Skip to main content

View in English
हिंदी में देखें


this padding is for avoiding search bar cut

द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) | Hindi Grammar | GPN

सोने की चेन, लोहे की रेल, चाँदी के गहने, पीतल का बर्तन... हमारे आस-पास की अनेक वस्तुएँ किसी न किसी पदार्थ से बनी होती हैं। पर क्या आपने कभी सोचा कि उस मूल पदार्थ का नाम क्या है? द्रव्यवाचक संज्ञा ही वह शब्द है जो उस मूल द्रव्य या पदार्थ की पहचान कराती है, न कि उससे बनी तैयार वस्तु की। यह संज्ञा का वह विशेष भेद है जो भौतिक संसार की बुनियाद को शब्द देता है।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 4–5 (परिचय) | कक्षा 6–7 (अभ्यास) | कक्षा 8–9 (उच्च स्तर प्रयोग)


1. द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) का परिचय

जब आप "दूध" कहते हैं, तो आप किसी विशेष बोतल या गिलास की बात नहीं कर रहे, बल्कि एक सफेद तरल पदार्थ की बात कर रहे हैं। जब आप "लकड़ी" कहते हैं, तो आपका मतलब किसी विशेष कुर्सी या मेज़ से नहीं, बल्कि उस मूल पदार्थ से है जिससे वे बनी हैं। यही है द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) – वह शब्द जो किसी शुद्ध पदार्थ, द्रव्य या सामग्री का नाम बताता है, चाहे वह प्राकृतिक हो या मानव निर्मित। यह संज्ञा का वह भेद है जो माप-तौल पर आधारित है, गिनती पर नहीं।

हमारे दैनिक जीवन में इसकी मौजूदगी हर जगह है। नाश्ते में "चाय", घर बनाने के लिए "सीमेंट", कपड़ों के लिए "सूती", गहनों के लिए "सोना" – ये सभी द्रव्यवाचक संज्ञाएँ हैं। यह भेद हमें यह समझने में मदद करता है कि चीज़ें किस चीज़ से बनी हैं, न कि वे क्या हैं। यह अंतर समझना ज़रूरी है।

2. परिभाषा

परिभाषा: वह संज्ञा जो किसी पदार्थ, द्रव्य या सामग्री का नाम बताती है, जिससे अन्य वस्तुएँ बनाई जाती हैं और जिसे मापा या तोला जा सकता है पर गिना नहीं जा सकता, द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) कहलाती है।

3. द्रव्यवाचक संज्ञा की पहचान के मुख्य बिंदु

किसी शब्द को द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) मानने के लिए इन बातों पर ध्यान दें:

  • माप-तौल योग्य, गिनती योग्य नहीं: इन्हें किलो, लीटर, मीटर, ग्राम में मापा जाता है, न कि एक, दो, तीन से गिना। "एक किलो चावल" ठीक है, "एक चावल" गलत है।
  • शुद्ध पदार्थ का नाम: यह किसी तैयार वस्तु का नाम नहीं, बल्कि उसके निर्माण की कच्ची सामग्री का नाम है। 'सोना' द्रव्यवाचक है, 'सोने की अंगूठी' नहीं।
  • बहुवचन नहीं बनता: इनका सामान्यतः बहुवचन नहीं बनाया जाता। हम "चाँदियाँ", "लोहे", "दूधें" नहीं कहते।
  • मात्रा सूचक शब्दों के साथ: इनके साथ 'थोड़ा', 'कुछ', 'बहुत', 'एक बोरी', 'दो लीटर' जैसे शब्द लगते हैं।
  • अगणनीय (Uncountable): अंग्रेज़ी व्याकरण की तरह, हिंदी में भी ये अगणनीय संज्ञाएँ मानी जाती हैं।

4. द्रव्यवाचक संज्ञा के प्रमुख प्रकार

द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) को उसकी उत्पत्ति और प्रकृति के आधार पर मुख्यतः दो वर्गों में बाँटा जा सकता है। नीचे दी गई तालिका में इनके प्रकार और उदाहरण दिए गए हैं।

क्रम प्रकार विशेषता उदाहरण
1 प्राकृतिक पदार्थ प्रकृति से सीधे प्राप्त होने वाले द्रव्य पानी, हवा, सोना, लोहा, कोयला, तेल
2 कृषि/पशु उत्पाद खेती या पशुपालन से प्राप्त पदार्थ गेहूँ, चावल, दूध, घी, रुई, शहद
3 मानव निर्मित पदार्थ कारखानों में बनाए गए मूल पदार्थ प्लास्टिक, सीमेंट, काँच, पॉलिस्टर, रबर
4 धातु एवं मिश्र धातु खनिजों से प्राप्त या बनाई गई धातुएँ चाँदी, ताँबा, पीतल, कांसा, स्टील
5 खाद्य मूल पदार्थ भोजन के मूल घटक या सामग्री आटा, चीनी, नमक, घी, तेल, दाल

5. विस्तृत उदाहरण

विभिन्न श्रेणियों के कुछ और उदाहरण देखें:

  • प्राकृतिक तत्व: ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन, कार्बन
  • निर्माण सामग्री: ईंट, रेत, पत्थर, सरिया, मार्बल
  • कपड़ों की मूल सामग्री: सूत, रेशम, ऊन, पॉलिस्टर, लिनन
  • रसायनिक पदार्थ: अल्कोहल, एसिड, पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन
  • अनाज और दालें: मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग
  • मसाले (मूल रूप में): हल्दी, धनिया, मिर्च, जीरा, गरम मसाला
  • खनिज: हीरा, पन्ना, कोयला, चूना पत्थर, सल्फर
  • तरल पदार्थ: पेट्रोल, शराब, सिरका, ग्लिसरीन, मिट्टी का तेल

6. वाक्य में प्रयोग की विधि

द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) का प्रयोग करते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • मात्रावाचक शब्दों के साथ: इनके साथ मात्रा बताने वाले शब्द लगते हैं।
    • "एक लीटर दूध"
    • "दस किलो आटा"
    • "थोड़ा सा घी"
  • बिना 'एक' के: सामान्यतः इनके साथ 'एक' नहीं लगता। "एक सोना" गलत है, "सोना कीमती है" ठीक है।
  • कर्म के रूप में: अक्सर ये वाक्य में कर्म का कार्य करती हैं।
    • "मैंने चाय पी।" (कर्म)
    • "उसने लकड़ी काटी।" (कर्म)
  • संबंध कारक के साथ: किसी वस्तु की सामग्री बताने के लिए 'से', 'का', 'की' लगाकर प्रयोग करते हैं।
    • "यह मेज़ लकड़ी की है।"
    • "वह बर्तन पीतल का है।"

7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ

द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) को लेकर छात्रों में आम भ्रम इस प्रकार हैं:

  • द्रव्यवाचक और जातिवाचक में अंतर न समझना: 'लकड़ी' (पदार्थ) द्रव्यवाचक है, जबकि 'कुर्सी' (लकड़ी से बनी वस्तु) जातिवाचक है। यह सबसे आम भूल है। पदार्थ का नाम द्रव्यवाचक, उससे बनी चीज़ का नाम जातिवाचक होता है।
  • भाववाचक संज्ञा को द्रव्यवाचक समझना: 'प्यार', 'साहस' जैसे शब्द भाववाचक हैं, क्योंकि ये पदार्थ नहीं हैं, भाव हैं। द्रव्यवाचक संज्ञा हमेशा एक भौतिक पदार्थ का नाम होती है जिसे छुआ जा सकता है।
  • बहुवचन बनाने की कोशिश: द्रव्यवाचक संज्ञा का बहुवचन नहीं बनता। "चावलें", "दूधों", "हवाएँ" (हवा की गिनती के अर्थ में) गलत प्रयोग हैं।
  • तैयार उत्पाद को द्रव्यवाचक मानना: 'रोटी', 'दही', 'पनीर' जातिवाचक हैं, द्रव्यवाचक नहीं। इनके मूल पदार्थ ('आटा', 'दूध') द्रव्यवाचक हैं। द्रव्यवाचक वह है जिससे कोई चीज़ बनी है, वह चीज़ स्वयं नहीं।

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • MCQ हेतु: "वह संज्ञा जो किसी पदार्थ या द्रव्य का नाम बताए और जिसे मापा-तोला जा सके, क्या कहलाती है?" उत्तर: द्रव्यवाचक संज्ञा
  • रिक्त स्थान हेतु: "'______' और '______' द्रव्यवाचक संज्ञा के उदाहरण हैं।" (लोहा, चाँदी)
  • सही/गलत हेतु: "'कुर्सी' एक द्रव्यवाचक संज्ञा है।" - गलत (यह जातिवाचक है। द्रव्यवाचक 'लकड़ी' होगा)।
  • एक-शब्द उत्तर हेतु: "संज्ञा का वह भेद जो किसी पदार्थ का नाम बताए।" - द्रव्यवाचक संज्ञा
  • याद रखने योग्य: द्रव्यवाचक संज्ञा को अगणनीय संज्ञा (Uncountable Noun) भी कहते हैं।

🎯 द्रव्यवाचक संज्ञा पहचानो: चुनौती (10 प्रश्न)

नीचे दिए गए वाक्यों में द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) पहचानिए। प्रत्येक वाक्य में कम से कम एक द्रव्यवाचक संज्ञा है।

1. सुनार सोने और चाँदी के गहने बनाता है।

2. बढ़ई ने मजबूत लकड़ी से एक सुन्दर अलमारी बनाई।

3. माँ ने आटा गूँधा और तेल गरम किया।

4. शहर में पीने के पानी की कमी है और हवा भी प्रदूषित है।

5. कारखाने में सीमेंट, रेत और ईंटें तैयार की जाती हैं।

6. दादी को चाय पीना और गर्म दूध पसंद है।

7. इस क्षेत्र में गेहूँ और गन्ने की खेती अच्छी होती है।

8. जेवरात में हीरा, पन्ना और मोती लगे होते हैं।

9. आधुनिक इमारतों में काँच और स्टील का खूब प्रयोग होता है।

10. मिट्टी के तेल का उपयोग स्टोव में और पेट्रोल का उपयोग वाहनों में होता है।

10. सारांश

संक्षेप में, द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) हमारे भौतिक संसार की बुनियादी इकाइयों – यानी विभिन्न पदार्थों और द्रव्यों – को नाम देती है। यह जातिवाचक संज्ञा से इस मायने में अलग है कि यह किसी तैयार वस्तु का नहीं, बल्कि उसके निर्माण की कच्ची सामग्री का नाम है। 'सोना', 'लकड़ी', 'पानी', 'सीमेंट' जैसे शब्द हमें बताते हैं कि चीज़ें किस चीज़ से बनी हैं। इसकी पहचान का सबसे आसान तरीका यह है कि इन्हें मापा और तोला जा सकता है, पर गिना नहीं जा सकता। यह भेद हमें वस्तुओं की मूल प्रकृति और उनके निर्माण प्रक्रिया के बारे में सोचने पर मजबूर करता है, जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में सहायक है।

11. संबंधित विषय संकेत

द्रव्यवाचक संज्ञा (Material Noun) को समझने के बाद, अब संज्ञा के ऐसे भेद को समझना ज़रूरी है जो किसी भाव, गुण या अवस्था का नाम बताता है – जो दिखाई नहीं देता, केवल महसूस किया जा सकता है। आगे पढ़ें: भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun) - विस्तृत अध्ययन

📝 द्रव्यवाचक संज्ञा - अभ्यास वर्कशीट

द्रव्यवाचक संज्ञा को पहचानने और वर्गीकृत करने का अभ्यास करें। 20+ प्रश्नों का सेट।

वर्कशीट खोलें


© 2025 Guided Path Noida | All Rights Reserved