर्मक: "उसने गिलास तोड़ दिया।" (किसने तोड़ा? उसने। क्या तोड़ा? गिलास। यहाँ 'तोड़ना' सकर्मक है।)
10. सारांश
संक्षेप में, सकर्मक क्रिया वह है जिसका फल किसी कर्म (वस्तु) पर पड़ता है और उसके लिए कर्म आवश्यक है। अकर्मक क्रिया वह है जिसका फल कर्ता तक ही सीमित रहता है और उसे कर्म की आवश्यकता नहीं होती। "क्या?" या "किसे?" प्रश्न पूछकर आसानी से इनकी पहचान की जा सकती है। यह भेद वाक्यों की संरचना समझने और शुद्ध लेखन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
11. संबंधित विषय संकेत
क्रिया के भेद को समझने के बाद अब यह जानना ज़रूरी है कि एक वाक्य में क्रियाएँ कैसे मिलकर काम करती हैं। अगले टॉपिक में हम पढ़ेंगे: मुख्य एवं सहायक क्रिया – कि कैसे एक क्रिया मुख्य काम बताती है और दूसरी उसकी सहायता करती है।
📝 सकर्मक-अकर्मक क्रिया - अभ्यास वर्कशीट
दोनों प्रकार की क्रियाओं की पहचान और प्रयोग पर आधारित विस्तृत अभ्यास प्रश्न।
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