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क्रियाविशेषण (Adverb) | Hindi Grammar | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 22 JUNE 2026

एक दिन मेरे छात्र ने मुझसे पूछा – “सर, 'राम तेज़ दौड़ता है' और 'राम बहुत तेज़ दौड़ता है' – इन दोनों में क्या फर्क है?” मैंने कहा – “बेटा, 'तेज़' तो बता रहा है कि राम कैसे दौड़ता है, पर 'बहुत' बता रहा है कि वह कितना तेज़ है – मतलब 'तेज़' की भी विशेषता बता रहा है!” यही तो क्रियाविशेषण (Adverb) का कमाल है – यह न केवल क्रिया की, बल्कि विशेषण और अन्य अव्ययों की भी विशेषता बताता है। क्रियाविशेषण हिंदी व्याकरण का वह भेद है जो क्रिया, विशेषण या दूसरे अव्यय की विशेषता बताता है – जैसे “धीरे”, “बहुत”, “अत्यंत”, “अब”, “कल”, “यहाँ”। इस पोस्ट में हम क्रियाविशेषण की परिभाषा, उसके प्रकार, उदाहरण, पहचान के नियम, और वाक्यों में प्रयोग को विस्तार से समझेंगे। यह पोस्ट कक्षा 5‑6 के छात्रों के लिए बनाई गई है, लेकिन कोई भी इसे आसानी से समझ सकता है।

✅ अनुशंसित: कक्षा 5-6 | CBSE एवं UP Board



1. क्रियाविशेषण – परिभाषा एवं परिचय

क्रियाविशेषण (Adverb) वह शब्द है जो क्रिया की, विशेषण की, या अन्य अव्यय की विशेषता बताता है। यह अव्यय का ही एक प्रकार है – इसलिए यह कभी नहीं बदलता

क्रियाविशेषण की सरल परिभाषा: “जो शब्द क्रिया, विशेषण, या अन्य अव्यय की विशेषता बताए, उसे क्रियाविशेषण कहते हैं।”

उदाहरण –
  • क्रिया की विशेषता: “राम धीरे चलता है।” – ‘धीरे’ ने ‘चलता’ (क्रिया) की विशेषता बताई।
  • विशेषण की विशेषता: “राम बहुत तेज़ दौड़ता है।” – ‘बहुत’ ने ‘तेज़’ (विशेषण) की विशेषता बताई।
  • अव्यय की विशेषता: “वह अत्यंत धीरे बोलता है।” – ‘अत्यंत’ ने ‘धीरे’ (क्रियाविशेषण) की विशेषता बताई।

क्रियाविशेषण वाक्य को अधिक स्पष्ट, विस्तृत और प्रभावी बनाता है – “राम आया” (सामान्य) बनाम “राम कल धीरे-धीरे आया” (विस्तृत)।

2. क्रियाविशेषण के प्रकार – रीति, काल, स्थान, परिमाण, कारण

क्रियाविशेषण 5 मुख्य प्रकार के होते हैं –

1. रीतिवाचक क्रियाविशेषण (Adverb of Manner): क्रिया के ढंग/रीति को बताता है – ‘कैसे?’
उदाहरण: “राम धीरे-धीरे चलता है।” – ‘धीरे-धीरे’ ने चलने का ढंग बताया।

2. कालवाचक क्रियाविशेषण (Adverb of Time): क्रिया का समय बताता है – ‘कब?’
उदाहरण: “वह कल आएगा।” – ‘कल’ ने आने का समय बताया।

3. स्थानवाचक क्रियाविशेषण (Adverb of Place): क्रिया का स्थान बताता है – ‘कहाँ?’
उदाहरण: “बच्चे बाहर खेल रहे हैं।” – ‘बाहर’ ने खेलने का स्थान बताया।

4. परिमाणवाचक क्रियाविशेषण (Adverb of Quantity/Degree): क्रिया/विशेषण की मात्रा/परिमाण बताता है – ‘कितना?’
उदाहरण: “राम बहुत तेज़ दौड़ता है।” – ‘बहुत’ ने ‘तेज़’ की मात्रा बताई।

5. कारणवाचक क्रियाविशेषण (Adverb of Reason): क्रिया का कारण बताता है – ‘क्यों?’
उदाहरण:इसलिए वह नहीं आया।” – ‘इसलिए’ ने कारण बताया।

ट्रिक – याद रखें:रीति, काल, स्थान, परिमाण, कारण – ये पाँच क्रियाविशेषण के प्रकार; 'कैसे, कब, कहाँ, कितना, क्यों' – इन प्रश्नों के उत्तर ही क्रियाविशेषण हैं।”

3. क्रियाविशेषण – उदाहरण तालिका

नीचे दी गई तालिका में क्रियाविशेषण के पाँचों प्रकारों को स्पष्ट किया गया है –

प्रकार प्रश्न उदाहरण
रीतिवाचक कैसे? धीरे, तेज़, अचानक, ध्यान से, खूब
कालवाचक कब? आज, कल, अब, बाद, पहले, हमेशा
स्थानवाचक कहाँ? यहाँ, वहाँ, बाहर, भीतर, पास, दूर
परिमाणवाचक कितना? बहुत, थोड़ा, अत्यंत, अधिक, कम
कारणवाचक क्यों? इसलिए, क्योंकि, अतः, इस कारण
याद रखें –
  • क्रियाविशेषण अव्यय है – इसलिए कभी नहीं बदलता – “तेज़” चाहे 'राम' के साथ हो या 'सीता' के साथ – समान रहेगा।
  • कई बार एक ही शब्द विशेषण और क्रियाविशेषण दोनों हो सकता है – संदर्भ पर निर्भर – “तेज़” (विशेषण – तेज़ लड़का) बनाम “तेज़” (क्रियाविशेषण – तेज़ चलता है)।

4. क्रियाविशेषण और विशेषण में अंतर

क्रियाविशेषण और विशेषण – दोनों विशेषता बताते हैं, पर किसकी – यह अंतर है –

विशेषण (Adjective) क्रियाविशेषण (Adverb)
संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताता है – “सुंदर लड़की” क्रिया, विशेषण या अव्यय की विशेषता बताता है – “धीरे चलता है”
‘कैसा?’ – सुंदर लड़की ‘कैसे?’ – धीरे चलता है
लिंग/वचन के अनुसार बदल सकता है – “अच्छा/अच्छी” नहीं बदलता – “धीरे” हमेशा “धीरे”
उदाहरण – “अच्छा लड़का”, “सुंदर बगिया” उदाहरण – “अच्छा गाता है”, “सुंदर सजाता है”
ट्रिक – आसानी से पहचानें: “यदि शब्द संज्ञा की विशेषता बताए → विशेषण; यदि शब्द क्रिया की विशेषता बताए → क्रियाविशेषण। ‘तेज़ लड़का’ – विशेषण; ‘तेज़ दौड़ता है’ – क्रियाविशेषण।”

5. वाक्यों में क्रियाविशेषण का सही प्रयोग

क्रियाविशेषण का प्रयोग वाक्यों में क्रिया के आस-पास होता है –

  • रीतिवाचक: “राम धीरे-धीरे बोलता है।”
    “सीता जोर से हँसी।”
  • कालवाचक: “वह कल आएगा।”
    “हम अब चलेंगे।”
  • स्थानवाचक: “बच्चे बाहर खेल रहे हैं।”
    “किताब यहाँ रखो।”
  • परिमाणवाचक: “राम बहुत तेज़ दौड़ता है।”
    “सीता अत्यंत सुंदर है।” (यहाँ ‘अत्यंत’ विशेषण ‘सुंदर’ की विशेषता बता रहा है – पर यह क्रियाविशेषण ही है)
  • कारणवाचक:इसलिए वह नहीं आया।”
    क्योंकि बारिश थी, इसलिए वह रुका।”

महत्वपूर्ण: क्रियाविशेषण अव्यय है – यह कभी नहीं बदलता – चाहे वाक्य में कोई भी कर्ता, काल या लिंग हो।



हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “राम धीरे-धीरे चलता है।” – इस वाक्य में क्रियाविशेषण क्या है और किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘धीरे-धीरे’ – रीतिवाचक क्रियाविशेषण
व्याख्या: ‘धीरे-धीरे’ ने ‘चलता’ (क्रिया) का ढंग/रीति बताया – ‘कैसे चलता है?’ – धीरे-धीरे।
उदाहरण 2
प्रश्न: “वह कल आएगा।” – इस वाक्य में क्रियाविशेषण बताएँ और उसका प्रकार लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: ‘कल’ – कालवाचक क्रियाविशेषण
व्याख्या: ‘कल’ ने ‘आएगा’ (क्रिया) का समय बताया – ‘कब आएगा?’ – कल।
उदाहरण 3
प्रश्न: “बच्चे बाहर खेल रहे हैं।” – इस वाक्य में क्रियाविशेषण क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘बाहर’ – स्थानवाचक क्रियाविशेषण
व्याख्या: ‘बाहर’ ने ‘खेल रहे हैं’ (क्रिया) का स्थान बताया – ‘कहाँ खेल रहे हैं?’ – बाहर।
उदाहरण 4
प्रश्न: “राम बहुत तेज़ दौड़ता है।” – इस वाक्य में ‘बहुत’ किस प्रकार का क्रियाविशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘बहुत’ – परिमाणवाचक क्रियाविशेषण
व्याख्या: ‘बहुत’ ने ‘तेज़’ (विशेषण) की मात्रा/परिमाण बताया – ‘कितना तेज़?’ – बहुत।
उदाहरण 5
प्रश्न: “इसलिए वह नहीं आया।” – इस वाक्य में ‘इसलिए’ किस प्रकार का क्रियाविशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘इसलिए’ – कारणवाचक क्रियाविशेषण
व्याख्या: ‘इसलिए’ ने ‘नहीं आया’ (क्रिया) का कारण बताया – ‘क्यों नहीं आया?’ – इसलिए।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“सीता जोर-जोर से हँसती है।” – इस वाक्य में क्रियाविशेषण क्या है और किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘जोर-जोर से’ – रीतिवाचक क्रियाविशेषण
प्रश्न 2
“हम अब चलेंगे।” – इस वाक्य में ‘अब’ किस प्रकार का क्रियाविशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘अब’ – कालवाचक क्रियाविशेषण
प्रश्न 3
“पुस्तक यहाँ रखो।” – इस वाक्य में ‘यहाँ’ किस प्रकार का क्रियाविशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘यहाँ’ – स्थानवाचक क्रियाविशेषण
प्रश्न 4
“सीता अत्यंत सुंदर है।” – इस वाक्य में ‘अत्यंत’ किस प्रकार का क्रियाविशेषण है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘अत्यंत’ – परिमाणवाचक क्रियाविशेषण (‘सुंदर’ विशेषण की मात्रा बता रहा है)
प्रश्न 5
“क्योंकि बारिश थी, इसलिए वह रुका।” – इस वाक्य में कारणवाचक क्रियाविशेषण कौन-सा है?
उत्तर देखें
उत्तर: ‘क्योंकि’ और ‘इसलिए’ – दोनों कारणवाचक क्रियाविशेषण हैं

क्रियाविशेषण की समझ क्यों ज़रूरी है?

क्रियाविशेषण हिंदी भाषा को विस्तृत, सजीव और सटीक बनाता है – यह बताता है कि कोई काम कैसे, कब, कहाँ, कितना, या क्यों हुआ। बिना क्रियाविशेषण के वाक्य सूखे और अधूरे लगते हैं – “राम आया” बनाम “राम कल धीरे-धीरे आया” – दूसरा अधिक जानकारीपूर्ण है। इस पोस्ट में हमने  क्रिया और  अव्यय के साथ क्रियाविशेषण के सभी प्रकारों को स्पष्ट किया है – अब आप किसी भी वाक्य में क्रियाविशेषण को आसानी से पहचान सकते हैं और उसका सही प्रकार बता सकते हैं।

अभ्यास से ही क्रियाविशेषण की पहचान मज़बूत होती है। अपनी दैनिक बातचीत और लेखन में ध्यान दें – कौन-से शब्द क्रिया की विशेषता बता रहे हैं – 'कैसे, कब, कहाँ, कितना, क्यों' – और उनके प्रकार को पहचानें। यही आपकी हिंदी को शुद्ध, सटीक और प्रभावी बनाएगा।

📝 क्रियाविशेषण अभ्यास – कक्षा 5-6

इस इंटरैक्टिव वर्कशीट में 25 वाक्य दिए गए हैं – आपको प्रत्येक वाक्य में क्रियाविशेषण को पहचानना है और बताना है कि वह रीतिवाचक, कालवाचक, स्थानवाचक, परिमाणवाचक, या कारणवाचक है। साथ ही, कुछ वाक्यों में क्रियाविशेषण को अन्य प्रकार में बदलना है (जैसे – रीति को काल में)। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी समझ को परखें।

📖 वर्कशीट खोलें »

उत्तर कुंजी सहित • CBSE एवं UP Board पाठ्यक्रम के अनुरूप



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