कारतूस – हबीब तनवीर (स्पर्श) – वज़ीर अली की वीरता, साहस और अंग्रेज़ों को चुनौती देने का नाटकीय चित्रण | कक्षा 10 | GPN
📌 अनुक्रमणिका
- 1. परिचय
- 2. पाठ प्रवेश
- 3. सारांश
- 4. पात्र परिचय
- 5. शब्दार्थ
- 6. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
- 7. लघु उत्तरीय प्रश्न (25-30 शब्द)
- 8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (50-60 शब्द)
- 9. आशय स्पष्ट कीजिए
- 10. परीक्षा दृष्टि बिंदु
- 11. उत्तर लेखन मार्गदर्शन
- 12. हब लिंक
1. परिचय
📝 लेखक परिचय
हबीब तनवीर का जन्म 1923 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ था। 1944 में नागपुर से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद ब्रिटेन की नाटक अकादमी से नाट्य-लेखन का अध्ययन करने गए और फिर दिल्ली लौटकर पेशेवर नाट्यमंच की स्थापना की। वे नाटककार, कवि, पत्रकार, नाट्य निर्देशक, अभिनेता जैसे कई रूपों में ख्याति प्राप्त हुए। उन्होंने लोकनाट्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया। उनके प्रमुख नाटक हैं – 'आगरा बाजार', 'चरनदास चोर', 'देख रहे हैं नैन', 'हिरमा की अमर कहानी'। उन्होंने 'बसंत ऋतु का सपना', 'शाजापुर की शांति बाई', 'मिट्टी की गाड़ी' और 'मुद्राराक्षस' नाटकों का आधुनिक रूपांतर भी किया। उन्हें पद्मश्री सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
2. पाठ प्रवेश
अंग्रेज इस देश में व्यापारी के भेष में आए थे। शुरू में व्यापार ही करते रहे, लेकिन उनके इरादे केवल व्यापार करने के नहीं थे। धीरे-धीरे उनकी ईस्ट इंडिया कंपनी ने रियासतों पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। उनकी नीयत उजागर होते ही अंग्रेजों को हिंदुस्तान से खदेड़ने के प्रयास भी शुरू हो गए।
प्रस्तुत पाठ में एक ऐसे ही जाँबाज के कारनामों का वर्णन है जिसका एकमात्र लक्ष्य था अंग्रेजों को इस देश से बाहर करना। कंपनी के हुक्मरानों की नींद हराम कर देने वाला यह दिलेर इतना निडर था कि शेर की माँद में पहुँचकर उससे दो-दो हाथ करने की मानिंद कंपनी की बटालियन के खेमे में ही नहीं आ पहुँचा, बल्कि उनके कर्नल पर ऐसा रौब गालिब किया कि उसके मुँह से भी वे शब्द निकले जो किसी शत्रु या अपराधी के लिए तो नहीं ही बोले जा सकते थे।
3. सारांश
यह एकांकी सन् 1799 की पृष्ठभूमि पर लिखा गया है। गोरखपुर के जंगल में कर्नल कालिंज ने वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए खेमा लगा रखा है। कर्नल और लेफ्टिनेंट वज़ीर अली के कारनामों की चर्चा कर रहे हैं। वज़ीर अली अवध के नवाब आसिफउद्दौला का पुत्र था। पाँच महीने की हुकूमत में उसने अवध के दरबार से अंग्रेजी प्रभाव को लगभग समाप्त कर दिया था। उसके चाचा सआदत अली ने अंग्रेजों से मिलकर उसे गद्दी से हटवा दिया। अंग्रेजों ने उसे बनारस भेज दिया और तीन लाख रुपये सालाना वजीफा नियत किया। गवर्नर जनरल द्वारा बार-बार कलकत्ता बुलाए जाने पर उसने कंपनी के वकील से शिकायत की। वकील ने उसकी शिकायत को नज़रअंदाज कर उसे बुरा-भला कहा। वज़ीर अली ने गुस्से में उसकी हत्या कर दी और अपने साथियों के साथ जंगलों में छिप गया।
एक दिन एक सवार कर्नल के खेमे में आता है और कारतूस माँगता है। कर्नल उसे दस कारतूस दे देता है। जब वह जाने लगता है, कर्नल उसका नाम पूछता है। सवार अपना नाम वज़ीर अली बताता है और कहता है कि कारतूस देने के कारण वह कर्नल की जान बख्श रहा है। यह जानकर कर्नल हक्का-बक्का रह जाता है।
4. पात्र परिचय
🎭 वज़ीर अली (सवार)
स्वभाव: अत्यंत साहसी, जाँबाज, निडर, देशभक्त, अंग्रेजों से गहरी नफरत रखने वाला, बुद्धिमान, चतुर।
भूमिका: अवध के पूर्व नवाब, अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले योद्धा। सवार के वेश में कर्नल के खेमे में घुसकर कारतूस प्राप्त करते हैं।
प्रमुख विशेषताएँ: पाँच महीने की हुकूमत में अवध से अंग्रेजी प्रभाव समाप्त कर दिया, कंपनी के वकील की हत्या की, वर्षों तक अंग्रेजों की पूरी फौज को चकमा देते रहे, शेर की माँद में घुसकर दुश्मन से दो-दो हाथ करने की हिम्मत रखने वाले।
परीक्षा उपयोगी बिंदु: सवार के रूप में कर्नल से मिलना, कारतूस प्राप्त करना, अपना नाम बताकर कर्नल को चकित कर देना, रॉबिनहुड से तुलना, अंग्रेजों के खिलाफ नफरत का कारण।
🎭 कर्नल कालिंज
स्वभाव: अनुभवी सैन्य अधिकारी, वज़ीर अली की वीरता का सम्मान करने वाला, व्यावहारिक।
भूमिका: अंग्रेजी सेना का कर्नल, वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए जंगल में खेमा लगाए हुए।
प्रमुख विशेषताएँ: वज़ीर अली के कारनामों की प्रशंसा करता है, उसकी तुलना रॉबिनहुड से करता है, सआदत अली को अवध का नवाब बनाने की साजिश का खुलासा करता है, सवार को पहचान नहीं पाता।
🎭 सआदत अली
स्वभाव: लोभी, ऐशपसंद, अंग्रेजों का पिट्ठू, स्वार्थी, विश्वासघाती।
भूमिका: वज़ीर अली का चाचा, जिसने अंग्रेजों की मदद से अवध का तख्त हथिया लिया।
प्रमुख विशेषताएँ: वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत समझता था, अंग्रेजों को आधी जायदाद और दस लाख रुपये देकर गद्दी हासिल की।
5. शब्दार्थ
6. बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)
1. 'कारतूस' एकांकी के रचनाकार कौन हैं?
✅ (A) हबीब तनवीर
⚫ (B) प्रह्लाद अग्रवाल
⚫ (C) रवींद्र केलेकर
⚫ (D) निदा फ़ाज़ली
2. हबीब तनवीर का जन्म कहाँ हुआ था?
✅ (A) रायपुर, छत्तीसगढ़
⚫ (B) जबलपुर, मध्य प्रदेश
⚫ (C) दिल्ली
⚫ (D) कोलकाता
3. कर्नल कालिंज का खेमा जंगल में क्यों लगा हुआ था?
✅ (A) वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए
⚫ (B) शिकार खेलने के लिए
⚫ (C) जंगल का नक्शा बनाने के लिए
⚫ (D) सैन्य अभ्यास के लिए
4. वज़ीर अली के अफसाने सुनकर कर्नल को किसकी याद आती थी?
✅ (A) रॉबिनहुड की
⚫ (B) शेरशाह सूरी की
⚫ (C) महाराणा प्रताप की
⚫ (D) शिवाजी की
5. वज़ीर अली ने कितने महीने अवध की हुकूमत की?
✅ (A) पाँच महीने
⚫ (B) तीन महीने
⚫ (C) एक साल
⚫ (D) दो साल
6. सआदत अली वज़ीर अली का कौन लगता था?
✅ (A) चाचा
⚫ (B) भाई
⚫ (C) पिता
⚫ (D) मामा
7. सआदत अली ने अंग्रेजों को कितनी धनराशि दी?
✅ (A) दस लाख रुपये
⚫ (B) पाँच लाख रुपये
⚫ (C) बीस लाख रुपये
⚫ (D) एक करोड़ रुपये
8. वज़ीर अली ने कंपनी के किस अधिकारी की हत्या की?
✅ (A) वकील की
⚫ (B) कर्नल की
⚫ (C) गवर्नर की
⚫ (D) लेफ्टिनेंट की
9. सवार ने कर्नल से कितने कारतूस माँगे?
✅ (A) दस
⚫ (B) पाँच
⚫ (C) बीस
⚫ (D) एक
10. एकांकी के अंत में सवार अपना नाम क्या बताता है?
✅ (A) वज़ीर अली
⚫ (B) सआदत अली
⚫ (C) आसिफउद्दौला
⚫ (D) शाहे-ज़मा
7. लघु उत्तरीय प्रश्न (25-30 शब्द)
प्रश्न 1: वज़ीर अली के अफसाने सुनकर कर्नल को रॉबिनहुड की याद क्यों आती थी?
वज़ीर अली भी रॉबिनहुड की तरह साहसी, निडर और बहादुर था। वह दुश्मनों को चकमा देकर भागने में माहिर था। उसके कारनामे रॉबिनहुड के कारनामों की याद दिलाते थे।
प्रश्न 2: सआदत अली कौन था और उसने वज़ीर अली की पैदाइश को अपनी मौत क्यों समझा?
सआदत अली वज़ीर अली का चाचा था। उसने अंग्रेजों की मदद से अवध का तख्त हथिया लिया था। वह डरता था कि वज़ीर अली बड़ा होकर अपने पिता का बदला लेगा।
प्रश्न 3: सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने के पीछे कर्नल का क्या मकसद था?
सआदत अली ऐशपसंद और अंग्रेजों का पिट्ठू था। उसने अंग्रेजों को आधी जायदाद और दस लाख रुपये दिए। इससे अंग्रेजों को अवध की संपत्ति पर आसानी से कब्जा करने में मदद मिली।
प्रश्न 4: कंपनी के वकील का कत्ल करने के बाद वज़ीर अली ने अपनी हिफाजत कैसे की?
वज़ीर अली अपने साथियों के साथ आजमगढ़ भाग गया। वहाँ के हुक्मरानों ने उसे अपनी हिफाजत में घाघरा तक पहुँचा दिया। फिर वह अपने साथियों के साथ गोरखपुर के जंगलों में छिप गया।
प्रश्न 5: सवार के जाने के बाद कर्नल हक्का-बक्का क्यों रह गया?
सवार ने जाते समय अपना नाम वज़ीर अली बताया। जिस वज़ीर अली को पकड़ने के लिए कर्नल महीनों से जंगल में खेमा डाले हुए था, वही उसके सामने आकर कारतूस ले गया। इस साहस और चतुराई ने कर्नल को चकित कर दिया।
प्रश्न 6: लेफ्टिनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?
कर्नल ने लेफ्टिनेंट को बताया कि वज़ीर अली के अलावा टीपू सुल्तान, शमसुद्दौला और अफगानिस्तान के बादशाह शाहे-ज़मा भी अंग्रेजों के खिलाफ थे। इससे लेफ्टिनेंट को लगा कि पूरे हिंदुस्तान में अंग्रेजों के विरोध की लहर दौड़ गई है।
प्रश्न 7: वज़ीर अली की स्कीम क्या थी?
वज़ीर अली किसी तरह नेपाल पहुँचना चाहता था। वहाँ से अफगानी हमले का इंतजार करके अपनी ताकत बढ़ाना चाहता था, फिर सआदत अली को हटाकर अवध पर कब्जा करना और अंग्रेजों को भारत से निकाल देना चाहता था।
प्रश्न 8: एकांकी में 'मुट्ठी भर आदमी मगर ये दमखम' किसके लिए कहा गया है?
यह कथन वज़ीर अली और उसके साथियों के लिए कहा गया है। थोड़े से सैनिकों के साथ रहते हुए भी वज़ीर अली अंग्रेजों की पूरी फौज को चकमा दे रहा था। उसका साहस और ताकत अद्भुत थी।
प्रश्न 9: वज़ीर अली ने कंपनी के वकील को क्यों मार डाला?
वकील ने वज़ीर अली की शिकायत को अनसुना कर दिया और उसे बुरा-भला कहा। वज़ीर अली के मन में पहले से ही अंग्रेजों के खिलाफ नफरत थी। इस अपमान से क्रोधित होकर उसने वकील की हत्या कर दी।
प्रश्न 10: कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए क्यों कहा?
कर्नल ने सवार पर नज़र रखने के लिए इसलिए कहा ताकि पता लग सके कि वह किस दिशा में जा रहा है। उसे लगा कि सवार वज़ीर अली का आदमी हो सकता है, जिससे वज़ीर अली का पता चल सकता है।
8. दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (50-60 शब्द)
प्रश्न 1: वज़ीर अली एक जाँबाज सिपाही था – कैसे? स्पष्ट कीजिए।
वज़ीर अली जाँबाज सिपाही था क्योंकि उसने अंग्रेजों के खिलाफ अकेले दम पर संघर्ष किया। उसने कंपनी के वकील की हत्या की, अंग्रेजों की पूरी फौज को वर्षों तक चकमा दिया, और अंत में स्वयं सवार बनकर कर्नल के खेमे में घुस गया और कारतूस ले गया। उसने अपनी जान की परवाह किए बिना देश के लिए संघर्ष किया।
प्रश्न 2: वज़ीर अली के बारे में कर्नल ने लेफ्टिनेंट को क्या जानकारी दी?
कर्नल ने बताया कि वज़ीर अली अवध के नवाब आसिफउद्दौला का पुत्र था। उसने पाँच महीने की हुकूमत में अवध से अंग्रेजी प्रभाव समाप्त कर दिया था। उसके चाचा सआदत अली ने अंग्रेजों से मिलकर उसे गद्दी से हटवाया। उसने कंपनी के वकील की हत्या की और वर्षों से अंग्रेजों की आँखों में धूल झोंक रहा है।
प्रश्न 3: 'कारतूस' एकांकी के माध्यम से हबीब तनवीर ने क्या संदेश दिया है?
हबीब तनवीर ने इस एकांकी के माध्यम से देशभक्ति, साहस और स्वाभिमान का संदेश दिया है। वज़ीर अली जैसे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के खिलाफ अकेले दम पर संघर्ष किया। यह एकांकी हमें सिखाती है कि सच्चा योद्धा वह है जो शत्रु की आँखों में आँखें डालकर उसका सामना करे और अपने देश की स्वतंत्रता के लिए हर जोखिम उठाने को तैयार रहे।
प्रश्न 4: 'कारतूस' एकांकी में सआदत अली के विश्वासघात का वर्णन कीजिए।
सआदत अली वज़ीर अली का चाचा था। अवध के तख्त पर बने रहने के लिए उसने अंग्रेजों के साथ विश्वासघात किया। उसने अंग्रेजों को आधी जायदाद और दस लाख रुपये दिए। वह ऐशपसंद था और अंग्रेजों का पिट्ठू बन गया। उसने अपने भतीजे वज़ीर अली को गद्दी से हटवाकर अंग्रेजों से गद्दी हासिल की।
प्रश्न 5: 'कारतूस' एकांकी में वज़ीर अली ने किस प्रकार कारतूस हासिल किए?
वज़ीर अली ने सवार का वेश धारण किया। वह अकेले ही कर्नल के खेमे में पहुँचा और उससे मिलने की इजाजत माँगी। उसने कर्नल से कारतूस माँगे और कहा कि वह वज़ीर अली को पकड़ना चाहता है। कर्नल ने उसे दस कारतूस दे दिए। जाते समय उसने अपना नाम वज़ीर अली बताकर कर्नल को चकित कर दिया।
9. आशय स्पष्ट कीजिए
1. "मुट्ठी भर आदमी मगर ये दमखम।"
यह कथन वज़ीर अली और उसके साथियों की वीरता को दर्शाता है। थोड़े से सैनिकों के साथ रहते हुए भी वज़ीर अली ने अंग्रेजों की पूरी फौज को वर्षों तक चकमा दिया। उनके पास संख्या कम थी, लेकिन उनमें साहस, चतुराई और दृढ़ता भरपूर थी।
2. "गदा तो ऐसे उड़ रही है जैसे कि पूरा एक काफिला चला आ रहा हो मगर मुझे तो एक ही सवार नजर आता है।"
यह कथन उस सवार (वज़ीर अली) के साहस और प्रभाव को दर्शाता है। उसके घोड़े की रफ्तार इतनी तेज थी कि दूर से देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे पूरा काफिला आ रहा हो। यह वज़ीर अली के व्यक्तित्व की महानता और उसके आत्मविश्वास को दिखाता है।
10. परीक्षा दृष्टि बिंदु
📊 बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न
- वज़ीर अली की तुलना रॉबिनहुड से क्यों की गई?
- सआदत अली को अवध के तख्त पर बिठाने का कारण और अंग्रेजों का मकसद
- वज़ीर अली ने कंपनी के वकील का कत्ल क्यों किया?
- वज़ीर अली की स्कीम (योजना) क्या थी?
- 'मुट्ठी भर आदमी मगर ये दमखम' का आशय
- सवार के जाने के बाद कर्नल हक्का-बक्का क्यों रह गया?
- लेफ्टिनेंट को ऐसा क्यों लगा कि कंपनी के खिलाफ सारे हिंदुस्तान में एक लहर दौड़ गई है?
- वज़ीर अली ने किस प्रकार कारतूस हासिल किए?
- हबीब तनवीर का जीवन परिचय और प्रमुख नाटक
- एकांकी का केंद्रीय संदेश
💡 याद रखने योग्य तथ्य
- लेखक: हबीब तनवीर (जन्म 1923, रायपुर)
- प्रमुख नाटक: 'आगरा बाजार', 'चरनदास चोर', 'देख रहे हैं नैन', 'हिरमा की अमर कहानी'
- एकांकी की पृष्ठभूमि: सन् 1799, अवध, गोरखपुर के जंगल
- मुख्य पात्र: कर्नल कालिंज, लेफ्टिनेंट, सिपाही, सवार (वज़ीर अली)
- वज़ीर अली: अवध के पूर्व नवाब, आसिफउद्दौला के पुत्र
- सआदत अली: वज़ीर अली का चाचा, अंग्रेजों का पिट्ठू
- महत्वपूर्ण घटनाएँ: पाँच महीने की हुकूमत, वकील की हत्या, जंगलों में छिपना, सवार बनकर कारतूस लेना
📌 महत्वपूर्ण उद्धरण
"उसके अफसाने सुन के रॉबिनहुड के कारनामे याद आ जाते हैं।"
"मुट्ठी भर आदमी मगर ये दमखम।"
"सवार – वज़ीर अली को गिरफ्तार करने के लिए।"
"कर्नल – ये लो दस कारतूस।"
"आपने मुझे कारतूस दिए, इसलिए आपकी जान बख्शता हूँ।"
11. उत्तर लेखन मार्गदर्शन
📝 इस अध्याय के लिए विशेष टिप्स
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: यह एकांकी 1799 की पृष्ठभूमि पर आधारित है। अंग्रेजों ने सआदत अली को अवध का नवाब बनाकर वज़ीर अली को हटा दिया था। उत्तर में इस ऐतिहासिक संदर्भ का उल्लेख करें।
वज़ीर अली का साहस: वह अकेले ही अंग्रेजों के खेमे में घुस गया, कारतूस ले गया और अपना नाम बताकर चला गया। उसकी बहादुरी, चतुराई और आत्मविश्वास पर जोर दें।
रॉबिनहुड से तुलना: वज़ीर अली और रॉबिनहुड दोनों साहसी, निडर और दुश्मनों को चकमा देने में माहिर थे। यह तुलना वज़ीर अली की वीरता को उजागर करती है।
सवार का रहस्य: सवार के रूप में वज़ीर अली का आना एकांकी का चरम बिंदु है। उत्तर में इसकी चतुराई और साहस को स्पष्ट करें।
12. हब लिंक
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