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सकर्मक एवं अकर्मक क्रिया (Transitive and Intransitive Verb) | Hindi Grammar | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 21 JUNE 2026

एक बार मेरी छोटी बहन ने मुझसे पूछा – “भैया, 'राम खाना खाता है' और 'बच्चा रोता है' – इन दोनों वाक्यों में क्या फर्क है?” मैंने सोचा – दोनों में क्रिया है, पर पहले वाक्य में ‘खाना’ कर्म है, और दूसरे में कोई कर्म नहीं। यही तो सकर्मक और अकर्मक क्रिया का अंतर है! हिंदी व्याकरण में क्रिया के ये दो मुख्य भेद हैं – सकर्मक क्रिया (Transitive Verb) वह है जिसका प्रभाव कर्म पर पड़ता है, और अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb) वह है जिसका प्रभाव कर्ता पर ही रहता है। इस पोस्ट में हम सकर्मक और अकर्मक क्रिया की परिभाषा, उनके अंतर, पहचान के आसान नियम, उदाहरण, और वाक्यों में प्रयोग को विस्तार से समझेंगे। यह पोस्ट कक्षा 4‑5 के छात्रों के लिए बनाई गई है, लेकिन कोई भी इसे आसानी से समझ सकता है और अपनी हिंदी को और निखार सकता है।

✅ अनुशंसित: कक्षा 4-5 | CBSE एवं UP Board



1. सकर्मक एवं अकर्मक क्रिया – परिभाषा

हिंदी व्याकरण में क्रिया के दो मुख्य भेद हैं – सकर्मक और अकर्मक। इन्हें समझने के लिए सबसे पहले कर्म (Object) को समझना ज़रूरी है – कर्म वह है जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़ता है।

सकर्मक क्रिया (Transitive Verb): “जिस क्रिया का प्रभाव कर्म (Object) पर पड़ता है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।”
उदाहरण: “राम किताब पढ़ता है।” – ‘पढ़ता’ का प्रभाव ‘किताब’ (कर्म) पर पड़ा है।
यहाँ ‘क्या पढ़ता है?’ – किताब – कर्म मौजूद है।

अकर्मक क्रिया (Intransitive Verb): “जिस क्रिया का प्रभाव कर्म पर न पड़कर केवल कर्ता पर रहे, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।”
उदाहरण: “बच्चा रोता है।” – ‘रोता’ का प्रभाव बच्चे पर ही है – कोई कर्म नहीं।
‘क्या रोता है?’ – इसका कोई उत्तर नहीं – कर्म नहीं है।

सकर्मक क्रिया की सबसे बड़ी पहचान – उसके साथ ‘क्या?’ या ‘किसे?’ प्रश्न पूछने पर उत्तर मिलता है (कर्म)। अकर्मक क्रिया में ऐसा नहीं होता।

2. सकर्मक और अकर्मक क्रिया में अंतर

सकर्मक और अकर्मक क्रिया के बीच मुख्य अंतर कर्म की उपस्थिति या अनुपस्थिति है।

सकर्मक क्रिया अकर्मक क्रिया
कर्म होता है – “राम किताब पढ़ता है।” कर्म नहीं होता – “बच्चा रोता है।”
‘क्या?’ या ‘किसे?’ प्रश्न का उत्तर मिलता है – “क्या पढ़ता है?” → किताब ‘क्या?’ या ‘किसे?’ प्रश्न का उत्तर नहीं मिलता – “क्या रोता है?” → कोई उत्तर नहीं
क्रिया का प्रभाव कर्म पर पड़ता है – किताब पढ़ी जा रही है। क्रिया का प्रभाव कर्ता पर ही रहता है – रोने का असर बच्चे पर है।
उदाहरण – खाना, पीना, पढ़ना, लिखना, मारना, देखना उदाहरण – रोना, हँसना, सोना, जागना, चलना, उड़ना
ट्रिक – याद रखें:सकर्मक – 'कर्म' साथ है – जैसे – “राम ने फल खाया” (फल कर्म है); अकर्मक – 'अ' (बिना) कर्म – जैसे – “बच्चा सोता है” (कोई कर्म नहीं)।”

3. सकर्मक और अकर्मक क्रिया – उदाहरण तालिका

नीचे दी गई तालिका में सकर्मक और अकर्मक क्रियाओं के कुछ उदाहरण दिए गए हैं –

सकर्मक क्रिया (कर्म के साथ) अकर्मक क्रिया (बिना कर्म)
राम खाना खाता है।बच्चा रोता है।
सीता गाना गाती है।चिड़िया उड़ी।
मैं किताब पढ़ता हूँ।हम सोते हैं।
उसने पत्र लिखा।वह हँसा।
हम खेल खेलते हैं।लड़का दौड़ता है।
माँ खाना बनाती है।पानी बहता है।
पिताजी समाचार देखते हैं।सूर्य चमकता है।
विशेष ध्यान दें –
  • कुछ क्रियाएँ दोनों प्रकार की हो सकती हैं – संदर्भ पर निर्भर करता है – “राम पढ़ता है” (अकर्मक – बिना कर्म) / “राम किताब पढ़ता है” (सकर्मक – कर्म के साथ)।
  • अकर्मक क्रिया के साथ क्रिया-विशेषण (Adverb) आ सकता है – “बच्चा जोर-जोर से रोता है” – पर यह कर्म नहीं है।

4. कर्म की पहचान – आसान ट्रिक्स

सकर्मक क्रिया को पहचानने का सबसे आसान तरीका है – कर्म को पहचानना। ये ट्रिक्स हमेशा काम आती हैं –

  • ट्रिक 1 – ‘क्या?’ प्रश्न पूछें: “राम खाता है” – क्या खाता है? → खाना – कर्म मिला → सकर्मक।
    “बच्चा रोता है” – क्या रोता है? → कोई उत्तर नहीं → अकर्मक।
  • ट्रिक 2 – ‘किसे?’ प्रश्न पूछें: “सीता बुलाती है” – किसे बुलाती है? → राधा – कर्म मिला → सकर्मक।
  • ट्रिक 3 – क्रिया के साथ ‘को’ या ‘में’ आदि चिह्न देखें: “उसने मुझे बुलाया” – ‘मुझे’ कर्म है → सकर्मक।
    “वह घर गया” – ‘घर’ कर्म नहीं है (स्थान है) – यह अकर्मक है।
वाक्यप्रश्नकर्मक्रिया का प्रकार
मैं फल खाता हूँ।क्या खाता हूँ?फलसकर्मक
बच्चे खेल रहे हैं।क्या खेल रहे हैं?कोई नहींअकर्मक
पिताजी अखबार पढ़ते हैं।क्या पढ़ते हैं?अखबारसकर्मक
चिड़िया उड़ गई।क्या उड़ गई?कोई नहींअकर्मक
माँ ने बच्चे को दूध पिलाया।किसे पिलाया? क्या पिलाया?बच्चे को, दूधसकर्मक

5. वाक्यों में सकर्मक/अकर्मक क्रिया का प्रयोग

सकर्मक और अकर्मक क्रिया का प्रयोग वाक्यों में इस प्रकार होता है –

  • सकर्मक क्रिया – कर्म के साथ आवश्यक है: “राम खाना खाता है।” (कर्म – खाना)
    “सीता गाना गाती है।” (कर्म – गाना)
    बिना कर्म ये वाक्य अधूरे लगते हैं – “राम खाता है” (अब यह अकर्मक हो गया – संदर्भ बदल गया)।
  • अकर्मक क्रिया – बिना कर्म के पूर्ण: “बच्चा रोता है।” (कोई कर्म नहीं)
    “हम सोते हैं।” (कोई कर्म नहीं)
    इनमें कर्म की ज़रूरत नहीं – वाक्य पूर्ण हैं।
  • एक ही क्रिया – दोनों रूपों में: “राम पढ़ता है।” (अकर्मक – बिना कर्म)
    “राम किताब पढ़ता है।” (सकर्मक – कर्म के साथ)
    याद रखें – क्रिया का प्रकार संदर्भ पर निर्भर करता है।

महत्वपूर्ण: कुछ क्रियाएँ हमेशा अकर्मक होती हैं – जैसे – सोना, रोना, हँसना, जागना, चलना, उड़ना, बहना, चमकना। इनके साथ कर्म नहीं आ सकता। कुछ क्रियाएँ हमेशा सकर्मक होती हैं – जैसे – खाना, पीना, लिखना, मारना, बनाना, देना – इनके साथ कर्म आना चाहिए।



हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “राम खाना खाता है।” – यह सकर्मक है या अकर्मक?
उत्तर देखें
उत्तर: सकर्मक क्रिया
व्याख्या: ‘खाता’ का प्रभाव ‘खाना’ (कर्म) पर पड़ा है – ‘क्या खाता है?’ → खाना – कर्म मौजूद है।
उदाहरण 2
प्रश्न: “बच्चा रो रहा है।” – यह किस प्रकार की क्रिया है?
उत्तर देखें
उत्तर: अकर्मक क्रिया
व्याख्या: ‘रो रहा’ का प्रभाव बच्चे पर ही है – ‘क्या रोता है?’ – कोई उत्तर नहीं – कर्म नहीं है।
उदाहरण 3
प्रश्न: “सीता गाना गाती है।” – क्रिया का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: सकर्मक क्रिया
व्याख्या: ‘गाती’ का प्रभाव ‘गाना’ (कर्म) पर पड़ा है – ‘क्या गाती है?’ → गाना – कर्म मौजूद है।
उदाहरण 4
प्रश्न: “पानी बहता है।” – यह क्रिया सकर्मक है या अकर्मक?
उत्तर देखें
उत्तर: अकर्मक क्रिया
व्याख्या: ‘बहता’ का प्रभाव पानी पर ही है – ‘क्या बहता है?’ – कोई उत्तर नहीं – कर्म नहीं है।
उदाहरण 5
प्रश्न: “राम पढ़ता है” और “राम किताब पढ़ता है” – इन दोनों में क्या अंतर है?
उत्तर देखें
उत्तर: पहला – अकर्मक (बिना कर्म), दूसरा – सकर्मक (कर्म – किताब)
व्याख्या: एक ही क्रिया (‘पढ़ता’) का प्रकार संदर्भ पर निर्भर करता है – कर्म हो तो सकर्मक, न हो तो अकर्मक।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“माँ खाना बनाती है।” – क्रिया का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: सकर्मक क्रिया (‘खाना’ – कर्म)
प्रश्न 2
“लड़का दौड़ता है।” – क्रिया का प्रकार बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: अकर्मक क्रिया (कोई कर्म नहीं)
प्रश्न 3
निम्न में से कौन-सा वाक्य सकर्मक है? (क) बच्चा सोता है, (ख) राम फल खाता है, (ग) चिड़िया उड़ी
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) “राम फल खाता है” – कर्म (फल) मौजूद है।
प्रश्न 4
“सीता गाती है” और “सीता गाना गाती है” – इनमें क्या अंतर है?
उत्तर देखें
उत्तर: पहला – अकर्मक (बिना कर्म), दूसरा – सकर्मक (कर्म – गाना)
प्रश्न 5
“पिताजी अखबार पढ़ते हैं” – क्या इसमें कर्म है? यदि हाँ, तो क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: हाँ – कर्म ‘अखबार’ है – यह सकर्मक क्रिया है।

सकर्मक और अकर्मक क्रिया की समझ क्यों ज़रूरी है?

सकर्मक और अकर्मक क्रिया का अंतर समझना हिंदी वाक्य-रचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है – यह बताता है कि किस वाक्य में कर्म चाहिए और किसमें नहीं। इस ज्ञान के बिना वाक्य अधूरे या अशुद्ध हो सकते हैं – “राम खाता है” (अकर्मक) बनाम “राम खाना खाता है” (सकर्मक) – दोनों सही हैं, पर अर्थ अलग है। इस पोस्ट में हमने  क्रिया परिभाषा और  संज्ञा के कारक के साथ सकर्मक/अकर्मक क्रिया का अंतर स्पष्ट किया है – अब आप किसी भी वाक्य में कर्म को पहचान सकते हैं और क्रिया का सही प्रकार बता सकते हैं।

अभ्यास से ही सकर्मक/अकर्मक क्रिया की पहचान मज़बूत होती है। अपनी दैनिक बातचीत में क्रियाओं पर ध्यान दें – किसके साथ कर्म है और किसके साथ नहीं – और देखें कि वे सकर्मक हैं या अकर्मक। यही आपकी हिंदी को शुद्ध, सटीक और प्रभावी बनाएगा।

📝 सकर्मक/अकर्मक क्रिया अभ्यास – कक्षा 4-5

इस इंटरैक्टिव वर्कशीट में 25 वाक्य दिए गए हैं – आपको प्रत्येक वाक्य में क्रिया पहचाननी है और बताना है कि वह सकर्मक है या अकर्मक। साथ ही, सकर्मक क्रिया वाले वाक्यों में कर्म को अलग-अलग लिखना है। कुछ वाक्यों में अकर्मक क्रिया को सकर्मक में बदलना है (उचित कर्म जोड़कर)। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी समझ को परखें।

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