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भाववाचक संज्ञा – परिभाषा, निर्माण और उदाहरण (Abstract Noun) | Hindi Grammar | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 17 JUNE 2026

क्या आपने कभी महसूस किया है कि “खुशी”, “गुस्सा”, “प्यार” – ये सब नाम तो हैं, लेकिन इन्हें छुआ नहीं जा सकता? ये ऐसे शब्द हैं जो किसी भाव, अवस्था या गुण का बोध कराते हैं। हिंदी व्याकरण में इन्हें भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun) कहते हैं। इस पोस्ट में हम भाववाचक संज्ञा की परिभाषा, पहचान के नियम, उदाहरण और वाक्यों में प्रयोग को विस्तार से समझेंगे। यह पोस्ट कक्षा 4‑5 के छात्रों के लिए बनाई गई है।

✅ अनुशंसित: कक्षा 4-5 | CBSE एवं UP Board



1. भाववाचक संज्ञा – परिभाषा

भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun) वह शब्द है जो किसी गुण, भाव, अवस्था, क्रिया के भाव या मनोदशा का नाम बताता है। यह वह संज्ञा है जिसे हम छू, देख या महसूस नहीं कर सकते – हम केवल अनुभव कर सकते हैं।

भाववाचक संज्ञा की सरल परिभाषा: “किसी भी गुण, दोष, अवस्था, क्रिया के भाव या मनोवैज्ञानिक स्थिति के नाम को भाववाचक संज्ञा कहते हैं।”

उदाहरण –
  • गुण: मिठास, सुन्दरता, ईमानदारी, बहादुरी
  • दोष: क्रोध, लालच, डर, आलस्य
  • अवस्था: बचपन, बुढ़ापा, जवानी, गरीबी
  • क्रिया का भाव: मुस्कान, हँसी, रोना, चलना
  • मनोदशा: प्यार, खुशी, दुख, शांति

ध्यान दें: भाववाचक संज्ञा अमूर्त होती है – इसे छुआ या देखा नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जा सकता है।

2. भाववाचक संज्ञा पहचानने के नियम

भाववाचक संज्ञा को पहचानने के लिए कुछ सरल नियम हैं –

  • नियम 1: यह किसी गुण, दोष, अवस्था या भाव का नाम होती है – जैसे मिठास, क्रोध, बचपन
  • नियम 2: इसके सामने ‘एक’, ‘दो’ नहीं लग सकते – “एक मिठास” गलत है।
  • नियम 3: इसका बहुवचन नहीं बनता – “मिठासें” नहीं कहते।
  • नियम 4: इसे मापा नहीं जा सकता – “दो किलो प्यार” गलत है।
  • नियम 5: कई बार क्रिया या विशेषण में ‘ता’, ‘त्व’, ‘पन’ आदि प्रत्यय लगाने से भाववाचक संज्ञा बनती है – मीठा → मिठास, बच्चा → बचपन, सुंदर → सुन्दरता

ये नियम भाववाचक संज्ञा को अन्य भेदों से अलग करने में बहुत सहायक हैं।

3. भाववाचक संज्ञा के प्रकार – तालिका

नीचे दी गई तालिका में भाववाचक संज्ञा के विभिन्न प्रकारों के उदाहरण दिए गए हैं –

गुणदोष/भावअवस्थाक्रिया का भाव
मिठासक्रोधबचपनमुस्कान
सुन्दरतालालचबुढ़ापाहँसी
ईमानदारीडरजवानीरोना
बहादुरीआलस्यगरीबीचलना
शांतिईर्ष्याअमीरीदौड़ना
याद रखें: भाववाचक संज्ञा हमेशा एकवचन में प्रयुक्त होती है और इसे महसूस किया जा सकता है, छुआ नहीं।

4. भाववाचक और अन्य भेदों में अंतर

भाववाचक संज्ञा को अक्सर जातिवाचक या द्रव्यवाचक से भ्रमित किया जाता है। आइए अंतर समझते हैं –

भाववाचकजातिवाचकद्रव्यवाचक
मिठासमिठाईचीनी
सुन्दरतासुन्दर वस्तुसोना
बचपनबच्चादूध
क्रोधक्रोधी व्यक्तिलोहा

ट्रिक: यदि शब्द किसी गुण, भाव या अवस्था को दर्शाता है जिसे छुआ/देखा नहीं जा सकता – तो वह भाववाचक है। यदि वह किसी जाति का नाम है – जातिवाचक। यदि वह किसी पदार्थ का नाम है – द्रव्यवाचक

5. वाक्यों में भाववाचक संज्ञा का प्रयोग

भाववाचक संज्ञा का प्रयोग वाक्यों में निम्नलिखित तरीकों से होता है –

  • कर्ता के रूप में:खुशी से उसका चेहरा खिल उठा।”
  • कर्म के रूप में: “मुझे शांति चाहिए।”
  • कारक के रूप में:ईमानदारी से काम करो।”
  • विशेषण के साथ:गहरी नींद आई।” (यहाँ ‘नींद’ भाववाचक है)

भाववाचक संज्ञा को हमेशा एकवचन में ही प्रयोग करें – इसका बहुवचन नहीं बनता।



हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “बच्चे की मुस्कान देखकर सब खुश हो गए।” – ‘मुस्कान’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
व्याख्या: ‘मुस्कान’ एक क्रिया का भाव है – इसे छुआ नहीं जा सकता, केवल देखा/अनुभव किया जा सकता है।
उदाहरण 2
प्रश्न: “ईमानदारी सबसे अच्छा गुण है।” – ‘ईमानदारी’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
व्याख्या: ‘ईमानदारी’ एक गुण है – इसे छुआ नहीं जा सकता, केवल अनुभव किया जा सकता है।
उदाहरण 3
प्रश्न: “बचपन बहुत सुंदर होता है।” – ‘बचपन’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
व्याख्या: ‘बचपन’ एक अवस्था है – इसे छुआ नहीं जा सकता।
उदाहरण 4
प्रश्न: “क्रोध में कभी निर्णय नहीं लेना चाहिए।” – ‘क्रोध’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
व्याख्या: ‘क्रोध’ एक दोष/भाव है – इसे महसूस किया जा सकता है, छुआ नहीं।
उदाहरण 5
प्रश्न: “उसकी हँसी बहुत मधुर है।” – ‘हँसी’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
व्याख्या: ‘हँसी’ एक क्रिया का भाव है – यह अमूर्त है, ठोस नहीं।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“सुन्दरता ईश्वर का उपहार है।” – ‘सुन्दरता’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
प्रश्न 2
“गरीबी में भी इंसान खुश रह सकता है।” – ‘गरीबी’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
प्रश्न 3
निम्न में से कौन-सा भाववाचक संज्ञा है? (क) बच्चा, (ख) बचपन, (ग) खिलौना
उत्तर देखें
उत्तर: (ख) बचपन – यह एक अवस्था है, ठोस वस्तु नहीं।
प्रश्न 4
“प्यार सबसे बड़ा रिश्ता है।” – ‘प्यार’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा
प्रश्न 5
“उसकी बहादुरी की सबने सराहना की।” – ‘बहादुरी’ कौन-सा भेद है?
उत्तर देखें
उत्तर: भाववाचक संज्ञा

भाववाचक संज्ञा क्यों ज़रूरी है?

भाववाचक संज्ञा हमें अपनी भावनाओं, गुणों और अवस्थाओं को शब्दों में व्यक्त करने की क्षमता देती है। यह संज्ञा का वह भेद है जो अमूर्त विचारों को मूर्त शब्दों में बाँधता है। इस पोस्ट में हमने  द्रव्यवाचक संज्ञा और  संज्ञा के लिंग के साथ भाववाचक संज्ञा का अंतर भी स्पष्ट किया है।

अभ्यास से ही भाववाचक संज्ञा की पहचान मज़बूत होती है। अपने आस-पास की भावनाओं को देखें – हर गुण, हर भाव, हर अवस्था को भाववाचक संज्ञा में शामिल करें और उन्हें पहचानने का प्रयास करें।

📝 भाववाचक संज्ञा अभ्यास – कक्षा 4-5

इस इंटरैक्टिव वर्कशीट में 20 शब्द और 10 वाक्य दिए गए हैं – आपको बताना है कि कौन-सा शब्द भाववाचक संज्ञा है और क्यों। साथ ही, वाक्यों में छिपी भाववाचक संज्ञाओं को खोजना है। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी समझ को परखें।

📖 वर्कशीट खोलें »

उत्तर कुंजी सहित • CBSE एवं UP Board पाठ्यक्रम के अनुरूप



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