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संधि विच्छेद (Sandhi Vichhed) | Hindi Grammar | GPN

संधि विच्छेद

भाषा का वह विश्लेषणात्मक कौशल है जो संधि-बद्ध शब्दों को उनके मूल रूपों में विभाजित करता है। जब "नमस्ते" को "नमः + ते" में तोड़ते हैं तो भाषा की संरचना के रहस्य उजागर होते हैं - यह कोई साधारण विभाजन नहीं, बल्कि भाषा की आणविक संरचना को समझने की कुंजी है। कक्षा 8-9 के विद्यार्थियों के लिए यह विषय भाषा-विश्लेषण की कला में महारत हासिल करने का अंतिम चरण है।

✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 8–9 (प्रारंभिक स्तर) | कक्षा 10–12 (मध्यम स्तर) | उच्च शिक्षा (उन्नत स्तर)


1. संधि विच्छेद का वैज्ञानिक परिचय

संधि विच्छेद को भाषा का "आणविक विखंडन" कहा जा सकता है। जैसे रसायनशास्त्र में यौगिकों को उनके मूल तत्वों में विभाजित किया जाता है, वैसे ही संधि विच्छेद में संधि-बद्ध शब्दों को उनके मूल शब्दों में विभाजित किया जाता है। "महात्मा" को "महा + आत्मा" में तोड़ना, "सच्चिदानंद" को "सत् + चित् + आनंद" में विभाजित करना - यह कोई साधारण कार्य नहीं, बल्कि भाषा की आंतरिक संरचना को समझने का वैज्ञानिक तरीका है। यह भाषा-विश्लेषण की उच्चतम कला है।

कल्पना कीजिए, आपके सामने एक सुंदर मोज़ेक है। संधि विच्छेद वह कौशल है जो इस मोज़ेक के प्रत्येक टुकड़े को अलग करके दिखाता है। "देवालय" एक सुंदर मोज़ेक है, लेकिन जब हम इसे "देव + आलय" में तोड़ते हैं तो समझते हैं कि यह दो सुंदर टुकड़ों से मिलकर बना है। "इत्यादि" को "इति + आदि" में विभाजित करने पर पता चलता है कि यह दो सरल शब्दों का मेल है। कक्षा 8-9 में हम इसी विश्लेषण कौशल को सीखेंगे - कैसे किसी संधि-बद्ध शब्द को उसके मूल घटकों में विभाजित किया जाता है।

2. संधि विच्छेद की वैज्ञानिक परिभाषा

परिभाषा: संधि विच्छेद वह व्याकरणिक प्रक्रिया है जिसमें किसी संधि-बद्ध शब्द को उसके मूल शब्दों या ध्वनियों में विभाजित किया जाता है। यह प्रक्रिया संधि के विपरीत कार्य करती है और संधि के नियमों के व्युत्क्रम का प्रयोग करती है। इसके द्वारा शब्द की मूल संरचना और उत्पत्ति को समझा जा सकता है।

3. संधि विच्छेद की विशेष पहचान

संधि विच्छेद को समझना और करना संधि से अधिक चुनौतीपूर्ण है क्योंकि इसमें पहले से बने शब्द को तोड़ना होता है। नीचे दिए बिंदु आपको बताएँगे कि कैसे संधि विच्छेद को सही ढंग से किया जाता है।

  • संधि का विपरीत: संधि विच्छेद संधि की विपरीत प्रक्रिया है।
  • नियमों का व्युत्क्रम: इसमें संधि नियमों के व्युत्क्रम का प्रयोग होता है।
  • मूल रूप पहचान: संधि-बद्ध शब्द के मूल रूपों की पहचान आवश्यक है।
  • ध्वनि विश्लेषण: शब्द का ध्वनि विश्लेषण करके संधि का प्रकार पहचानना होता है।
  • तर्कसंगत विभाजन: विच्छेद तर्कसंगत और नियमबद्ध होना चाहिए।

4. संधि विच्छेद के प्रमुख प्रकार

संधि विच्छेद के प्रकार संधि के प्रकारों पर ही आधारित होते हैं। जिस प्रकार की संधि हुई है, उसी के अनुसार विच्छेद किया जाता है। यह वर्गीकरण आपको समझने में मदद करेगा कि किस प्रकार की संधि का विच्छेद कैसे किया जाता है।

क्रम विच्छेद प्रकार संधि प्रकार विच्छेद विधि उदाहरण
1 स्वर संधि विच्छेद स्वर संधि दीर्घ/गुण/वृद्धि संधि का उल्टा देवालय → देव + आलय
2 व्यंजन संधि विच्छेद व्यंजन संधि श्चुत्व/ष्टुत्व/जश्त्व संधि का उल्टा तन्मय → तत् + मय
3 विसर्ग संधि विच्छेद विसर्ग संधि विसर्ग परिवर्तन का उल्टा नमस्ते → नमः + ते
4 मिश्रित संधि विच्छेद मिश्रित संधि एक से अधिक संधियों का उल्टा सच्चिदानंद → सत् + चित् + आनंद

5. संधि विच्छेद के प्रकारानुसार उदाहरण

नीचे प्रत्येक प्रकार के संधि विच्छेद के स्पष्ट उदाहरण दिए गए हैं। ये उदाहरण कक्षा 8-9 के स्तर के अनुरूप हैं और परीक्षा में भी इसी प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं।

1. स्वर संधि विच्छेद के उदाहरण:
• देवालय → देव + आलय (दीर्घ संधि का विच्छेद)
• महात्मा → महा + आत्मा (दीर्घ संधि का विच्छेद)
• इत्यादि → इति + आदि (यण संधि का विच्छेद)
• एकैक → एक + एक (वृद्धि संधि का विच्छेद)
• नयन → ने + अन (अयादि संधि का विच्छेद)

2. व्यंजन संधि विच्छेद के उदाहरण:
• तन्मय → तत् + मय (अनुनासिक संधि का विच्छेद)
• उच्छेद → उत् + छेद (ष्टुत्व संधि का विच्छेद)
• तच्च → तत् + च (श्चुत्व संधि का विच्छेद)
• वाक्सु → वाक् + सु (जश्त्व संधि का विच्छेद)
• सच्चिदानंद → सत् + चित् + आनंद (श्चुत्व संधि का विच्छेद)

3. विसर्ग संधि विच्छेद के उदाहरण:
• नमस्ते → नमः + ते (विसर्ग संधि का विच्छेद)
• निष्कपट → निः + कपट (विसर्ग → स संधि का विच्छेद)
• पुनरावर्तन → पुनः + आवर्तन (विसर्ग → र संधि का विच्छेद)
• मनोद्धार → मनः + उद्धार (विसर्ग → ओ संधि का विच्छेद)
• तेजोज्ज्वल → तेजः + उज्ज्वल (विसर्ग → ओ संधि का विच्छेद)

6. संधि विच्छेद की व्यावहारिक विधि

संधि विच्छेद का सही प्रयोग जानना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भाषा की संरचना को समझने में मदद करता है। संधि विच्छेद करते समय ध्यान रखें कि यह तर्कसंगत और नियमबद्ध हो।

विच्छेद की चार-चरणीय विधि:
1. संधि पहचान: सबसे पहले पहचानें कि शब्द में किस प्रकार की संधि है।
2. ध्वनि विश्लेषण: शब्द की ध्वनियों का विश्लेषण करें और संधि-स्थान पहचानें।
3. नियम अनुप्रयोग: संधि के व्युत्क्रम नियम लागू करें।
4. मूल रूप निर्धारण: मूल शब्दों के सही रूप निर्धारित करें।

व्यावहारिक उदाहरण: "नमस्ते" का विच्छेद
1. संधि पहचान: विसर्ग संधि
2. ध्वनि विश्लेषण: न + म + स् + त् + ए
3. नियम अनुप्रयोग: स्ते → ः ते (विसर्ग संधि का व्युत्क्रम)
4. मूल रूप: नमः + ते
परिणाम: नमस्ते → नमः + ते

वाक्यों में विच्छेद प्रयोग:
1. देवालय का विच्छेद है: देव + आलय
2. महात्मा का विच्छेद है: महा + आत्मा
3. नमस्ते का विच्छेद है: नमः + ते
4. तन्मय का विच्छेद है: तत् + मय
5. इत्यादि का विच्छेद है: इति + आदि
6. सच्चिदानंद का विच्छेद है: सत् + चित् + आनंद
7. निष्कपट का विच्छेद है: निः + कपट

7. संधि विच्छेद में सामान्य गलतियाँ एवं सावधानियाँ

कक्षा 8-9 के छात्र संधि विच्छेद सीखते समय कुछ सामान्य गलतियाँ करते हैं। इन गलतियों से बचने के लिए नीचे दिए बिंदुओं को ध्यान से पढ़ें।

  • संधि प्रकार भ्रम: संधि का प्रकार गलत पहचानना और गलत विच्छेद करना।
  • मूल रूप गलती: मूल शब्दों के गलत रूप लिखना (तन्मय → तत् + मय ✅, तत + मय ❌)।
  • विसर्ग भूल: विसर्ग संधि में विसर्ग लगाना भूल जाना (नमस्ते → नम + ते ❌, नमः + ते ✅)।
  • अनावश्यक विभाजन: जहाँ संधि नहीं है, वहाँ गलत विभाजन करना।
  • नियम व्युत्क्रम भूल: संधि नियमों के व्युत्क्रम को न समझना।

8. परीक्षा उपयोगी तथ्य

  • MCQ हेतु: "संधि विच्छेद संधि की विपरीत प्रक्रिया है" यह बात याद रखें।
  • रिक्त स्थान हेतु: "नमस्ते का संधि विच्छेद _____ है" - यहाँ "नमः + ते" सही उत्तर है।
  • एक-शब्द उत्तर: संधि विच्छेद की परिभाषा: "संधि-बद्ध शब्द को मूल रूपों में विभाजित करना।"
  • विशेष तथ्य: कुछ शब्दों में एक से अधिक संधियाँ होती हैं, उनका विच्छेद भी एक से अधिक चरणों में होता है।
  • तुलना हेतु: संधि = शब्दों का मिलन, संधि विच्छेद = शब्दों का विभाजन।

9. 🎯 संधि विच्छेद - समझ की जाँच

नीचे दिए गए 10 प्रश्न संधि विच्छेद की आपकी समझ को परखेंगे। ये प्रश्न सीधे परीक्षा पैटर्न पर आधारित हैं।

1. "सच्चिदानंद" का संधि विच्छेद कीजिए और बताइए कि इसमें कितनी संधियाँ हैं?

उत्तर:
संधि विच्छेद: सच्चिदानंद → सत् + चित् + आनंद

विच्छेद विश्लेषण:
1. पहला विच्छेद: सच्चिदानंद → सच्चित् + आनंद
- संधि प्रकार: व्यंजन संधि (अनुनासिक)
- परिवर्तन: त् + आ = दा

2. दूसरा विच्छेद: सच्चित् → सत् + चित्
- संधि प्रकार: श्चुत्व संधि
- परिवर्तन: त् + चि = च्चि

कुल संधियाँ: दो संधियाँ
1. श्चुत्व संधि: सत् + चित् = सच्चित्
2. अनुनासिक संधि: सच्चित् + आनंद = सच्चिदानंद

अर्थ: सत्य + चेतना + आनंद = परमात्मा
यह एक जटिल संधि विच्छेद का उत्कृष्ट उदाहरण है।

2. "तेजोज्ज्वल" का संधि विच्छेद कीजिए और बताइए कि इसमें कौन-सी संधि है?

उत्तर:
संधि विच्छेद: तेजोज्ज्वल → तेजः + उज्ज्वल

विच्छेद विश्लेषण:
1. पहला विच्छेद: तेजोज्ज्वल → तेजो + उज्ज्वल
- परन्तु यह गलत है क्योंकि "तेजो" मूल रूप नहीं है

2. सही विच्छेद: तेजोज्ज्वल → तेजः + उज्ज्वल
- संधि प्रकार: विसर्ग → 'ओ' संधि
- परिवर्तन: ः + उ = ओ

संधि प्रकार: विसर्ग संधि (विसर्ग → 'ओ' संधि)

विशेष बात:
"तेजोज्ज्वल" में दो संधियाँ हैं:
1. तेजः + उ = तेजो (विसर्ग संधि)
2. तेजो + उज्ज्वल = तेजोज्ज्वल (उ + उ = ओज्ज - स्वर संधि)

अर्थ: तेजः (तेज) + उज्ज्वल (चमकीला) = अत्यधिक तेजस्वी

3. "विद्यार्थी" का संधि विच्छेद कीजिए। क्या यह "विद्या" और "अर्थी" का मेल है?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल सही!

संधि विच्छेद: विद्यार्थी → विद्या + अर्थी

विच्छेद विश्लेषण:
- मूल शब्द: विद्या + अर्थी
- संधि: विद्या + अर्थी = विद्यार्थी
- संधि प्रकार: स्वर संधि (दीर्घ संधि)
- परिवर्तन: आ + अ = आ

विशेष बात:
1. "अर्थी" का अर्थ है "चाहने वाला"
2. इसलिए "विद्यार्थी" = विद्या चाहने वाला
3. यह "छात्र" का पर्यायवाची है

ध्यान दें:
कुछ लोग "विद्यार्थी" को "विद्या + अर्थ" समझने की गलती करते हैं, पर सही है "विद्या + अर्थी"।
"अर्थी" प्रत्यय है जिसका अर्थ "चाहने वाला" है।

4. "उच्छेद" का संधि विच्छेद कीजिए। क्या इसमें व्यंजन संधि है?

उत्तर:
संधि विच्छेद: उच्छेद → उत् + छेद

विच्छेद विश्लेषण:
- मूल शब्द: उत् + छेद
- संधि: उत् + छेद = उच्छेद
- संधि प्रकार: व्यंजन संधि (ष्टुत्व संधि)
- परिवर्तन: त् + छ = च्छ

हाँ, इसमें व्यंजन संधि है:
1. संधि प्रकार: ष्टुत्व संधि
2. नियम: त्/थ्/द्/ध् + छ/छ/ज/झ = च्छ/च्छ/ज्ज/झ्झ
3. इस मामले में: त् + छ = च्छ

अर्थ: उच्छेद = उत् (सम्पूर्ण) + छेद (काटना) = पूर्णतः नष्ट करना

विशेष बात:
"उच्छेद" एक शक्तिशाली शब्द है जो पूर्ण विनाश का भाव देता है।

5. "परोपकार" का संधि विच्छेद कीजिए। क्या यह "पर" और "उपकार" का मेल है?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल सही!

संधि विच्छेद: परोपकार → पर + उपकार

विच्छेद विश्लेषण:
- मूल शब्द: पर + उपकार
- संधि: पर + उपकार = परोपकार
- संधि प्रकार: स्वर संधि (गुण संधि)
- परिवर्तन: र (अंत में अकार) + उ = रो

संधि का नियम:
- अ/आ + उ/ऊ = ओ (गुण संधि)
- इस मामले में: पर (र अंत में अकार है) + उ = परो

अर्थ: परोपकार = पर (दूसरों) + उपकार (भलाई) = दूसरों की भलाई

विशेष बात:
"परोपकार" एक महत्वपूर्ण मूल्य है जो स्वार्थ रहित सेवा को दर्शाता है।

6. "निष्फल" का संधि विच्छेद कीजिए। क्या इसमें विसर्ग संधि है?

उत्तर:
संधि विच्छेद: निष्फल → निः + फल

विच्छेद विश्लेषण:
- मूल शब्द: निः + फल
- संधि: निः + फल = निष्फल
- संधि प्रकार: विसर्ग संधि (विसर्ग → 'स' संधि)
- परिवर्तन: ः + फ = ष्फ

हाँ, इसमें विसर्ग संधि है:
1. संधि प्रकार: विसर्ग → 'स' संधि
2. नियम: विसर्ग + क/ख/प/फ = स् + क/ख/प/फ
3. इस मामले में: ः + फ = ष्फ

अर्थ: निष्फल = निः (बिना) + फल (परिणाम) = बिना परिणाम का, व्यर्थ

विशेष बात:
"निष्फल" एक सामान्य प्रयोग का शब्द है जो असफलता या व्यर्थता को दर्शाता है।

7. "एकैक" का संधि विच्छेद कीजिए। क्या यह "एक" और "एक" का मेल है?

उत्तर: हाँ, बिल्कुल सही!

संधि विच्छेद: एकैक → एक + एक

विच्छेद विश्लेषण:
- मूल शब्द: एक + एक
- संधि: एक + एक = एकैक
- संधि प्रकार: स्वर संधि (वृद्धि संधि)
- परिवर्तन: एक (ए स्वर) + एक (ए स्वर) = एकैक
- तकनीकी रूप: ए + ए = ऐ (वृद्धि संधि)

संधि का नियम:
- अ/आ + ए/ऐ/ओ/औ = आ/ऐ/औ (वृद्धि संधि)
- इस मामले में: ए + ए = ऐ

अर्थ: एकैक = एक + एक = एक के बाद एक, क्रमिक

विशेष बात:
"एकैक" का प्रयोग अक्सर "एक-एक" के स्थान पर किया जाता है जब क्रमिकता का भाव दर्शाना हो।

8. "महात्मा" और "महानुभाव" में क्या अंतर है? दोनों का संधि विच्छेद कीजिए।

उत्तर:
महात्मा का विच्छेद:
- मूल शब्द: महा + आत्मा
- संधि: महा + आत्मा = महात्मा
- संधि प्रकार: स्वर संधि (दीर्घ संधि)
- अर्थ: महान आत्मा वाला

महानुभाव का विच्छेद:
- मूल शब्द: महा + अनुभाव
- संधि: महा + अनुभाव = महानुभाव
- संधि प्रकार: स्वर संधि (दीर्घ संधि)
- अर्थ: महान अनुभव वाला

अंतर:
1. मूल शब्द: महात्मा → आत्मा, महानुभाव → अनुभाव
2. अर्थ: महान आत्मा vs महान अनुभव
3. प्रयोग: महात्मा (विशिष्ट व्यक्ति), महानुभाव (आदरसूचक संबोधन)

समानता:
दोनों में "महा" उपसर्ग है और दोनों में दीर्घ संधि हुई है।

9. "इत्यादि" का संधि विच्छेद कीजिए। क्या यह यण संधि का उदाहरण है?

उत्तर:
संधि विच्छेद: इत्यादि → इति + आदि

विच्छेद विश्लेषण:
- मूल शब्द: इति + आदि
- संधि: इति + आदि = इत्यादि
- संधि प्रकार: स्वर संधि (यण संधि)
- परिवर्तन: इ + आ = य

हाँ, यह यण संधि का उदाहरण है:
1. संधि प्रकार: यण संधि
2. नियम: इ/ई/उ/ऊ/ऋ + भिन्न स्वर = य/व/र/ल
3. इस मामले में: इ + आ = य

अर्थ: इत्यादि = इति (इतना) + आदि (और) = और इतना, आदि

विशेष बात:
"इत्यादि" एक बहुप्रचलित शब्द है जो सूची को जारी रखने का भाव देता है।
उदाहरण: "पुस्तकें, कॉपियाँ, पेन इत्यादि ले आओ।"

10. संधि और संधि विच्छेद में मुख्य अंतर बताइए और प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर:
मुख्य अंतर:
1. दिशा: संधि = मिलन की प्रक्रिया, संधि विच्छेद = विभाजन की प्रक्रिया
2. कार्य: संधि = शब्दों को जोड़ना, संधि विच्छेद = शब्दों को तोड़ना
3. नियम: संधि = सीधे नियम, संधि विच्छेद = व्युत्क्रम नियम

संधि का उदाहरण:
- मूल: देव + आलय
- संधि: देवालय
- प्रक्रिया: मिलाना
- नियम: आ + आ = आ (दीर्घ संधि)

संधि विच्छेद का उदाहरण:
- मूल: देवालय
- विच्छेद: देव + आलय
- प्रक्रिया: तोड़ना
- नियम: देवालय में "वा" को देखकर समझना कि यह "व" + "आ" का मेल है

सरल भाषा में:
संधि = 2 + 2 = 4
संधि विच्छेद = 4 = 2 + 2

याद रखने की ट्रिक:
"संधि जोड़े, विच्छेद तोड़े, दोनों विपरीत काम करें,
भाषा की संरचना को, दोनों ही सही ढंग से समझाएँ।"

10. सारांश

संधि विच्छेद हिंदी व्याकरण का वह विश्लेषणात्मक पक्ष है जो भाषा की संरचना को गहराई से समझने में मदद करता है। हमने सीखा कि संधि विच्छेद संधि की विपरीत प्रक्रिया है जिसमें संधि-बद्ध शब्दों को उनके मूल रूपों में विभाजित किया जाता है। संधि विच्छेद के मुख्यतः चार प्रकार हैं: स्वर संधि विच्छेद, व्यंजन संधि विच्छेद, विसर्ग संधि विच्छेद और मिश्रित संधि विच्छेद। कक्षा 8-9 के स्तर पर इन नियमों को समझना, उदाहरणों के माध्यम से विच्छेद करना और संधि के साथ विच्छेद के संबंध को जानना ही पर्याप्त है। संधि विच्छेद का ज्ञान न सिर्फ हमारी भाषाई क्षमता को निखारता है बल्कि हमें भाषा की आंतरिक संरचना और वैज्ञानिक आधार से भी परिचित कराता है।

11. संबंधित विषय संकेत

संधि विच्छेद का ज्ञान प्राप्त करने के बाद अब अगला तार्किक कदम है: समास परिचय

📝 संधि विच्छेद - अभ्यास कार्यपत्रक

इस विषय से संबंधित वर्कशीट में आपको संधि विच्छेद करने, विभिन्न प्रकार की संधियों का विच्छेद करने और जटिल शब्दों का विश्लेषण करने के अभ्यास मिलेंगे।

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