क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि कुछ वाक्य आपस में जुड़े होते हैं, जैसे "जो मेहनत करता है, वह सफल होता है"? यहाँ 'जो' और 'वह' शब्द दो अलग-अलग वाक्यों को एक सूत्र में पिरो देते हैं। ये कोई साधारण सर्वनाम नहीं हैं, बल्कि संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronouns) हैं। ये भाषा के वे महत्वपूर्ण सूत्रधार हैं जो विचारों को जोड़कर जटिल और सार्थक वाक्य बनाते हैं।
✅ उपयुक्त कक्षाएँ: कक्षा 6–7 (परिचय) | कक्षा 8–9 (प्रयोग) | कक्षा 10–12 (साहित्यिक व जटिल वाक्य)
1. संबंधवाचक सर्वनाम का परिचय
कल्पना कीजिए आप कहना चाहते हैं: "लड़का पढ़ रहा है। वह लड़का मेरा भाई है।" ये दो अलग वाक्य हैं। अब देखिए इन्हें कैसे जोड़ा जा सकता है: "जो लड़का पढ़ रहा है, वह मेरा भाई है।" या "वह लड़का जो पढ़ रहा है, मेरा भाई है।" यहाँ 'जो' और 'वह' ने दोनों वाक्यों के बीच एक संबंध बना दिया है। 'जो' शब्द पहले वाक्यांश में आया है और 'वह' दूसरे में, पर दोनों एक ही व्यक्ति (लड़का) की ओर इशारा कर रहे हैं। यही संबंधवाचक सर्वनाम का काम है - पहले वाक्य/वाक्यांश के किसी शब्द को दूसरे वाक्य/वाक्यांश से जोड़ना।
यह हमारी रोज़ की भाषा में भी बहुत प्रचलित है। जब आप कहते हैं, "जिस किताब की मैं बात कर रहा था, वह यहाँ है," या "जो तुमने कहा, वह सही है," तो आप अनजाने में ही संबंधवाचक सर्वनाम का प्रयोग कर रहे होते हैं। ये शब्द वाक्यों को अतिरिक्त जानकारी देने और उन्हें प्रवाहमय बनाने में मदद करते हैं।
2. परिभाषा
परिभाषा: वे सर्वनाम शब्द जो दो वाक्यों या वाक्यांशों को आपस में जोड़ने (संबंध स्थापित करने) का काम करते हैं, संबंधवाचक सर्वनाम (Relative Pronouns) कहलाते हैं। ये शब्द एक वाक्य के किसी संज्ञा या सर्वनाम का संदर्भ लेकर दूसरे वाक्य में उससे संबंध जोड़ते हैं। हिंदी में इनके मुख्य शब्द हैं - जो, सो, वह (विशेष अर्थ में)। प्रायः 'जो' पहले वाक्य में आता है और 'सो' या 'वह' दूसरे में, पर यह आवश्यक नहीं है।
3. मुख्य बिंदु / पहचान
संबंधवाचक सर्वनाम की पहचान का सबसे आसान तरीका यह है कि वाक्य में देखें कि क्या कोई शब्द दो खंडों (Clauses) को जोड़ रहा है और उनमें एक ही व्यक्ति/वस्तु की बात हो रही है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं:
- संयोजक का कार्य: ये दो वाक्यों या वाक्यांशों को जोड़ते हैं और उनके बीच एक संबंध स्थापित करते हैं। जैसे: "वह लड़की जो गा रही है, मेरी सहेली है।"
- पूर्वसर्गी (Antecedent): इनका सदैव एक पूर्वसर्गी (पहले आने वाला संदर्भ शब्द) होता है। 'जो' शब्द उस पूर्वसर्गी (जैसे 'लड़की') की ओर संकेत करता है जिसकी चर्चा बाद में 'वह' या 'सो' से होगी या पहले ही हो चुकी है।
- जोड़ी में प्रयोग: अक्सर ये जोड़ी (Pair) में प्रयुक्त होते हैं - एक शब्द पहले खंड में ('जो', 'जिसने') और दूसरा शब्द दूसरे खंड में ('वह', 'सो', 'उसने')। जैसे: जो करेगा सो भरेगा।
- लिंग-वचन का मेल: संबंधवाचक सर्वनाम का लिंग और वचन उसके पूर्वसर्गी (Antecedent) के लिंग और वचन के अनुसार होता है। जैसे: "जो लड़के आए थे, वे मेरे मित्र हैं।" (बहुवचन)
4. प्रमुख शब्द, रूप व प्रयोग
संबंधवाचक सर्वनाम का मूल शब्द 'जो' है। यह 'जिस', 'जिन' आदि रूप लेता है। इसकी जोड़ी में प्रायः 'सो' या 'वह' आता है। नीचे दी गई तालिका इनके प्रयोग को दर्शाती है:
| संबंधवाचक सर्वनाम (पहला खंड) | संबंधित सर्वनाम (दूसरा खंड) | प्रयोग का नियम / उदाहरण |
|---|---|---|
| जो (एकवचन/बहुवचन) | सो, वह, वे | जो सोचता है, सो होता है। जो लड़की आई, वह पढ़ती है। |
| जिसने (कर्ता, एकवचन) | उसने, वह | जिसने यह किया, उसने अच्छा किया। |
| जिसका/जिसकी/जिसके (संबंध) | उसका/उसकी/उसके, वह | जिसकी किताब गिरी, वह रोने लगी। |
| जिन्होंने (कर्ता, बहुवचन) | उन्होंने, वे | जिन्होंने मेहनत की, वे सफल हुए। |
| जहाँ (स्थान) | वहाँ | जहाँ धुआँ है, वहाँ आग है। |
| जैसा (रीति) | वैसा | जैसा बोओगे, वैसा काटोगे। |
विशेष नोट: आधुनिक हिंदी में अक्सर 'सो' की जगह 'वह' का प्रयोग होता है। 'जहाँ', 'जैसा' आदि को कुछ विद्वान संबंधवाचक क्रियाविशेषण मानते हैं, लेकिन सामान्य पाठ्यक्रम में ये संबंधवाचक सर्वनाम के ही रूप माने जाते हैं क्योंकि ये दो खंडों को जोड़ते हैं और संज्ञा की जगह नहीं लेते, बल्कि स्थान/रीति की जगह लेते हैं।
5. उदाहरण
विभिन्न प्रकार के संबंधवाचक सर्वनामों के प्रयोग को निम्नलिखित वाक्यों से समझिए:
- उदाहरण 1 (मूल 'जो-वह'): जो विद्यार्थी मेहनत करते हैं, वे अवश्य सफल होते हैं।
- उदाहरण 2 (कर्ता के लिए 'जिसने'): जिसने यह चित्र बनाया, वह बहुत प्रतिभाशाली है। उदाहरण 3 (संबंध के लिए 'जिसका'): जिसका बेटा डॉक्टर है, वह बहुत गर्व महसूस करता है। उदाहरण 4 (स्थान के लिए 'जहाँ'): जहाँ नदी बहती है, वहाँ हरियाली होती है। उदाहरण 5 (रीति के लिए 'जैसा'): मैंने वही किया जैसा तुमने कहा था। (यहाँ 'जैसा' दूसरे खंड में आया है।)
6. प्रयोग के विशेष नियम
संबंधवाचक सर्वनाम का प्रयोग करते समय दो सबसे महत्वपूर्ण नियमों का पालन करना चाहिए: पूर्वसर्गी का मेल और जोड़ी का सही प्रयोग।
नियम 1 (पूर्वसर्गी का मेल): संबंधवाचक सर्वनाम ('जो' आदि) का लिंग और वचन हमेशा उसके पूर्वसर्गी (Antecedent) के लिंग और वचन के अनुरूप होना चाहिए जिस व्यक्ति या वस्तु की वह ओर इशारा कर रहा है।
गलत: जो लड़कियाँ आई थी, वह खेल रही हैं।
सही: जो लड़कियाँ आई थीं, वे खेल रही हैं। (लड़कियाँ - बहुवचन, स्त्रीलिंग)
नियम 2 (जोड़ी का सही चयन): यदि पहले खंड में 'जो', 'जिसने', 'जिसका' आदि आया है, तो दूसरे खंड में उसी के अनुरूप 'वह', 'उसने', 'उसका' आदि आना चाहिए।
गलत: जिसने यह किया, वे बहादुर है। ('जिसने' एकवचन है, 'वे' बहुवचन)
सही: जिसने यह किया, वह बहादुर है।
7. सामान्य भ्रम व सावधानियाँ
सबसे बड़ा भ्रम संबंधवाचक सर्वनाम और संकेतवाचक या अन्य पुरुष के सर्वनाम 'वह' के बीच होता है। संदर्भ देखकर ही पहचान करें।
- भ्रम 1 - 'वह' कब संबंधवाचक है?: 'वह' तभी संबंधवाचक सर्वनाम माना जाएगा जब वह किसी दूसरे खंड में आए 'जो' या उसके रूपों से जुड़ा हुआ हो। अन्यथा वह साधारण संकेतवाचक या पुरुषवाचक सर्वनाम है।
• संबंधवाचक: जो लड़का आया, वह मेरा भाई है। (यहाँ 'वह' 'जो' से जुड़ा है।)
• संकेतवाचक: वह मेरा भाई है। (यहाँ 'वह' अकेला है, किसी 'जो' से जुड़ा नहीं।) - भ्रम 2 - 'जो' का अकेला प्रयोग: कभी-कभी 'जो' का प्रयोग केवल एक वाक्य में भी होता है, लेकिन तब भी उसका एक पूर्वसर्गी (Antecedent) होता है जो वाक्य में पहले या बाद में आता है। जैसे: "मैंने जो किताब खरीदी, वह बहुत अच्छी है।" यहाँ 'जो' का पूर्वसर्गी 'किताब' है जो बाद में आया है।
- सावधानी - आधुनिक प्रयोग: आधुनिक हिंदी में 'सो' का प्रयोग कम हो गया है, उसकी जगह 'वह' का प्रयोग अधिक होता है। लेकिन लोकोक्तियों और साहित्यिक भाषा में 'सो' आम है। जैसे: "जाको राखे साइयाँ, मार सके न कोय।"
8. परीक्षा उपयोगी तथ्य
- MCQ हेतु: संबंधवाचक सर्वनाम के मुख्य शब्द - जो, सो, वह (जोड़ी में)। 'जहाँ', 'जैसा' भी इसमें शामिल हैं।
- रिक्त स्थान हेतु: यदि वाक्य के दो खंड हैं और उनमें एक ही व्यक्ति/वस्तु की बात हो रही है, तो रिक्त स्थान में संबंधवाचक सर्वनाम ('जो', 'जिसने' आदि) या उसकी जोड़ी ('वह', 'सो' आदि) आएगा।
- पहचान वाले प्रश्न: "दिए गए वाक्य में संबंधवाचक सर्वनाम कौन-सा है?" ऐसे प्रश्न में 'जो', 'सो', 'वह' (जोड़ी में) को ढूँढ़ें।
- वाक्य जोड़ने हेतु: अक्सर दो साधारण वाक्यों को जोड़कर एक मिश्रित वाक्य बनाने के लिए संबंधवाचक सर्वनाम का प्रयोग करना पड़ता है। जैसे: "वह लड़की गा रही है। वह मेरी सहेली है।" → "जो लड़की गा रही है, वह मेरी सहेली है।"
- एक-शब्द उत्तर: "वे सर्वनाम जो दो वाक्यों को जोड़ते हैं, क्या कहलाते हैं?" – उत्तर: संबंधवाचक सर्वनाम।
9. 🎯 संबंधवाचक सर्वनाम - 10 चुनौतीपूर्ण प्रश्न
नीचे दिए गए प्रश्नों में आपको संबंधवाचक सर्वनाम की पहचान करनी है, सही जोड़ी चुननी है या वाक्यों को जोड़ना है।
1. "______ परिश्रम करेगा, ______ फल पाएगा।" रिक्त स्थानों के लिए सही जोड़ी क्या होगी? (क) जो-वह (ख) जिसने-उसने (ग) जो-सो
2. निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'वह' शब्द संबंधवाचक सर्वनाम के रूप में प्रयुक्त हुआ है?
(क) वह एक अच्छा लड़का है।
(ख) जो लड़का कल आया था, वह मेरा भाई है।
(ग) मैंने वह किताब पढ़ी।
3. "______ लड़कियाँ खेल रही हैं, ______ मेरी सहपाठिनें हैं।" रिक्त स्थानों के लिए सही जोड़ी क्या होगी? (क) जो-वह (ख) जो-वे (ग) जिन्होंने-उन्होंने
4. संबंधवाचक सर्वनाम का मुख्य कार्य क्या है? (क) प्रश्न पूछना (ख) संकेत करना (ग) दो वाक्यों को जोड़ना (घ) अनिश्चय दिखाना
5. "______ चोर ने चोरी की, ______ पुलिस ने पकड़ा।" रिक्त स्थानों के लिए सही जोड़ी क्या होगी?
6. कौन-सा वाक्य संबंधवाचक सर्वनाम के गलत प्रयोग को दर्शाता है?
(क) जो फल मीठा हो, वह बिक जाता है।
(ख) जिसकी लाठी, उसकी भैंस।
(ग) जो किताबें मेज़ पर है, वह नई है।
7. "______ नदी बहती है, ______ जीवन होता है।" रिक्त स्थानों के लिए सही जोड़ी क्या होगी? (क) जहाँ-वहाँ (ख) जैसा-वैसा (ग) जो-वह
8. संबंधवाचक सर्वनाम की परिभाषा पूरी करें: "वे सर्वनाम शब्द जो दो वाक्यों को आपस में ______ का काम करते हैं।"
9. दो वाक्यों को जोड़ें: "वह आदमी बहुत दयालु है। उसने मेरी मदद की।"
10. "जैसी करनी ______ फल।" लोकोक्ति को पूरा करने के लिए सही शब्द क्या होगा? (क) वैसी (ख) वैसा (ग) सो
10. सारांश
संबंधवाचक सर्वनाम भाषा के वे सुंदर सूत्र हैं जो अलग-अलग विचारों और तथ्यों को जोड़कर एक सुसंगत और प्रवाहमय वाक्य बनाते हैं। 'जो' इसका मूल शब्द है जो 'सो' या 'वह' के साथ मिलकर काम करता है। ये न सिर्फ वाक्यों को जोड़ते हैं बल्कि उनके बीच तार्किक संबंध भी स्थापित करते हैं, चाहे वह व्यक्ति का हो ('जो-वह'), स्थान का हो ('जहाँ-वहाँ') या रीति का हो ('जैसा-वैसा')। इनके बिना भाषा में जटिल विचारों को व्यक्त करना कठिन हो जाता है।
11. संबंधित विषय संकेत
संबंधवाचक सर्वनाम ('जो', 'वह') निश्चित व्यक्ति/वस्तु के बारे में बात करते हैं। लेकिन सर्वनाम में ऐसे शब्द भी हैं जो अनिश्चितता व्यक्त करते हैं, जैसे 'कोई' या 'कुछ'। ये शब्द स्पष्ट रूप से किसी एक की ओर संकेत नहीं करते। आगे पढ़ें: अनिश्चयवाचक सर्वनाम।
📝 संबंधवाचक सर्वनाम अभ्यास वर्कशीट
'जो', 'सो', 'वह' की जोड़ी, पहचान और वाक्य जोड़ने पर आधारित विशेष अभ्यास प्रश्न।
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