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भावानुसार विलोम शब्द – परिभाषा, प्रकार, उपयोग और उदाहरण (Bhavanusar Vilom Shabd – Contextual Antonyms) | GPN

सामग्री अंतिम बार अपडेट की गई: 1 JULY 2026

क्या आप जानते हैं कि 'क्रोध' का विलोम केवल 'शांत' नहीं है – यह 'क्षमा', 'सहनशीलता', या 'प्रेम' भी हो सकता है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि क्रोध की तीव्रता और संदर्भ क्या है? 'क्रोध' का विपरीत 'प्रेम' हो सकता है यदि हम भावनात्मक स्तर पर तुलना करें – और 'शांत' अगर हम मानसिक स्थिति की बात करें। हिंदी व्याकरण में भावानुसार विलोम (Contextual Antonyms based on Emotion) वे विलोम शब्द हैं जो किसी भावना, मनोदशा, या भाव के संदर्भ में विपरीतता को व्यक्त करते हैं – और एक ही शब्द के अलग-अलग विलोम हो सकते हैं, जो उसके प्रयोग के अनुसार बदलते हैं। यह विलोम श्रृंखला की अंतिम कड़ी है – कक्षा 9‑10 के छात्रों के लिए बनाई गई है – जहाँ हम समझेंगे कि किसी भी भावनात्मक शब्द का सही विलोम कैसे चुनें – और साथ ही 100 से अधिक भावानुसार विलोम शब्दों की सूची भी प्रस्तुत करेंगे – ताकि आपकी भाषा और भी शुद्ध, सटीक और भावपूर्ण हो।

✅ अनुशंसित: कक्षा 9-10 | CBSE एवं UP Board



1. भावानुसार विलोम – परिचय एवं महत्व

भावानुसार विलोम (Contextual Antonyms based on Emotion) वे विलोम शब्द हैं जो किसी भावना, मनोदशा, या भाव के संदर्भ में विपरीतता को व्यक्त करते हैं – और एक ही शब्द के अलग-अलग विलोम हो सकते हैं, जो उसके प्रयोग के संदर्भ पर निर्भर करते हैं।

भावानुसार विलोम की सरल परिभाषा: “जब किसी शब्द के विलोम का चयन भावना या संदर्भ के अनुसार किया जाता है – और एक ही शब्द के कई विलोम हो सकते हैं – तो उसे भावानुसार विलोम कहते हैं।”

उदाहरण –
  • 'क्रोध' का विलोम – 'शांत' (मानसिक स्थिति) या 'प्रेम' (भावनात्मक स्तर)
  • 'हर्ष' का विलोम – 'शोक' (दुख) या 'उदासी' (मनोदशा)
  • 'प्रेम' का विलोम – 'घृणा' (भावना) या 'उदासीनता' (भावनात्मक स्तर)
  • 'आशा' का विलोम – 'निराशा' (भावना) या 'अविश्वास' (संदेह)

भावानुसार विलोम शब्दों का ज्ञान भाषा को भावपूर्ण, सटीक और प्रभावी बनाता है – और साहित्य, कविता, और निबंध लेखन में बहुत उपयोगी होता है।

2. भावनाओं के आधार पर विलोम शब्द

विभिन्न भावनाओं के आधार पर विलोम शब्दों को श्रेणीवार समझते हैं –

भावना विलोम भावना उदाहरण (शब्द-विलोम)
प्रेमघृणा / विद्वेषप्रेम – घृणा
स्नेहकठोरता / निर्दयतास्नेह – निर्दयता
हर्षशोक / विषादहर्ष – शोक
आनंददुख / पीड़ाआनंद – दुख
आशानिराशा / हताशाआशा – निराशा
विश्वासअविश्वास / संदेहविश्वास – अविश्वास
साहसभय / कायरतासाहस – भय
क्रोधशांत / क्षमाक्रोध – शांत
ईर्ष्याउदारता / प्रसन्नताईर्ष्या – उदारता
गर्वविनम्रता / नम्रतागर्व – विनम्रता
शांतिअशांति / उथल-पुथलशांति – अशांति
संतोषअसंतोष / लालचसंतोष – असंतोष

3. प्रमुख शब्दों के भावानुसार विलोम

कुछ प्रमुख शब्द और उनके भावानुसार विलोम –

शब्द संदर्भ (भाव) विलोम उदाहरण वाक्य
प्रेम भावनात्मक घृणा "प्रेम और घृणा दो विपरीत भावनाएँ हैं।"
प्रेम मानसिक (उदासीनता) उदासीनता "प्रेम से उदासीनता बड़ी चुनौती है।"
क्रोध मानसिक स्थिति शांत "क्रोध में शांत रहना मुश्किल है।"
क्रोध भावना (क्षमा) क्षमा "क्रोध की जगह क्षमा करो।"
आशा भावना निराशा "आशा और निराशा का संघर्ष।"
आशा संदेह अविश्वास "आशा से अविश्वास अधिक दुख देता है।"
साहस मनोदशा भय "साहस और भय आपस में विपरीत हैं।"
गर्व अहंकार विनम्रता "गर्व की जगह विनम्रता अच्छी है।"

4. भावानुसार विलोम की पहचान – ट्रिक्स

भावानुसार विलोम शब्दों को पहचानने के लिए कुछ आसान ट्रिक्स

  • ट्रिक 1 – संदर्भ (प्रसंग) देखें: 'क्रोध' का विलोम 'शांत' है यदि मानसिक स्थिति की बात करें, और 'क्षमा' है यदि भावनात्मक प्रतिक्रिया की बात करें – संदर्भ महत्वपूर्ण है।
  • ट्रिक 2 – विपरीत भावना सोचें: 'प्रेम' का विपरीत 'घृणा' है, पर 'उदासीनता' भी हो सकती है – भावना का स्तर देखें।
  • ट्रिक 3 – वाक्य का भाव देखें: वाक्य में जो भावना प्रमुख है, उसके विपरीत विलोम चुनें – 'हर्ष' के लिए 'शोक' या 'उदासी'।
  • ट्रिक 4 – भावनात्मक तीव्रता देखें: 'क्रोध' की तीव्रता अधिक हो तो विलोम 'क्षमा' हो सकता है – कम हो तो 'शांत'।
ट्रिक – याद रखें:प्रसंग देखो, भाव देखो, तीव्रता देखो – विलोम चुनो, सही प्रयोग करो। 'क्रोध' – शांत या क्षमा – संदर्भ के अनुसार – यही भावानुसार विलोम का सरल सूत्र।”

5. भावानुसार विलोम – सूची (100+)

नीचे 100 से अधिक प्रमुख भावानुसार विलोम शब्द दिए गए हैं – श्रेणीवार और संदर्भ के साथ – जो कक्षा 9-10 के छात्रों को अवश्य याद करने चाहिए। इस सूची को उत्तर देखें बटन पर क्लिक करके खोल सकते हैं – और जब चाहें बंद भी कर सकते हैं।

📚 100+ भावानुसार विलोम शब्द – संपूर्ण सूची 6 श्रेणियाँ

💞 प्रेम-घृणा एवं स्नेह

  • प्रेम – घृणा (भावना), उदासीनता (मानसिक), विद्वेष (तीव्र)
  • स्नेह – निर्दयता, कठोरता, अरुचि
  • ममता – निर्ममता, कठोरता
  • अनुराग – विराग, वैराग्य
  • प्रीति – द्वेष, शत्रुता
  • आसक्ति – विरक्ति, अलगाव
  • वात्सल्य – कठोरता, उपेक्षा

😊 हर्ष-शोक एवं आनंद-दुख

  • हर्ष – शोक, विषाद, उदासी, दुख
  • आनंद – दुख, पीड़ा, कष्ट, अवसाद
  • उल्लास – अवसाद, उदासी, निरुत्साह
  • प्रसन्नता – अप्रसन्नता, नाराज़गी, रुष्टता
  • संतोष – असंतोष, लालच, तृष्णा
  • मोद – अमोद, विरक्ति, अरुचि
  • खुशी – उदासी, गम, दुख
  • प्रफुल्लता – उदासी, सुस्ती, अप्रफुल्लता

🔮 आशा-निराशा एवं विश्वास

  • आशा – निराशा, हताशा, मायूसी, अविश्वास
  • विश्वास – अविश्वास, संदेह, शंका, दुविधा
  • भरोसा – बेवफ़ाई, धोखा, अविश्वास
  • प्रत्याशा – अनाशा, निराशा, निरुत्साह
  • आकांक्षा – निराकांक्षा, उदासीनता, तृप्ति
  • उत्साह – निरुत्साह, आलस्य, उदासी
  • साहस – भय, कायरता, डर, दहशत

😡 क्रोध-क्षमा एवं शांति

  • क्रोध – शांत (मानसिक), क्षमा (भावनात्मक), सहनशीलता
  • रोष – क्षमा, शांति, सहनशीलता, मैत्री
  • कोप – प्रसन्नता, कृपा, मधुरता
  • आवेश – संयम, शांति, धीरता
  • क्षोभ – शांति, स्थिरता, धैर्य
  • शांति – अशांति, उथल-पुथल, हंगामा
  • धैर्य – अधैर्य, उतावलापन, बेचैनी

👑 ईर्ष्या-उदारता एवं गर्व-विनम्रता

  • ईर्ष्या – उदारता, प्रसन्नता, खुशी, संतोष
  • असूया – अनुमोदना, प्रशंसा, आनंद
  • द्वेष – प्रेम, मैत्री, स्नेह, सौहार्द
  • गर्व – विनम्रता, नम्रता, सरलता
  • अहंकार – नम्रता, विनय, भक्ति, सेवा
  • घमंड – विनम्रता, सादगी, सरलता
  • उदारता – कंजूसी, स्वार्थ, संकीर्णता

💭 अन्य भावनाएँ

  • दया – क्रूरता, निर्दयता, अमानवीयता
  • क्षमा – दंड, बदला, कठोरता, अक्षमा
  • स्वतंत्रता – परतंत्रता, गुलामी, बंधन
  • स्वाभिमान – अपमान, निरादर, अवमानना
  • आत्मविश्वास – आत्मसंदेह, हीनभावना, डर
  • संकोच – निर्भीकता, बेबाकी, आत्मविश्वास
  • निराशा – उम्मीद, आशा, प्रसन्नता, उत्साह
  • अवसाद – प्रसन्नता, उत्साह, स्फूर्ति, जोश
  • उदासी – हर्ष, प्रसन्नता, खुशी, उल्लास
  • चिंता – निश्चिंतता, बेफ़िक्री, आश्वस्तता
  • भय – साहस, निर्भयता, हिम्मत, बहादुरी
  • डर – साहस, हिम्मत, निर्भयता
  • लालच – संतोष, उदारता, त्याग
  • इच्छा – अनिच्छा, निराकांक्षा, वैराग्य
  • आकांक्षा – निराकांक्षा, संतोष, तृप्ति
  • तृष्णा – शांति, संतोष, निराकांक्षा
  • आलस्य – उत्साह, सक्रियता, परिश्रम
  • सुस्ती – चपलता, फुर्ती, सक्रियता



हल सहित उदाहरण (5)

उदाहरण 1
प्रश्न: “प्रेम” के भावानुसार विलोम शब्द लिखें (दो संदर्भों में)।
उत्तर देखें
उत्तर: भावनात्मक – 'घृणा'; मानसिक/उदासीनता – 'उदासीनता'
व्याख्या: संदर्भ के अनुसार विलोम बदलता है – प्रेम का विपरीत 'घृणा' (भावना) या 'उदासीनता' (मनोवृत्ति) हो सकता है।
उदाहरण 2
प्रश्न: “क्रोध” के भावानुसार विलोम शब्द बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: 'शांत' (मानसिक स्थिति) या 'क्षमा' (भावनात्मक प्रतिक्रिया)
व्याख्या: 'क्रोध' का विलोम संदर्भ पर निर्भर है – मानसिक स्थिति में 'शांत', और भावनात्मक प्रतिक्रिया में 'क्षमा' हो सकता है।
उदाहरण 3
प्रश्न: “आशा” का भावानुसार विलोम क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: 'निराशा' (भावना) या 'अविश्वास' (संदेह)
व्याख्या: आशा का विलोम भावना के स्तर पर 'निराशा' हो सकता है, जबकि संदेह के स्तर पर 'अविश्वास'।
उदाहरण 4
प्रश्न: “साहस” का भावानुसार विलोम शब्द बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: 'भय' या 'कायरता'
व्याख्या: साहस का सीधा विपरीत भय है – जो मनोवैज्ञानिक स्तर पर कायरता है।
उदाहरण 5
प्रश्न: “गर्व” और “ईर्ष्या” के भावानुसार विलोम अलग-अलग बताएँ।
उत्तर देखें
उत्तर: गर्व – विनम्रता; ईर्ष्या – उदारता
व्याख्या: 'गर्व' का विलोम 'विनम्रता' है (अहंकार का विपरीत), 'ईर्ष्या' का विलोम 'उदारता' है (दूसरों की सफलता पर खुश होना)।

अभ्यास प्रश्न (5)

प्रश्न 1
“हर्ष” के भावानुसार विलोम शब्द लिखें (कम-से-कम दो)।
उत्तर देखें
उत्तर: शोक, उदासी, विषाद (संदर्भ के अनुसार)
प्रश्न 2
“विश्वास” का भावानुसार विलोम क्या है?
उत्तर देखें
उत्तर: अविश्वास, संदेह, शंका
प्रश्न 3
“क्रोध” और “आशा” – इन दोनों के विलोम में क्या अंतर है? (संदर्भ के अनुसार)
उत्तर देखें
उत्तर: क्रोध का विलोम शांत या क्षमा हो सकता है; आशा का विलोम निराशा या अविश्वास – दोनों भावनाओं के स्तर पर अलग-अलग हैं।
प्रश्न 4
“उदारता” का भावानुसार विलोम शब्द लिखें।
उत्तर देखें
उत्तर: कंजूसी, स्वार्थ, संकीर्णता
प्रश्न 5
“भावानुसार विलोम” और “सामान्य विलोम” में क्या अंतर है? (एक वाक्य में)
उत्तर देखें
उत्तर: भावानुसार विलोम संदर्भ और भावना के अनुसार बदलता है – एक शब्द के कई विलोम हो सकते हैं – जबकि सामान्य विलोम का एक स्थायी विपरीत होता है।

भावानुसार विलोम – विलोम श्रृंखला का समापन

भावानुसार विलोम विलोम श्रृंखला की अंतिम कड़ी है – यह वह कौशल है जो आपको किसी भी भावनात्मक शब्द के विलोम को संदर्भ के अनुसार चुनने और प्रयोग करने की क्षमता देता है। एक ही शब्द – 'क्रोध' – का विलोम 'शांत' हो सकता है या 'क्षमा' – संदर्भ पर निर्भर करता है। इस पोस्ट में हमने  विलोम अवधारणा और  सामान्य विलोम के साथ भावानुसार विलोम शब्दों के सही चयन, प्रकार, और प्रयोग को विस्तार से समझाया है – अब आप किसी भी भावनात्मक शब्द का विलोम संदर्भ के अनुसार चुन सकते हैं और उसका सही प्रयोग कर सकते हैं।

याद रखें – अभ्यास ही निपुणता की कुंजी है। अपनी दैनिक भाषा और लेखन में भावानुसार विलोम शब्दों के प्रयोग पर ध्यान दें – 'क्रोध' कब 'शांत' है और कब 'क्षमा' – 'आशा' कब 'निराशा' है और कब 'अविश्वास'। नियमित अभ्यास से आप भावानुसार विलोम शब्दों के प्रयोग में निपुण हो जाएंगे – और आपकी हिंदी शुद्ध, प्रभावी और प्रवाहपूर्ण होगी। GPN के साथ सीखते रहें और आगे बढ़ते रहें!

📝 भावानुसार विलोम अभ्यास – कक्षा 9-10

यह इंटरैक्टिव वर्कशीट विलोम श्रृंखला की अंतिम वर्कशीट है। इसमें 30 भावनात्मक शब्द और 15 वाक्य दिए गए हैं – आपको प्रत्येक शब्द के भावानुसार विलोम शब्द (संदर्भ के अनुसार) लिखने हैं और बताना है कि वह किस संदर्भ में उपयुक्त है। साथ ही, कुछ वाक्यों में दिए गए संदर्भ के अनुसार सही विलोम शब्द का चयन करना है। उत्तर कुंजी से स्वयं जाँच कर सकते हैं। यह पूरी तरह ऑनलाइन अभ्यास पत्रिका है – इसे खोलें और अपनी विलोम शब्दों की सम्पूर्ण समझ को परखें।

📖 वर्कशीट खोलें »

उत्तर कुंजी सहित • CBSE एवं UP Board पाठ्यक्रम के अनुरूप



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