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अव्यय की परिभाषा (Indeclinable Definition) | Hindi Grammar | GPN

भाषा को चलाने वाली छोटी-छोटी चाबियाँ - जिनके बिना वाक्य अधूरा लगता है। कल्पना कीजिए, अगर कहना हो "वह धीरे चलता है", तो 'धीरे' शब्द के बिना वाक्य कैसा लगेगा? यही अव्यय (Adverb) हैं, वे शब्द जो क्रिया की विशेषता बताते हैं। रोज़ बोलचाल में हम इनका बिना सोचे प्रयोग करते हैं।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 5–6 (परिचय) | कक्षा 7–8 (अभ्यास) | कक्षा 9–10 (उच्च स्तर प्रयोग)


1️. अव्यय (Adverb) का परिचय

कभी सोचा है, "वह बहुत तेज़ दौड़ता है" या "माँ धीरे-धीरे बोल रही हैं" जैसे वाक्यों में 'तेज़' और 'धीरे-धीरे' शब्द क्या भूमिका निभा रहे हैं? ये शब्द हमें बता रहे हैं कि क्रिया (दौड़ना, बोलना) 'कैसे' हो रही है। ऐसे ही अनेक शब्द होते हैं जो क्रिया के ढंग, समय, स्थान या परिमाण के बारे में जानकारी देते हैं। इन्हें ही व्याकरण की भाषा में अव्यय (Adverb) कहते हैं।

मान लीजिए आप अपने दोस्त से कहते हैं, "कल मैं जल्दी आऊँगा।" इस वाक्य में 'कल' बता रहा है कब, और 'जल्दी' बता रहा है कैसे। ये दोनों शब्द मुख्य क्रिया 'आऊँगा' के बारे में अतिरिक्त जानकारी दे रहे हैं। बिना इनके वाक्य "मैं आऊँगा" तो सही है, लेकिन पूरी बात स्पष्ट नहीं हो पाती। अव्यय ही वे सहायक शब्द हैं जो हमारी बात को पूरा और स्पष्ट रंग देते हैं।

2. परिभाषा

परिभाषा: वे शब्द जो क्रिया, विशेषण या किसी दूसरे अव्यय की विशेषता (कैसे, कब, कहाँ, कितना) बताते हैं और जिनके रूप में लिंग, वचन, कारक आदि के कारण कोई परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अव्यय कहते हैं।

3. मुख्य बिंदु / पहचान

अव्यय को पहचानने के लिए इन बातों पर ध्यान दें:

  • रूप में स्थिरता: अव्यय का रूप कभी नहीं बदलता। चाहे कर्ता एक हो या अनेक, पुल्लिंग हो या स्त्रीलिंग, अव्यय वही का वही रहता है। जैसे - वह धीरे चलता है। वे धीरे चलते हैं। सीता धीरे चलती है।
  • विशेषता बताना: ये हमेशा क्रिया, विशेषण या किसी अन्य अव्यय के बारे में कुछ बताते हैं। (कैसे? कब? कहाँ? कितना?)
  • वाक्य में स्थान: ये वाक्य में कहीं भी आ सकते हैं, लेकिन आमतौर पर क्रिया के पहले या बाद में आते हैं।
  • प्रश्न पूछकर पहचान: क्रिया पर 'कैसे', 'कब', 'कहाँ', 'कितना' जैसे प्रश्न पूछें। जो शब्द उत्तर दे, वह अव्यय है।

4. भेद / प्रकार

अव्यय के मुख्य रूप से चार भेद माने जाते हैं। इन्हें उनके द्वारा बताई जाने वाली विशेषता के आधार पर पहचाना जाता है।

क्रम भेद / प्रकार संक्षिप्त संकेत
1 क्रियाविशेषण क्रिया की विशेषता बताता है। (कैसे?)
2 संबंधबोधक अव्यय संज्ञा/सर्वनाम का वाक्य के दूसरे शब्दों से संबंध बताता है।
3 समुच्चयबोधक अव्यय दो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को जोड़ता है।
4 विस्मयादिबोधक अव्यय हर्ष, शोक, आश्चर्य आदि भाव प्रकट करता है।

5. उदाहरण

आइए, अव्यय को विभिन्न वाक्यों में देखते और समझते हैं:

  • उदाहरण 1 (कैसे): बच्चा जोर से हँसा। (कैसे हँसा?)
  • उदाहरण 2 (कब): हम कल पिकनिक पर जाएँगे। (कब जाएँगे?)
  • उदाहरण 3 (कहाँ): किताब मेज पर रखी है। (कहाँ रखी है?)
  • उदाहरण 4 (कितना): यह काम बहुत कठिन है। (कितना कठिन?)
  • उदाहरण 5 (भाव): वाह! कितना सुंदर दृश्य है।

6. वाक्य में प्रयोग / प्रयोग की विधि

अव्यय का प्रयोग करते समय ध्यान रखें कि यह किसकी विशेषता बता रहा है। यह सीधे तौर पर क्रिया, विशेषण या किसी अन्य अव्यय के साथ जुड़ा होता है। इनका वाक्य में स्थान लचीला होता है, लेकिन अर्थ के आधार पर तय होता है। जैसे 'केवल' शब्द वाक्य में जिस शब्द के ठीक पहले आएगा, उसी पर ज़ोर देगा। "उसने केवल रोटी खाई" और "केवल उसने रोटी खाई" के अर्थ अलग-अलग हैं।

7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ

अव्यय को लेकर छात्र अक्सर दो चीज़ों में भ्रमित होते हैं: पहला, इसे विशेषण समझ लेना। दूसरा, इसके अलग-अलग प्रकारों को पहचानने में गलती करना।

  • विशेषण vs अव्यय: विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है (जैसे - तेज़ लड़का), जबकि अव्यय क्रिया की विशेषता बताता है (जैसे - लड़का तेज़ दौड़ता है)। 'तेज़' पहले वाक्य में विशेषण है और दूसरे में अव्यय।
  • संबंधबोधक अव्यय की पहचान: यह हमेशा किसी संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर उसका संबंध बताता है, जैसे - घर के सामने, मुझ से पूछो। इसे अलग से नहीं देखा जा सकता।
  • क्रिया का अभाव: विस्मयादिबोधक अव्यय (जैसे - अरे! ओह!) के साथ अक्सर कोई स्पष्ट क्रिया नहीं होती, फिर भी यह अव्यय की श्रेणी में आता है।

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • अव्यय के रूप में कभी परिवर्तन नहीं होता। (एक-शब्द उत्तर हेतु)
  • जो शब्द क्रिया, विशेषण या अन्य अव्यय की विशेषता बताता है, वह अव्यय है। (परिभाषा हेतु)
  • क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक - अव्यय के चार प्रमुख भेद हैं। (MCQ हेतु)
  • 'कैसे', 'कब', 'कहाँ', 'कितना' प्रश्नों के उत्तर देने वाला शब्द अव्यय होता है। (पहचान हेतु)
  • हिंदी में 'यहाँ', 'वहाँ', 'कहीं', 'सदैव', 'कभी' आदि सामान्य अव्यय हैं। (रिक्त स्थान हेतु)

9. 🎯 अव्यय (Adverb) आधारित चुनौती

नीचे दिए गए प्रश्नों के माध्यम से जाँचिए कि आपने अव्यय की अवधारणा कितनी अच्छी तरह समझी है। इन्हें ध्यान से पढ़कर उत्तर दीजिए।

1. क्या 'बहुत सुंदर' में 'बहुत' अव्यय है? यदि हाँ, तो यह किसकी विशेषता बता रहा है?

उत्तर: हाँ, 'बहुत' अव्यय है। यह विशेषण 'सुंदर' की विशेषता (परिमाण) बता रहा है कि सुंदरता कितनी है।

2. 'वह धीरे-धीरे और चुपचाप कमरे से बाहर गया।' इस वाक्य में अव्यय कौन-से हैं और वे किस प्रकार के हैं?

उत्तर: 'धीरे-धीरे' और 'चुपचाप' अव्यय हैं। दोनों ही क्रियाविशेषण हैं क्योंकि ये क्रिया 'गया' के ढंग (कैसे) के बारे में बता रहे हैं।

3. क्या 'लड़का' शब्द कभी अव्यय बन सकता है? कारण सहित समझाइए।

उत्तर: नहीं, 'लड़का' एक संज्ञा है। अव्यय वे शब्द होते हैं जो क्रिया, विशेषण आदि की विशेषता बताते हैं और जिनके रूप स्थिर रहते हैं। 'लड़का' किसी की विशेषता नहीं बताता और इसका रूप बदल सकता है (लड़के, लड़कों)।

4. 'मैंने उसे पुस्तक दी।' इस वाक्य में 'पुस्तक' के बाद 'को' लगाने से क्या अर्थ परिवर्तन होगा? क्या 'को' अव्यय है?

उत्तर: 'पुस्तक दी' में 'पुस्तक' कर्म है। 'पुस्तक को दी' लगाने पर 'पुस्तक' पर ज़ोर बढ़ जाता है। 'को' एक संबंधबोधक अव्यय है जो 'पुस्तक' का संबंध क्रिया 'दी' से बता रहा है।

5. एक ही शब्द 'आगे' का प्रयोग क्रियाविशेषण और संबंधबोधक अव्यय के रूप में करते हुए दो वाक्य बनाइए।

उत्तर:
क्रियाविशेषण: कार आगे बढ़ी। (कैसे बढ़ी?)
संबंधबोधक: मेरे घर के आगे एक पार्क है। (घर का संबंध पार्क से)

6. 'शाबाश! तुमने बहुत अच्छा काम किया।' इस वाक्य में अव्यय शब्द कौन-से हैं और वे क्या व्यक्त कर रहे हैं?

उत्तर: 'शाबाश!' एक विस्मयादिबोधक अव्यय है जो प्रशंसा का भाव व्यक्त कर रहा है। 'बहुत' एक क्रियाविशेषण है जो विशेषण 'अच्छा' की मात्रा बता रहा है।

7. क्या समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे और, या, परंतु) के बिना भी वाक्य बन सकता है? यदि हाँ, तो उदाहरण दीजिए।

उत्तर: हाँ, समुच्चयबोधक अव्यय के बिना भी वाक्य बन सकता है, लेकिन तब वे साधारण वाक्य होंगे। जटिल या संयुक्त वाक्य बनाने के लिए इनकी आवश्यकता होती है। उदाहरण: वह आया। वह गया। (दो अलग वाक्य)। वह आया और फिर गया। (एक संयुक्त वाक्य)।

8. 'वह यहाँ नहीं रहता।' वाक्य में 'नहीं' अव्यय है। यह किस प्रकार का अव्यय है और किसकी विशेषता बता रहा है?

उत्तर: 'नहीं' एक नकारात्मकता बताने वाला क्रियाविशेषण है। यह क्रिया 'रहता' की विशेषता बता रहा है कि क्रिया हो नहीं रही है (नकार)।

9. अव्यय और क्रिया विशेषण में क्या अंतर है? या क्या ये दोनों एक ही हैं?

उत्तर: अव्यय एक व्यापक श्रेणी है जिसके चार भेद होते हैं। क्रियाविशेषण अव्यय का ही एक प्रमुख भेद या प्रकार है। सभी क्रियाविशेषण अव्यय हैं, लेकिन सभी अव्यय क्रियाविशेषण नहीं हैं (जैसे संबंधबोधक, समुच्चयबोधक आदि)।

10. 'ऊपर' शब्द का प्रयोग करते हुए एक वाक्य बनाइए जहाँ वह संज्ञा के रूप में काम कर रहा हो और दूसरा वाक्य जहाँ वह अव्यय के रूप में काम कर रहा हो।

उत्तर:
संज्ञा के रूप में: इस इमारत का ऊपर बहुत ऊँचा है। (यहाँ 'ऊपर' एक स्थान/भाग का नाम है, कर्ता की भूमिका में है।)
अव्यय के रूप में: पक्षी आकाश में ऊपर उड़ रहा है। (यहाँ 'ऊपर' क्रिया 'उड़ रहा है' के स्थान (कहाँ) की विशेषता बता रहा है।)

10. सारांश

अव्यय (Adverb) भाषा के ऐसे स्थिर और अविनाशी शब्द हैं जो क्रिया, विशेषण या अन्य अव्यय की विशेषता प्रकट करते हैं। इनके रूप में कभी कोई बदलाव नहीं आता। इनका मुख्य काम 'कैसे', 'कब', 'कहाँ' और 'कितना' जैसे प्रश्नों के उत्तर देना है। क्रियाविशेषण, संबंधबोधक, समुच्चयबोधक और विस्मयादिबोधक - इन चार प्रकारों के माध्यम से ये शब्द हमारे वाक्यों को अर्थपूर्ण, स्पष्ट और प्रभावशाली बनाते हैं।

11. संबंधित विषय संकेत

अव्यय के प्रमुख भेद क्रियाविशेषण के बारे में विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें: क्रियाविशेषण (Adverb in detail)

📝 अव्यय की परिभाषा - अभ्यास वर्कशीट

अव्यय की पहचान, भेद और प्रयोग पर आधारित अभ्यास प्रश्नों का सेट।

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