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कृत प्रत्यय (Primary Suffixes) | Hindi Grammar | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 28 JUNE 2026

एक दिन मेरे छात्र ने मुझसे पूछा – "सर, 'पढ़' और 'पढ़ाई' – इन दोनों में क्या फर्क है? दोनों में तो 'पढ़' है!" मैंने कहा – "बेटा, 'पढ़' तो काम है – पढ़ना – पर 'पढ़ाई' उस काम का नाम है – संज्ञा। यह 'आई' प्रत्यय जुड़ने से बदल गया!" 'पढ़' एक क्रिया है – पर जब हम इसके अंत में 'आई' जोड़ते हैं, तो यह 'पढ़ाई' – एक संज्ञा – बन जाती है। हिंदी व्याकरण में ऐसे प्रत्यय जो क्रिया (धातु) के अंत में लगकर नए शब्द (संज्ञा, विशेषण, कर्ता आदि) बनाते हैं, कृत प्रत्यय (Derivational Suffix – Verbal) कहलाते हैं। 'कृत' का अर्थ है – 'क्रिया से बना' – यानी जो क्रिया से उत्पन्न हो। इस पोस्ट में हम कृत प्रत्यय की परिभाषा, उनके प्रकार, उदाहरण, पहचान के नियम, और वाक्यों में प्रयोग को विस्तार से समझेंगे। यह पोस्ट कक्षा 7‑8 के छात्रों के लिए बनाई गई है, लेकिन कोई भी इसे आसानी से समझ सकता है।

✅ अनुशंसित: कक्षा 7-8 | CBSE एवं UP Board



1. कृत प्रत्यय – परिभाषा एवं परिचय

कृत प्रत्यय (Derivational Suffix – Verbal) वे प्रत्यय हैं जो क्रिया (धातु) के अंत में लगकर नए शब्द बनाते हैं – जैसे संज्ञा, विशेषण, कर्ता, कर्म, भाव आदि। 'कृत' शब्द 'कृ' (करना) धातु से बना है – यानी 'जो क्रिया से बना हो'।

कृत प्रत्यय की सरल परिभाषा: “जो प्रत्यय क्रिया (धातु) के अंत में लगकर संज्ञा, विशेषण, कर्ता, कर्म, या भाव बनाते हैं, उन्हें कृत प्रत्यय कहते हैं।”

उदाहरण –
  • “पढ़” (क्रिया) + “आई” = “पढ़आई” (संज्ञा – भाव)
  • “लेख” (क्रिया) + “अक” = “लेखअक” (संज्ञा – कर्ता)
  • “कर” (क्रिया) + “्ता” = “कर्ता” (संज्ञा – कर्ता)
  • “चल” (क्रिया) + “” = “चल” (संज्ञा – भाव)
  • “हँस” (क्रिया) + “” = “हँस” (संज्ञा – भाव)

कृत प्रत्यय शब्द-निर्माण का एक बहुत महत्वपूर्ण साधन है – यह क्रिया को संज्ञा, विशेषण, या कर्ता में बदल देता है। इनके बिना हम 'पढ़ाई', 'लेखक', 'कर्ता', 'हँसी' जैसे शब्द नहीं बना सकते।

2. कृत प्रत्यय के प्रकार – कर्ता, कर्म, भाववाचक

कृत प्रत्ययों को उनके बनने वाले शब्द के आधार पर तीन मुख्य प्रकारों में बाँटा जा सकता है –

1. कर्तृवाचक कृत प्रत्यय (Agentive Suffixes): ये प्रत्यय क्रिया से कर्ता (काम करने वाला) बनाते हैं।
प्रत्यय: अक, ता, आड़ी, ई, आ, आर, वाला आदि।
उदाहरण: “लेख + अक = लेखअक (लेखक)”, “कर + ्ता = कर्ता”, “खेल + आड़ी = खिलाड़ी”

2. कर्मवाचक कृत प्रत्यय (Objective Suffixes): ये प्रत्यय क्रिया से कर्म (जिस पर क्रिया का प्रभाव पड़े) बनाते हैं – पर हिंदी में ये कम प्रचलित हैं, प्रायः भाववाचक में ही आते हैं।
उदाहरण: “पठ् + = पठन” (पढ़ा जाने वाला – कर्म) – पर हिंदी में 'पठन' भाववाचक भी है।

3. भाववाचक कृत प्रत्यय (Abstract/Verbal Noun Suffixes): ये प्रत्यय क्रिया से भाव (काम का नाम) बनाते हैं – ये सबसे अधिक प्रचलित हैं।
प्रत्यय: आई, आवट, न, आ, ई, ति, आन, वा, अ आदि।
उदाहरण: “पढ़ + आई = पढ़ाई”, “चल + = चलन”, “हँस + = हँसी”, “जाग + ृति = जागृति”

ट्रिक – याद रखें:अक/ता – कर्ता बनाए (लेखक, कर्ता); आई/न/ई – भाव बनाए (पढ़ाई, चलन, हँसी) – यही कृत प्रत्ययों का सरल वर्गीकरण।”

3. कृत प्रत्यय – उदाहरण तालिका

नीचे दी गई तालिका में कृत प्रत्ययों को उनके प्रकार और उदाहरणों के साथ वर्गीकृत किया गया है –

प्रकार प्रत्यय मूल क्रिया नया शब्द अर्थ
कर्तृवाचकअकलेख (लिखना)लेखकलिखने वाला
कर्तृवाचकताकर (करना)कर्ताकाम करने वाला
कर्तृवाचकआड़ीखेल (खेलना)खिलाड़ीखेलने वाला
कर्तृवाचकपूज (पूजना)पूजारीपूजा करने वाला
भाववाचकआईपढ़ (पढ़ना)पढ़ाईपढ़ने का काम
भाववाचकचल (चलना)चलनचलने का ढंग / प्रथा
भाववाचकहँस (हँसना)हँसीहँसने का भाव
भाववाचकआवटपढ़ (पढ़ना)पढ़ावटपढ़ाई / सीख
भाववाचकृतिजाग (जागना)जागृतिजागने का भाव
भाववाचकपठ् (पढ़ना)पठनपढ़ने की क्रिया
कर्मवाचक्यपठ् (पढ़ना)पाठ्यपढ़ने योग्य
ध्यान दें –
  • कर्तृवाचक प्रत्यय – क्रिया से कर्ता बनाते हैं – 'लेखक', 'कर्ता', 'खिलाड़ी' – ये सभी कर्ता हैं।
  • भाववाचक प्रत्यय – क्रिया से भाव/काम का नाम बनाते हैं – 'पढ़ाई', 'हँसी', 'चलन' – ये भाव हैं।
  • कर्मवाचक प्रत्यय – क्रिया से कर्म बनाते हैं – पर हिंदी में कम प्रचलित – 'पाठ्य' (पढ़ने योग्य) – कर्म।

4. कृत और तद्धित प्रत्यय में अंतर

कृत और तद्धित प्रत्यय – दोनों शब्द-निर्माण के साधन हैं, पर इनमें मूल अंतर है –

कृत प्रत्यय तद्धित प्रत्यय
क्रिया (धातु) के अंत में लगता है – “पढ़ + आई = पढ़ाई” संज्ञा/सर्वनाम/विशेषण के अंत में लगता है – “सुंदर + ता = सुंदरता”
क्रिया को संज्ञा/विशेषण/कर्ता में बदलता है – “पढ़” (क्रिया) → “पढ़ाई” (संज्ञा) संज्ञा/विशेषण को नई संज्ञा/विशेषण में बदलता है – “सुंदर” (विशेषण) → “सुंदरता” (संज्ञा)
उदाहरण – “आई, अक, ता, न, ई, आवट” उदाहरण – “ता, त्व, पन, इक, ई, आ”
ट्रिक – याद रखें:कृत – क्रिया से (पढ़ → पढ़ाई); तद्धित – तद् (उससे) – संज्ञा/विशेषण से (सुंदर → सुंदरता)। क्रिया का अंत → कृत; संज्ञा/विशेषण का अंत → तद्धित।”

5. कृत प्रत्यय युक्त शब्दों का वाक्यों में प्रयोग

कृत प्रत्यय युक्त शब्दों का सही अर्थ समझना और उन्हें वाक्यों में प्रयोग करना आवश्यक है –

  • लेखक (लेख + अक): “यह पुस्तक एक प्रसिद्ध लेखक ने लिखी है।” – (कर्ता)
  • कर्ता (कर + ता): “इस कार्य का कर्ता कौन है?” – (काम करने वाला)
  • पढ़ाई (पढ़ + आई): “उसकी पढ़ाई बहुत अच्छी है।” – (भाव / काम)
  • हँसी (हँस + ई): “उसकी हँसी बहुत मधुर है।” – (भाव)
  • चलन (चल + न): “इस गाँव में आज भी पुराना चलन है।” – (प्रथा / ढंग)
  • खिलाड़ी (खेल + आड़ी): “राम एक अच्छा खिलाड़ी है।” – (कर्ता)


हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “लेखक” – इस शब्द में कौन-सा कृत प्रत्यय है और यह किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘अक’, प्रकार – कर्तृवाचक कृत प्रत्यय
व्याख्या: ‘लेख’ (क्रिया) + ‘अक’ (प्रत्यय) = ‘लेखक’ – यह कर्ता (लिखने वाला) बनाता है – कर्तृवाचक कृत प्रत्यय है।
उदाहरण 2
प्रश्न: “पढ़ाई” – इस शब्द में कौन-सा कृत प्रत्यय है और यह किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘आई’, प्रकार – भाववाचक कृत प्रत्यय
व्याख्या: ‘पढ़’ (क्रिया) + ‘आई’ (प्रत्यय) = ‘पढ़ाई’ – यह भाव/काम का नाम बनाता है – भाववाचक कृत प्रत्यय है।
उदाहरण 3
प्रश्न: “खिलाड़ी” – इस शब्द में कौन-सा प्रत्यय है और यह किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘आड़ी’, प्रकार – कर्तृवाचक कृत प्रत्यय
व्याख्या: ‘खेल’ (क्रिया) + ‘आड़ी’ (प्रत्यय) = ‘खिलाड़ी’ – यह कर्ता (खेलने वाला) बनाता है – कर्तृवाचक कृत प्रत्यय है।
उदाहरण 4
प्रश्न: “हँसी” – इस शब्द में कौन-सा कृत प्रत्यय है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘ई’
व्याख्या: ‘हँस’ (क्रिया) + ‘ई’ (प्रत्यय) = ‘हँसी’ – यह भाववाचक कृत प्रत्यय है – हँसने का भाव।
उदाहरण 5
प्रश्न: “कर्ता” – इस शब्द में कौन-सा प्रत्यय है और इसका क्या अर्थ है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘ता’, अर्थ – काम करने वाला
व्याख्या: ‘कर’ (क्रिया) + ‘ता’ (प्रत्यय) = ‘कर्ता’ – यह कर्तृवाचक कृत प्रत्यय है – काम करने वाला।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“पूजारी” – इस शब्द में कौन-सा प्रत्यय है और किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘ई’ – कर्तृवाचक कृत प्रत्यय (पूजा करने वाला)
प्रश्न 2
“चलन” – इस शब्द में कौन-सा प्रत्यय है और यह किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘न’ – भाववाचक कृत प्रत्यय (चलने का ढंग / प्रथा)
प्रश्न 3
“पठन” – इस शब्द में कौन-सा प्रत्यय है और इसका क्या अर्थ है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘न’ – पठन = पढ़ने की क्रिया (भाववाचक कृत प्रत्यय)
प्रश्न 4
“जागृति” – इस शब्द में कौन-सा प्रत्यय है और यह किस प्रकार का है?
उत्तर देखें
उत्तर: प्रत्यय – ‘ृति’ – भाववाचक कृत प्रत्यय (जागने का भाव)
प्रश्न 5
“कृत प्रत्यय” और “तद्धित प्रत्यय” में मुख्य अंतर क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: कृत प्रत्यय क्रिया से नए शब्द बनाता है; तद्धित प्रत्यय संज्ञा/विशेषण से नए शब्द बनाता है।

कृत प्रत्यय की समझ क्यों ज़रूरी है?

कृत प्रत्यय हिंदी भाषा के शब्द-भंडार को समृद्ध करने का एक अत्यंत प्रभावी साधन है – यह क्रिया को संज्ञा, कर्ता, या भाव में बदल देता है। 'पढ़' (क्रिया) से 'पढ़ाई' (संज्ञा) – यह परिवर्तन कृत प्रत्यय के बिना संभव नहीं है। इस पोस्ट में हमने  प्रत्यय परिभाषा और  क्रिया के आधार पर कृत प्रत्ययों के प्रकार, उदाहरण, और उनके अंतर को स्पष्ट किया है – अब आप किसी भी क्रिया में कृत प्रत्यय को पहचान सकते हैं और समझ सकते हैं कि उसने क्या नया शब्द बनाया है।

अभ्यास से ही कृत प्रत्यय की पहचान मज़बूत होती है। अपनी दैनिक भाषा में कृत प्रत्यय युक्त शब्दों पर ध्यान दें – 'पढ़ाई', 'लेखक', 'हँसी', 'कर्ता', 'खिलाड़ी' – इनमें कौन-सा प्रत्यय है और उसने क्रिया को क्या बनाया है – यह समझने की कोशिश करें। यही आपकी हिंदी को शुद्ध, सटीक और प्रभावी बनाएगा।

📝 कृत प्रत्यय अभ्यास – कक्षा 7-8

इस इंटरैक्टिव वर्कशीट में 25 शब्द दिए गए हैं – आपको प्रत्येक शब्द में कृत प्रत्यय और मूल क्रिया को अलग-अलग करना है और बताना है कि प्रत्यय कर्तृवाचक है, भाववाचक है, या कर्मवाचक। साथ ही, कुछ क्रियाओं में उचित कृत प्रत्यय जोड़कर नए शब्द बनाने हैं। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी समझ को परखें।

📖 वर्कशीट खोलें »

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