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उद्धरण चिन्ह – नियम, उपयोग और उदाहरण (Quotation Marks) | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 30 JULY 2026

बस में सफर करते हुए मैंने दो लोगों को बात करते सुना – एक ने कहा – "मैंने सुना है कि कल स्कूल बंद है।" दूसरा बोला – "किसने कहा?" – पहले ने जवाब दिया – "प्रिंसिपल ने कहा।" मैंने सोचा – अगर मैं यह बात किसी और को बताऊँ – तो कैसे बताऊँ कि किसने क्या कहा? तब मुझे याद आया – उद्धरण चिह्न (" ") का सहारा लेना चाहिए – "प्रिंसिपल ने कहा, "कल स्कूल बंद है।"" – अब स्पष्ट है – ये प्रिंसिपल के शब्द हैं। इसी तरह उद्धरण चिह्न हमें बताते हैं कि किसी ने क्या कहा या लिखा है – ये दूसरे के शब्दों को उद्धृत करने के लिए प्रयुक्त होते हैं – ये लेखन को स्पष्ट, प्रामाणिक और संदर्भ-युक्त बनाते हैं। इस पोस्ट में हम कक्षा 7-8 के स्तर पर उद्धरण चिह्न – उनके प्रकार, नियम, प्रयोग, और वाक्यों में सही स्थान – को विस्तृत उदाहरणों और अभ्यास के साथ समझेंगे – ताकि आपका लेखन स्पष्ट, प्रामाणिक और प्रभावशाली बने।

✅ अनुशंसित: कक्षा 7-8 | CBSE एवं UP Board



1. उद्धरण चिह्न क्या हैं? – परिभाषा और परिचय

उद्धरण चिह्न (Quotation Marks) – वे चिह्न जो किसी व्यक्ति के कहे गए या लिखे गए शब्दों को दिखाने के लिए प्रयुक्त होते हैं – ये बताते हैं कि ये शब्द किसी और के हैं – लेखक के नहीं। हिंदी में उद्धरण चिह्न “ ” (द्विगुणित) और ‘ ’ (एकल) – दोनों का प्रयोग होता है – पर अधिकतर “ ” का ही प्रयोग होता है। अंग्रेज़ी में भी यही चिह्न प्रयुक्त होते हैं – " " और ' '

उद्धरण चिह्न की परिभाषा – “जिन चिह्नों के भीतर किसी के कहे या लिखे शब्दों को रखा जाता है – वे उद्धरण चिह्न कहलाते हैं।”

उदाहरण –
  • “राम ने कहा – मैं आऊँगा।”
  • “सीता ने पूछा – तुम कहाँ जा रहे हो?
  • “शिक्षक ने कहा – ध्यान से पढ़ो।”

उद्धरण चिह्न क्यों ज़रूरी हैं? – ये लेखन को स्पष्ट, प्रामाणिक और संदर्भ-युक्त बनाते हैं – खासकर संवाद, कहानी, भाषण, या किसी की बात उद्धृत करते समय। बिना उद्धरण चिह्नों के यह समझना मुश्किल होता है कि किसने क्या कहा – और क्या लेखक के अपने शब्द हैं या किसी और के। कक्षा 7-8 में संवाद लेखन, कहानी लेखन और वार्तालाप से संबंधित अभ्यास बढ़ जाते हैं – इसलिए उद्धरण चिह्नों का सही ज्ञान बहुत ज़रूरी है।

2. उद्धरण चिह्नों के प्रकार – एकल और द्विगुणित

उद्धरण चिह्न मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:

प्रकार चिह्न प्रयोग उदाहरण
द्विगुणित (Double Quotes) “ ” सामान्य उद्धरण – किसी के कहे शब्द “राम ने कहा – “मैं आऊँगा।””
एकल (Single Quotes) ‘ ’ उद्धरण के भीतर उद्धरण – या विशेष शब्द “उसने कहा – ‘राम ने कहा, “मैं आऊँगा।”’”

एकल उद्धरण चिह्न का प्रयोग – जब हम किसी उद्धरण के भीतर दूसरा उद्धरण देना चाहते हैं – तो बाहर “ ” और भीतर ‘ ’ का प्रयोग करते हैं – या इसके विपरीत। हिंदी में अक्सर “ ” का ही प्रयोग होता है – पर कुछ प्रकाशनों में ‘ ’ भी देखने को मिलते हैं।

ध्यान दें – हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों में उद्धरण चिह्नों का प्रयोग लगभग एक जैसा है – पर हिंदी में “ ” अधिक प्रचलित है – जबकि अंग्रेज़ी में " " – दोनों का अर्थ एक है।

3. उद्धरण चिह्नों के सही प्रयोग के नियम

उद्धरण चिह्नों के सही प्रयोग के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं –

  • नियम 1 – किसी के कहे गए शब्दों के आस-पास “ ” लगाएँ: “राम ने कहा – मैं कल आऊँगा।”
  • नियम 2 – उद्धरण के भीतर अन्य विराम चिह्न उद्धरण के भीतर ही रखें: “राम ने पूछा – तुम कहाँ जा रहे हो?” – यहाँ ? भी “ ” के भीतर है।
  • नियम 3 – उद्धरण के बाहर अन्य विराम चिह्न लग सकते हैं: “राम ने कहा – “मैं आऊँगा” ” – पूर्ण विराम उद्धरण के बाहर।
  • नियम 4 – उद्धरण के भीतर उद्धरण के लिए एकल ‘ ’ का प्रयोग: “उसने कहा – राम ने कहा, मैं आऊँगा
  • नियम 5 – उद्धरण में वाक्य का पहला अक्षर बड़ा (Capital) नहीं होता – जब तक कि वह पूरा वाक्य न हो: “राम ने कहा – “ैं आऊँगा।” – यहाँ 'म' बड़ा नहीं – क्योंकि यह पूरा वाक्य है तो बड़ा हो सकता है – पर हिंदी में बड़े-छोटे अक्षर का इतना महत्व नहीं है – पर अंग्रेज़ी में बहुत ध्यान देना चाहिए।

4. संवाद लेखन में उद्धरण चिह्नों का महत्व

संवाद लेखन (Dialogue Writing) में उद्धरण चिह्नों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है –

  • संवाद की पहचान – उद्धरण चिह्न बताते हैं कि यह किसी पात्र के शब्द हैं – लेखक के नहीं।
  • पात्रों को अलग करना – जब दो या अधिक पात्र बात कर रहे हों – तो उद्धरण चिह्न प्रत्येक के संवाद को अलग करते हैं।
  • भावना दिखाना – उद्धरण के भीतर प्रश्नवाचक, विस्मयादिबोधक, या अन्य चिह्न भावना को स्पष्ट करते हैं।
उदाहरण –
  • “राम ने कहा – मुझे भूख लगी है।
  • “सीता ने पूछा – क्या तुमने खाना खाया?
  • “राम ने उत्तर दिया – नहीं, अभी नहीं खाया!

5. उद्धरण चिह्न और अन्य विराम चिह्नों के साथ समन्वय

उद्धरण चिह्न अकेले नहीं – बल्कि अन्य विराम चिह्नों के साथ आते हैं – उनका सही समन्वय समझना ज़रूरी है:

  • उद्धरण + पूर्ण विराम (।) – “राम ने कहा – “मैं आऊँगा” ” – पूर्ण विराम उद्धरण के बाहर – यदि उद्धरण स्वयं पूरा वाक्य है तो पूर्ण विराम भीतर – “राम ने कहा – “मैं आऊँगा”” – दोनों तरीके चलते हैं – पर हिंदी में अधिकतर उद्धरण के भीतर ही पूर्ण विराम देते हैं।
  • उद्धरण + अल्पविराम (,) – “राम ने कहा , “मैं आऊँगा।”” – अल्पविराम उद्धरण से पहले – क्योंकि वह कहने की क्रिया को जोड़ रहा है।
  • उद्धरण + प्रश्नवाचक (?) – “राम ने पूछा – “क्या तुम आओगे?”” – ? उद्धरण के भीतर – क्योंकि वह प्रश्न का हिस्सा है।
  • उद्धरण + विस्मयादिबोधक (!) – “राम ने कहा – “वाह!”” – ! उद्धरण के भीतर – क्योंकि वह भावना का हिस्सा है।

6. आम गलतियाँ और याद रखने की ट्रिक्स

उद्धरण चिह्नों से जुड़ी आम गलतियाँ और उनसे बचने के उपाय:

  • गलती – उद्धरण चिह्न लगाना भूल जाना: “राम ने कहा, मैं आऊँगा।” (गलत) → “राम ने कहा, “मैं आऊँगा।”” (सही)
  • गलती – उद्धरण के भीतर प्रश्नवाचक न लगाना: “राम ने पूछा, “क्या तुम आओगे”” (गलत) → “राम ने पूछा, “क्या तुम आओगे?”” (सही)
  • गलती – उद्धरण के बाहर विराम चिह्न लगाना: “राम ने कहा “मैं आऊँगा”।” – यह भी चलता है – पर “राम ने कहा, “मैं आऊँगा।”” – अधिक सही – क्योंकि 'कहा' के बाद अल्पविराम आना चाहिए और उद्धरण में पूर्ण विराम।
याद रखने की ट्रिक – उद्धरण चिह्न “ ” – ये बोलने वाले के मुँह की तरह हैं – जो भी इनके अंदर है – वह किसी ने कहा है – बाकी सब लेखक ने लिखा है।


हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “राम ने कहा, मैं आऊँगा।” – सही उद्धरण चिह्न लगाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “राम ने कहा, “मैं आऊँगा।”” – 'कहा' के बाद अल्पविराम – और उद्धरण चिह्नों में राम के शब्द।
उदाहरण 2
प्रश्न: “सीता ने पूछा, क्या तुम आओगे” – सही विराम चिह्न लगाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “सीता ने पूछा, “क्या तुम आओगे?”” – अल्पविराम, उद्धरण, और प्रश्नवाचक – सभी सही स्थान पर।
उदाहरण 3
प्रश्न: “शिक्षक ने कहा, ध्यान से पढ़ो” – सही रूप लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: “शिक्षक ने कहा, “ध्यान से पढ़ो।”” – उद्धरण चिह्नों में शिक्षक के शब्द – अंत में पूर्ण विराम।
उदाहरण 4
प्रश्न: “राम ने कहा, वाह! कितना सुंदर है” – सही विराम लगाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “राम ने कहा, “वाह! कितना सुंदर है!”” – उद्धरण, विस्मयादिबोधक – भावना के साथ।
उदाहरण 5
प्रश्न: “उसने कहा, राम ने कहा, मैं आऊँगा” – उद्धरण के भीतर उद्धरण कैसे लिखें?
उत्तर देखें
उत्तर: “उसने कहा, “राम ने कहा, ‘मैं आऊँगा।’”” – बाहर “ ”, भीतर ‘ ’ – यह सही रूप है।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“मोहन ने कहा, मैं कल आऊँगा” – सही उद्धरण चिह्न लगाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “मोहन ने कहा, “मैं कल आऊँगा।””
प्रश्न 2
“सीता ने पूछा, तुम क्यों रो रहे हो” – सही विराम लगाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “सीता ने पूछा, “तुम क्यों रो रहे हो?””
प्रश्न 3
“राम ने कहा, अरे! कितना अच्छा है” – सही रूप लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: “राम ने कहा, “अरे! कितना अच्छा है!””
प्रश्न 4
“शिक्षक ने कहा, ध्यान से सुनो” – उद्धरण चिह्न लगाएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: “शिक्षक ने कहा, “ध्यान से सुनो।””
प्रश्न 5
“उसने कहा, राम ने कहा, मैं जाऊँगा” – उद्धरण के भीतर उद्धरण कैसे लिखें?
उत्तर देखें
उत्तर: “उसने कहा, “राम ने कहा, ‘मैं जाऊँगा।’””

उद्धरण चिह्न – आपके लेखन को प्रामाणिक और स्पष्ट बनाने का साधन

उद्धरण चिह्न लेखन की ईमानदारी हैं – ये बताते हैं कि कौन से शब्द लेखक के हैं और कौन से किसी और के – ये संवाद, कहानी, भाषण और रिपोर्ट – हर जगह महत्वपूर्ण हैं। 'राम ने कहा कि मैं आऊँगा' – यह अस्पष्ट है – क्या 'मैं' राम है? – और 'राम ने कहा, “मैं आऊँगा”' – यह स्पष्ट है – 'मैं' राम है – और ये उसके शब्द हैं। इस पोस्ट में हमने  विराम चिह्न और  प्रश्नवाचक और विस्मयादिबोधक के साथ उद्धरण चिह्नों की पूरी समझ दी है – अब आप किसी भी वाक्य में सही स्थान पर उद्धरण चिह्न लगा सकते हैं।

याद रखें – जितना अधिक आप संवाद और कहानियाँ पढ़ेंगे – उतनी ही अच्छी आपकी उद्धरण चिह्नों की समझ होगी। अपने लेखन में उद्धरणों का अभ्यास करें – और देखें कि वे आपके वाक्यों को कितना स्पष्ट, प्रामाणिक और प्रभावशाली बनाते हैं – यह कौशल आपके पूरे जीवन काम आएगा।

📝 उद्धरण चिह्न अभ्यास – कक्षा 7-8

इस वर्कशीट में 25 वाक्य दिए गए हैं – जिनमें आपको सही स्थान पर उद्धरण चिह्न (“ ”) लगाने हैं – साथ ही उद्धरणों के भीतर अन्य विराम चिह्न (?, !, ., ,) का सही समन्वय दिखाना है और उद्धरण के भीतर उद्धरण के अभ्यास भी हैं। अंत में उत्तर कुंजी से अपनी जाँच कर सकते हैं।

📖 वर्कशीट खोलें »

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